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    कैसे 816 पशुओं का भार उठा रही यह गोशाला? किरा गांव का 'आत्मनिर्भर मॉडल' देख दंग रह गए 18 जिलों के अधिकारी

    Updated: Thu, 12 Mar 2026 08:11 AM (IST)

    किरा गांव की गौशाला अपनी 450 पशुओं की क्षमता से कहीं अधिक 816 गोवंश का पालन-पोषण कर रही है। यह गौशाला चारे, देखभाल और गोबर गैस प्लांट से ऊर्जा उत्पादन ...और पढ़ें

    शाहबाद के किरा में गोशाला में क्षमता से अधिक गोवंश  जागरण

    शाहबाद के किरा में गोशाला में क्षमता से अधिक गोवंश जागरण

    HighLights

    1. आत्‍मन‍िर्भर बनाने के ल‍िए लगाई गई है सेलर मशीन

    संवाद सहयोगी, जागरण, शाहबाद। क्षेत्र के किरा गांव में वृहद गौसंरक्षण केंद्र के नाम से बनी गोशाला अपनी निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक गोवंश को संभालते हुए व्यवस्थाओं के बोझ से जूझ रही है। 450 गोवंश की क्षमता वाली इस गोशाला में वर्तमान में 816 गोवंश का पालन-पोषण किया जा रहा है। क्षमता से अधिक पशुओं के बावजूद यहां चारा, देखभाल और अन्य व्यवस्थाओं को संभाला जा रहा है।

    गोशाला में पशुओं के लिए चारे की पर्याप्त व्यवस्था रखने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में यहां करीब 450 कुंतल से अधिक भूसा और 45 कुंतल चोकर उपलब्ध है। प्रत्येक गोवंश को तीन किलोग्राम हरा चारा, पांच किलोग्राम भूसा और करीब 500 ग्राम चोकर दिया जाता है, ताकि पशुओं को पर्याप्त पोषण मिल सके। गोशाला की देखरेख को 25 केयरटेकर तैनात हैं, जिनका मानदेय पंचायत निधि से दिया जाता है।

    कर्मचारी दिन-रात पशुओं की देखभाल, चारा-पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था संभाल रहे हैं, लेकिन संख्या अधिक होने के कारण दबाव बना रहता है। ऊर्जा की जरूरत पूरी करने के लिए गोशाला में गोबर गैस प्लांट स्थापित किया गया है। इससे तैयार गैस से करीब 15 केवी क्षमता का सबमर्सिबल पंप चलाकर ट्यूबवेल संचालित किया जाता है। साथ ही कुछ अन्य बिजली उपकरण भी इसी ऊर्जा से चलाए जा रहे हैं।

    गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यहां सेलर मशीन भी लगाई गई है, जिससे सरसों का तेल निकाला जाता है। तेल की बोतल पर गोशाला का लोगो लगाकर बाजार में करीब 190 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर बेचा जाता है। इससे होने वाली आय को गोशाला की स्वयं अर्जित आय के रूप में उपयोग किया जाता है।

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    व्यवस्थाओं और नवाचारों को देखने के लिए प्रदेश के 18 से 19 जिलों की टीमें यहां का दौरा कर चुकी हैं और व्यवस्थाओं की सराहना भी कर चुकी हैं। बेहतर प्रबंधन के कारण इस गोशाला को प्रदेश स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है।

    गोबर गैस से चल रहा पंप

    गोशाला में लगे गोबर गैस प्लांट से ऊर्जा तैयार की जा रही है। इसी गैस से 15 केवी क्षमता का समरसेविल पंप चलाकर ट्यूबवेल संचालित किया जाता है, जिससे पानी की व्यवस्था हो रही है।

    सरसों का तेल बनाकर बढ़ा रहे आय के स्रोत

    गोशाला में सेलर मशीन के जरिए सरसों का तेल निकाला जाता है। इस तेल को गोशाला के लोगो के साथ बाजार में करीब 190 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर बेचा जाता है। बिक्री से होने वाली आय गोशाला के संचालन में खर्च की जाती है।

     

    क्षमता से अधिक गोवंश के लिए हमने अस्थाई इंतजाम किए हुए है ताकि किसी गोवंश को परेशानी नहीं हो , गोवंश का नियमानुसार पालन पोषण किया जा रहा है । रख रखाव के लिए बेहतर टीम है व बेहतर व्यवस्था है ।

    - त्रिवेंद्र मोहन, ग्राम पंचायत सचिव किरा


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