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    मिलक के विवादित दरोगा का तांडव: दलित युवक को दीं जातिसूचक गालियां, ऑडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 10:42 PM (IST)

    एक मिलक दरोगा पर दलित युवक को जातिसूचक गालियां देने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगा है, जिसका ऑडियो वायरल हो गया है। पीड़ित ने राष् ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक इमेज

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    संवाद सहयोगी, मिलक (रामपुर)। कानून के रखवालों पर ही कानून तोड़ने का आरोप। वर्दी की शपथ को ताक पर रखकर एक दरोगा ने जिस तरह वर्दी की हनक दिखाई है, उसने पुलिस की छवि को एक बार फिर कठघरे में खड़ा कर दिया है। 7 जुलाई को मिलक थाने से लाइन हाजिर हुए एक दारोगा पर एक युवक को फोन पर अभद्र भाषा, जातिसूचक गालियां देने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है।

    पीड़ित युवक और दरोगा के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठने लगे है। पीड़ित ने अब इस उत्पीड़न के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत देकर इंसाफ की गुहार लगाई है।

    क्षेत्र के भैसोड़ी निवासी अजय सिंह के अनुसार दो अगस्त को दो हज़ार रुपये के लेनदेन को लेकर हुए एक मामूली विवाद का आपसी समझौते से निस्तारण हो चुका था। लेकिन इसके अगले ही दिन थाना मिलक में तैनात एक दारोगा ने उनके मोबाइल पर कॉल कर तांडव मचा दिया।

    आरोप है कि वर्दीधारी ने फोन उठाते ही बिना किसी तहकीकात के गाली-गलौच शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि दरोगा ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अन्य अपशब्दों से उनकी सामाजिक गरिमा को तार-तार किया गया। जब पीड़ित ने अपनी बात रखने की कोशिश की और कहा कि वह बातचीत रिकॉर्ड कर रहा है, तो दरोगा का असली रूप सामने आ गया।

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    दारोगा ने झूठा मुकदमा दर्ज करने की धमकी दे डाली। यह घटना पुलिस की कार्यशैली पर एक बड़ा सवाल है। एक तरफ पुलिस जनता की सेवा और सुरक्षा का दावा करती है, दूसरी तरफ वर्दी की आड़ में जातिगत भेदभाव और धमकियां दी जा रही हैं।

    पहले से विवादों में रहा है दरोगा

    7 जुलाई को लाइन हाजिर किए गए दो दरोगाओं में से एक पहले भी विवादों में रह चुका है। उस पर पहले भी एक ही बीट में तैनात दूसरे दरोगा से विवाद रहता था।

    जिस मामले में कोई आर्थिक लाभ नहीं दिखता था उसे दोनों एक-दूसरे के सिर पर टाल देते थे और जहां से कमाई की उम्मीद होती थी वहां दोनों ही पहुंचने के लिए आपस में लड़ते थे। मामले में एसपी सोमेंद्र मीना ने दोनों को लाइन हाजिर कर दिया था।


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