नियम 3 महीने का, इंतजार 3 साल का: रामपुर जिला उपभोक्ता फोरम में क्यों फंसा है 200 लोगों का इंसाफ?
रामपुर जिला उपभोक्ता फोरम में अध्यक्ष और एक सदस्य का पद रिक्त होने से कोरम पूरा नहीं हो पा रहा है। इससे उपभोक्ताओं के करीब 200 मामले लंबित हैं, जिनमें ...और पढ़ें

उपभोक्ता फोरम न्यायालय रामपुर
HighLights
कोरम पूरा न होने से माह में 15 दिन हो पा रही सुनवाई, अध्यक्ष और सदस्य का एक पद रिक्त
जागरण संवाददाता, रामपुर। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए जिला स्तर पर स्थापित जिला उपभोक्ता फोरम में रिक्त पदों के कारण लंबित वादों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्तमान में जिले में करीब 200 वाद लंबित चल रहे हैं। इनमें कई वाद दो से तीन साल तक पुराने हैं।
कानून के मुताबिक उपभोक्ताओं की शिकायतों का निपटारा तीन महीने में हो जाना चाहिए, लेकिन यहां अध्यक्ष समेत दो पद रिक्त हैं। हालांकि बरेली जिले में स्थापित उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष पर यहां का भी अतिरिक्त प्रभार है। वह 15 दिन यहां वादों की सुनवाई करते हैं और 15 दिन बरेली में बैठकर वाद सुनते हैं।
सदस्य के भी दो पद हैं, जिसमें एक महिला सदस्य ही नियुक्त हैं। पुरुष सदस्य का पद रिक्त है। इसके चलते पूरे माह सुनवाई नहीं हो पाती है।
केस 1-: शहजादनगर थाना क्षेत्र के कमोरा गांव निवासी दिलशाद चालक थे। उनका एक बैंक में खाता था। उनके खाते पर बैंक ने 20 लाख का बीमा किया था। करीब दो साल पहले उनका एक्सीडेंट हो गया। उनकी जान तो बच गई, लेकिन वह 90 फीसद तक विकलांग हो गए।
उन्होंने बैंक से बीमा का लाभ मांगा, जिसे बैंक ने देने से इन्कार कर दिया। इस पर उन्होंने डेढ़ साल पहले जिला उपभोक्ता फोरम में अपने अधिवक्ता के माध्यम से वाद दायर किया था। वाद पर अभी तक सुनवाई चल रही है।
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केस 2-: टांडा की तबस्सुम भी करीब तीन साल से जिला उपभोक्ता फोरम में अपने पति के दुर्घटना बीमा का क्लेम लेने के लिए इंश्योरेंस कंपनी से लड़ रही हैं। उनके पति का करीब तीन साल पहले एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था।
उनका 15 लाख का बीमा था, जिसे बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया। इस पर उन्होंने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। वाद में तीन साल से सुनवाई चल रही है, लेकिन अभी तक निस्तारण नहीं हो सका है।
नियमानुसार जिला उपभोक्ता फोरम में तीन माह में वाद का निस्तारण होना चाहिए, लेकिन यहां कोरम पूरा न होने के कारण दो से तीन साल तक वादों का निस्तारण नहीं हो पाता है। कोरम को पूरा किया जाना चाहिए, ताकि वादों का समय पर निस्तारण हो सके।
- हिदायत अली, अधिवक्ता उपभोक्ता फोरम।
नवंबर 2025 में अध्यक्ष पर पर नियुक्त देवी शंकर श्रीवास्तव का कार्यकाल पूरा हो गया। उनके स्थान पर बरेली से अधिकारी आते हैं। उन पर अतिरिक्त चार्ज है। इसके अतिरिक्त एक पद पुरुष सदस्य का रिक्त है। रिक्त पदों पर नियुक्ति होने से ही वादों के निस्तारण में तेजी आएगी।
- अकील अहमद, अधिवक्ता उपभोक्ता फोरम।
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