3 दिन तक कटते रहे आम के पेड़, सोता रहा वन विभाग; रामपुर के इस बाग में हुआ बड़ा खेल
रामपुर के सेंटाखेड़ा गांव में तीन दिनों तक आम के पेड़ों की अवैध कटाई जारी रही, जिस पर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायत के बावजूद वि ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
वन विभाग की भूमिका पर लोग उठा उठे सवाल
संवाद सहयोगी टांडा (रामपुर)। रामपुर मार्ग स्थित गांव सेंटाखेड़ा के आम के बाग में बड़े पैमाने पर पेड़ों के गुद्दे और मोटी टहनियां काटे जाने के मामले में अब वन विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत मिलने के बावजूद वन विभाग ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की। जिसका फायदा उठाकर आरोपित लगातार तीन दिन तक पेड़ों की कटाई और छंटाई करते रहे। इससे विभाग की भूमिका संदेह की घेरे में है।
रविवार रात से शुरू हुई पेड़ों की कटाई की जानकारी सोमवार सुबह को ही वन विभाग को मिल गयी गई थी। इसके बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे भी लेकिन कार्रवाई केवल पेड़ों की गिनती और पैमाइश तक सीमित रही। आरोप है कि न तो कटान तत्काल रुकवाया गया न ही काटी गई लकड़ी और टहनियां जब्त की गईं। और न ही आरोपितों के खिलाफ उसी समय कठोर कदम उठाए गए।
लोगों का कहना है कि यदि पहले ही दिन प्रभावी कार्रवाई की जाती तो बड़ी संख्या में पेड़ों के गुद्दे और मोटी टहनियां बचाई जा सकती थीं। विभाग की निष्क्रियता का ही परिणाम रहा कि सोमवार और मंगलवार को भी बाग में कटाई का काम जारी रहा तथा कटी हुई टहनियों और लकड़ी को भी वहां से हटवा दिया।
मंगलवार देर रात तहसीलदार निश्चय कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग, वन विभाग और उद्यान विभाग की संयुक्त टीम ने बाग का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लेकर रिपोर्ट तैयार की और अग्रिम कार्रवाई का भरोसा दिया।
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प्रशासन से शिकायत के बाद सक्रिय होना पड़ा तो इस से जाहिर होता है कि वन विभाग के स्थानीय अधिकारी व कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से बचते रहे और अपने उच्च अधिकारियों को गलत सूचना देते रहे। जिस से आरोपितों को लगातार काम करने का पूरा मौका मिला। वन विभाग की ओर से अब दो लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किए जाने की बात कही गई है।
इसमें केवल मुकदमा दर्ज होना काफी नहीं है। बल्कि, पूरे प्रकरण में यह भी जांच होनी चाहिए कि समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और किस स्तर पर लापरवाही बरती गई। वन रेंजर राम सिंह का कहना है कि उनकी तरफ से पूरी निगरानी की जा रही है। ताकि आगे कोई नुकसान न हो। आगे की कार्रवाई के साथ ही थाने में मुकदमा दर्ज कराने की भी कार्रवाई की जा रही है।