रामपुर: स्वार में स्कूल बस की चपेट में आने से 3 वर्षीय मासूम की मौत, चालक ब्लूटूथ लगाकर सुन रहा था गाने
स्वार में स्कूल बस की चपेट में आने से तीन वर्षीय मासूम मोहम्मद आवान की मौके पर ही मौत हो गई। चालक ब्लूटूथ लगाकर गाने सुन रहा था और ग्रामीणों ने पीछा क ...और पढ़ें

बालक के शव पर विलाप करते स्वजन। जागरण
HighLights
बच्चों को घर छोड़ने आई थी स्कूल बस, घर के बाहर खड़े मासूम पर चढ़ा पहिया
संवाद सहयोगी, स्वार (रामपुर)। बस की चपेट में आने से तीन वर्षीय मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बस चालक ने वाहन लेकर भागने का प्रयास किया लेकिन, ग्रामीणों ने पीछा कर बस को पकड़ लिया। मासूम की मौत से परिवार में चीख-पुकार मची है। कोतवाली क्षेत्र के गांव भगवंतनगर के मझरा मेहंदीनगर के बच्चे फाजिलपुर स्थित शहीद उधम सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ते हैं।
स्कूल बस प्रतिदिन बच्चों को लेने और छोड़ने आती है। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे बस स्कूली बच्चों को छोड़ने के लिए गांव पहुंची थी। उसी दौरान यहां अपने नाना नामे अली के घर आए ग्राम बैंजनी, थाना टांडा निवासी फैसल का तीन वर्षीय पुत्र मुहम्मद आवान बस के बिल्कुल पास खड़ा था।
आरोप है कि चालक ने आगे-पीछे देखे बिना ही बस आगे बढ़ा दी, जिससे मासूम बस के पहिए के नीचे आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक बस लेकर मौके से भागने लगा। ग्रामीणों ने उसका पीछा किया तो कुछ दूरी पर बस छोड़कर चालक फरार हो गया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही स्वजन में चीख-पुकार मच गई। मां-बाप और अन्य स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूलों की बसें जर्जर हालत में संचालित हो रही हैं और चालक लापरवाही से वाहन चलाते हैं।
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उन्होंने प्रशासन से स्कूल वाहनों की फिटनेस, चालक की योग्यता तथा सुरक्षा मानकों की सख्ती से जांच कराने की मांग की है। एसएसआई महेश कुमार ने बताया कि मौके पर पहुंचे थे लेकिन दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। पीड़ित पक्ष ने कार्रवाई करने से इंकार किया है। पंचनामा भर लिया गया है।
ब्लूटूथ लगाकर गाने सुन रहा था चालक
ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के समय स्कूल बस चालक के कानों में ब्लूटूथ ईयरबड लगे हुए थे और वह तेज आवाज में गाने सुन रहा था। लोगों ने चालक को कई बार आवाज देकर सावधान करने की कोशिश की, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी और बस मासूम के ऊपर चढ़ गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने स्कूली बस की फिटनेस, परमिट, बीमा और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच नहीं की। उनका कहना है कि केवल पंचनामा भरकर कार्रवाई की औपचारिकता पूरी कर दी गई, जबकि बस की वैधता और तकनीकी स्थिति की जांच जरूरी थी।
वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि करीब तीन माह पूर्व भी शहीद उधम सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की जर्जर बसों की शिकायत परिवहन विभाग से की गई थी। इसके बावजूद अधिकारियों ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की और मामला दबा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बसों की जांच कर कार्रवाई की गई होती तो मासूम की जान बच सकती थी।
सऊदी में था पिता, इकलौते बेटे की मौत से टूटा परिवार
मृतक मुहम्मद आवान के पिता फैसल सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। उनकी शादी चार वर्ष पूर्व मेहंदी नगर गांव में हुई थी और आवान उनका इकलौता बेटा था। इन दिनों उसकी मां अपने मायके आई हुई थी और तीन वर्षीय बेटे के साथ रिश्तेदारी में पहुंची थी। किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर मासूम की जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।