उत्तर प्रदेश में फैमिली आईडी बनाने में बरेली-बिजनौर छूटे पीछे, रामपुर लगातार दूसरी बार अव्वल
रामपुर ने 'एक परिवार-एक पहचान' योजना के क्रियान्वयन में लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
जागरण संवाददाता, रामपुर। उत्तर प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी ‘एक परिवार-एक पहचान’ यानी फैमिली आइडी योजना के क्रियान्वयन में जिले ने लगातार दूसरी बार प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी मजबूत प्रशासनिक कार्यशैली का परिचय दिया है।
जुलाई में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद अगस्त-2026 की ताजा प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में भी जनपद ने 68.79 की-परफार्मेंस इंडिकेटर (केपीआइ) अंक हासिल किए हैं। जिले को शासन स्तर से कुल 1,05,502 फैमिली आइडी बनाने का लक्ष्य दिया गया था।
इसके सापेक्ष प्रशासन ने लक्ष्य से कहीं आगे बढ़ते हुए 1,26,215 परिवारों की फैमिली आइडी तैयार कर ली है। यह उपलब्धि लक्ष्य के सापेक्ष 119.63 प्रतिशत है। यानी रामपुर ने निर्धारित लक्ष्य से करीब 20 प्रतिशत अधिक परिवारों को डिजिटल पहचान के दायरे में शामिल कर लिया है।
अगस्त की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में जिले ने अपने निकटतम प्रतिस्पर्धी जिलों को स्पष्ट अंतर से पीछे छोड़ा। 67.68 केपीआइ स्कोर के साथ बरेली दूसरे स्थान पर रहा, जबकि 57.41 अंकों के साथ बिजनौर को तीसरा स्थान मिला।
बुलंदशहर 54.78 अंक प्राप्त कर चौथे स्थान पर रहा। जुलाई में भी रामपुर ने शाहजहांपुर और बरेली को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया था।
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी की नियमित समीक्षा, विभागीय समन्वय और ग्राम स्तर तक सतत मानिटरिंग को इस सफलता का प्रमुख आधार माना जा रहा है। ब्लाक और तहसील स्तर पर अभियान चलाकर छूटे हुए परिवारों तक पहुंच बनाई गई।
यह भी पढ़ें- फैमिली आईडी बनाने में गाजियाबाद की रैंकिंग सुधरी, डी से सी श्रेणी में पहुंचा जिला
यह भी पढ़ें- बाराबंकी में फैमिली आईडी योजना में बड़ा पेंच, 50 हजार परिवारों के डाटा में मिला मिसमैच
