रामपुर में रेस्क्यू किए सांप ने स्नेक कैचर को डसा, अस्पताल पहुंचने में देरी से गई जान
रामपुर में रेस्क्यू किए गए सांप ने स्नेक कैचर राजेश को डस लिया। अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के कारण उसकी जान चली गई। ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
रेस्क्यू किए सांप ने स्नेक कैचर राजेश को डसा।
अति आत्मविश्वास के कारण इलाज में हुई देरी।
अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने राजेश को मृत घोषित किया।
संवाद सहयोगी, रामपुर। रेस्क्यू में जिस सांप को पकड़ा, उसी ने स्नेक कैचर को डस लिया। स्वजन हालत बिगड़ने पर उसे सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल जाने में लापरवाही भी इसकी बड़ी वजह रही। ढकिया चौकी क्षेत्र के गांव रवानी पट्टी जवाहर निवासी राजेश (38) लंबे समय से पकड़ने का काम करता था।
गुरुवार रात वह पड़ोस के किसी गांव से सांप रेस्क्यू कर लाया था। ग्रामीणों के अनुसार रात में उसने सांप को घर पर रखा। शुक्रवार सुबह वह स्वजन को दिखाने के लिए कट्टा खोल रहा था। इसी दौरान सांप ने उसे डस लिया। स्वजनों ने उसे तुरंत अस्पताल जाने को कहा, लेकिन उसने खुद को कुछ न होने की बात कहते हुए घटना को हवा में उड़ा दिया।
कुछ घंटों में उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर परिजन 108 एंबुलेंस से उन्हें सीएचसी शाहबाद लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। राजेश की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के मुताबिक राजेश को सांप पकड़ने का अच्छा तजुर्बा था। वह कई जहरीले सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर चुका था। लेकिन इस बार चूक हो गई।
अति आत्मविश्वास में चली गई जान
ग्रामीणों के अनुसार अति आत्मविश्वास में राजेश की जान गई। राजेश को सांप ने डसा तो उसने यह कहते हुए इलाज कराने से मना कर दिया कि उसे इसकी जरूरत नहीं है। सांप के काटने से कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर वह समय रहते अस्पताल पहुंच जाता तो उसकी जान बच सकती थी। चिकित्सक भी जहरीले सांप के काटने पर बिना किसी देरी के नजदीकी अस्पताल पहुंचने और एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) उपचार शुरू कराने की सलाह देते हैं।