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    चॉकलेट का लालच देकर बनाईं बच्चियों की वीडियो, विदेश तक पहुँची बात; रामपुर में CBI की बड़ी कार्रवाई

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 06:15 AM (IST)

    सीबीआई ने रामपुर में बच्चियों के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर पोर्न साइट पर अपलोड करने वाले अली रजा के खिलाफ शिकंजा कसा है। पीड़ित बच्चियों के बयान न्यायालय ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक इमेज

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    HighLights

    1. कमाई के लालच में बच्चियों के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर पोर्न साइट पर किए थे अपलोड

    2. कब्जे में लिए लैपटाप से पोर्न साइट पर अपलोड किए थे आपत्तिजनक वीडियो, फोन से बनाए थे

    जागरण संवाददाता, रामपुर। बच्चियों को बहला-फुसलाने के बाद उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर पोर्न साइट पर अपलोड करने के आरोपित अली रजा के खिलाफ सीबीआई का शिकंजा कसता जा रहा है। उसके खिलाफ पुख्ता सुबूत जुटाने के लिए रामपुर में डेरा डाले सीबीआई की टीम ने सोमवार को बच्चियों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए।

    चाइल्ड पोर्नोग्राफी के प्रकरण को लेकर सीबीआई 30 जून से रामपुर में सक्रिय है। जिन बच्चियों के आपत्तिजनक वीडियो पोर्न साइट पर अपलोड किए गए, उन पीड़ित परिवारों से संपर्क कर सीबीआई ने अब उनके बयान न्यायालय में दर्ज कराने शुरू कर दिए हैं। इस क्रम में सोमवार को बयान दर्ज कराए गए।

    आरोपित को सजा दिलाने में ये बयान अहम साबित होंगे। स्वार निवासी मीट कारोबारी के घर छापेमारी कर सीबीआई ने कई महत्वपूर्ण अभिलेख एकत्र किए थे। कार्रवाई के दौरान कारोबारी के आरोपित बेटे अली रजा का मोबाइल फोन और लैपटाप भी कब्जे में लिया था। लगभग सात घंटे तक पूछताछ के बाद सीबीआइ की टीम लौट गई थी।

    फोन और लैपटाप से जुटाई गई सामग्री की जांच में पुष्टि हो गई थी कि पोर्न साइट पर इनके जरिये ही आपत्तिजनक वीडियो अपलोड किए गए थे। बच्चियों के आपत्तिजनक वीडियो तैयार करने में मोबाइल फोन का इस्तेमाल हुआ था।

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    आरोपित अली रजा छोटी-छोटी बच्चियों को चाॅकलेट आदि दिलाने का लालच देकर बंद कमरे में उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित साइट पर अपलोड करता था। सीबीआई को पोर्न साइट से हुई कमाई के, उसके बैंक खाते में आए आठ हजार रुपये का साक्ष्य भी मिला है।

    इसके बाद सीबीआई ने जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही अली रजा को गिरफ्तार कर रामपुर जेल भेज दिया था। अब तक अली रजा से संबंधित दर्जन भर लोगों से पूछताछ भी कर चुकी है। हालांकि, इस प्रकरण में किसी अन्य के शामिल होने का सुराग अब तक हाथ नहीं लगा है।

    इंटरपोल की सूचना पर सक्रिय हुई सीबीआई

    इंटरपोल की सक्रियता से ही अली रजा सीबीआई के हत्थे चढ़ गया। अगर वह जल्दी नहीं पकड़ा जाता तो कई अन्य बच्चियों को भी अपना शिकार बना लेता। आरोपित ने दो बच्चियों को चाकलेट का लालच देकर अपने जाल में फंसाया था। बंद कमरे में उनकी तीन-चार आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे पोर्न साइट पर अपलोड कर दिया था।

    यह साइट विदेश तक देखी जा रही थी। ऐसी साइट पर नजर रख रही इंटरपोल की जब इस वीडियो पर नजर पड़ी तो वह सक्रिय हो गई। इंटरपोल ने ही सीबीआई को पूरा प्रकरण जांच के लिए भेजा था। इसके बाद सीबीआई ने अली रजा को गिरफ्तार कर अन्य बच्चियों को शोषण से बचा लिया।

    बच्चों के मनोभाव समझें अभिभावक, अपराध के प्रति करें सतर्क

    राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मनोविज्ञान की विभागाध्यक्ष डाॅ. सबीहा परवीन बताती हैं कि मनोविकार से ग्रस्त कोई व्यक्ति आपके आसपास भी हो सकता है। ऐसे में बच्चों को लेकर हमेशा सतर्क रहें। अभिभावकों की सतर्कता से ही इस तरह के अपराधों से बच्चों को बचाया जा सकता है।

    अपने बच्चों के मनोभावों को बारीकी से समझना चाहिए। बच्चों को गलत व सही के बारे में समझाना चाहिए। जिससे कि कुछ भी अस्वाभाविक होने पर वह तुरंत माता-पिता को उसके बारे में बता सकें। दयावती मोदी अकादमी की प्रिंसिपल सुमन तोमर बताती हैं कि स्कूल में भी छोटे बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाया जाता है।

    इससे बच्चे अपराध के प्रति जागरूक होते हैं। साइबर सेल प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि साइबर टीम प्रत्येक बुधवार को स्कूल या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर साइबर अपराध की रोकथाम को गोष्ठी आयोजित करती है। इसमें साइबर अपराध की रोकथाम को टिप्स दिए जाते हैं। चूंकि बच्चे नादान होते हैं इसलिए उनको गलत संगति से बचाने के लिए माता-पिता को सतर्क रहना चाहिए।

    पीड़ित परिवार की मदद को लगाया सपोर्ट पर्सन

    बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अयूब हसन ने बताया कि पास्को से संबंधित मामलों में हाई कोर्ट की ओर से निर्धारित व्यवस्था के तहत समिति की ओर से एक सपोर्ट पर्सन नियुक्त किया जाता है।

    सपोर्ट पर्सन प्रकरण से संबंधित पीड़ित परिवार की काउंसलिंग से लेकर न्यायालय तक हर प्रकार से मदद मुहैया कराता है। अयूब हसन के मुताबिक खासकर जहां संयुक्त परिवार है वहां माता-पिता को अपने बच्चों की लगातार काउंसलिंग करते रहना चाहिए।

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