रामपुर में राशन डीलर को दबंगई पड़ी भारी: जांच टीम से की बदसलूकी, अब दुकान सस्पेंड; 7 दिन में दर्ज होगी FIR
रामपुर में राशन विक्रेता सैयद आफताब अली ने जांच टीम को धमकाया और परिवार ने दुर्व्यवहार किया, जिसके बाद उसकी दुकान निलंबित कर दी गई। जांच में अनियमितता ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
राशन विक्रेता के परिवार की महिलाओं ने टीम के सदस्यों के साथ किया दुर्व्यवहार, नोटिस जारी
जागरण संवाददाता, रामपुर। जांच करने गए पूर्ति अधिकारियों (क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी किशोर कुमार और पूर्ति निरीक्षक नगर फरहीन जहां) की टीम को शहर के मुहल्ला बजरिया मुल्ला जरीफ के राशन विक्रेता सैयद आफताब अली ने परिणाम भुगतने तक की धमकी दे डाली। ऊपर तक पहुंच होने का हवाला देते हुए अधिकारियों को अपशब्द कहे।
यही नहीं राशन विक्रेता के परिवार की महिलाओं ने टीम से दुर्व्यवहार किया। आखिरकार टीम ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया और पुलिस बुला ली। इसके बाद दुकान की जांच हुई। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर दुकान को निलंबित कर दिया।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक नगर सोमवार को जांच के लिए राशन विक्रेता की दुकान पर गए थे। विक्रेता दबंगई दिखाने लगा। टीम एक दिन पहले भी गई थी। तब वह दुकान पर नहीं मिला। फोन पर संपर्क किया तो आधे घंटे में आने की बात कही। आधे घंटे बाद दोबारा फोन किया तो उसने आने से मना कर दिया था।
अगले दिन टीम पहुंची तो वह दुकान पर मौजूद मिला। दुकान भी खुली थी। उससे टीम ने जांच के लिए कहा तो अपशब्द कहते हुए टीम को धमकाने लगा। बड़े नेताओं से संपर्क होने का हवाला देकर टीम को जांच करने पर परिणाम भुगतने की धमकी देने लगा। टीम द्वारा जानकारी देने पर जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।
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साथ ही शहर कोतवाली प्रभारी से बात कर फोर्स बुला ली। पुलिस आने पर राशन विक्रेता के तेवर ढीले हुए। इसके बाद टीम ने पुलिस की मौजूदगी में जांच की। जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह चौहान ने बताया कि जांच के दौरान कई अनियमितताएं मिलीं। दुकान पर स्टाक बोर्ड, रेट बोर्ड, टो फ्री नंबर, अंत्योदय कार्ड धारकों की सूची आदि सूचनाएं प्रदर्शित नहीं की गई थीं।
दुकान के सूचना पट पर स्टाक की मात्रा भी अंकित नहीं थी। स्टाक रजिस्टर पर अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। वितरण प्रमाण पत्र मांगे जाने पर विक्रेता द्वारा किसी भी माह का वितरण प्रमाण पत्र भी नहीं दिखाया गया। खाद्यान्न का मिलान करने पर 86 किलोग्राम गेहूं अधिक मिला, जबकि चावल की मात्रा 1.309 क्विंटल अधिक पाई गई।
इससे प्रतीत होता है कि विक्रेता द्वारा मनमाने ढंग से राशन का वितरण किया गया है। इस पर दुकान को निलंबित किया है। विक्रेता द्वारा सरकारी कार्य में बाधा डाली गई है। जांच टीम को धमकी दी है। उनके इस कृत्य के लिए नोटिस दिया है।
सात दिन में संतोषजनक जवाब न देने पर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी और दुकान निरस्त की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि राशन वितरण में अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विक्रेता नियमानुसार राशन का वितरण करें। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।