उत्तराखंड से छोड़ा गया पानी सहारनपुर के गांव में घुसा, फसलें जलमग्न होने से किसानों की चिंता बढ़ी
तीन दिनों की लगातार बारिश और उत्तराखंड से छोड़े गए पानी से सहारनपुर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बचीटी गांव में खेत जलमग्न हो गए हैं और यमुना नदी ...और पढ़ें

HighLights
तीन दिनों की बारिश से सहारनपुर में जनजीवन अस्त-व्यस्त।
यमुना नदी का जलस्तर 50640 क्यूसेक तक पहुंचा।
जागरण संवाददाता, देवबंद (सहारनपुर)। तीन दिनों से रुक रुक कर हो रही बरसात ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। क्षेत्र में जगह जगह जलभराव की स्थिति बनी है। शुक्रवार को पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के चलते उत्तराखंड से छोड़ा गया पानी तल्हेड़ी बुजुर्ग क्षेत्र के बचीटी गांव तक पहुंच गया। इससे निचले इलाकों में पानी भरने के साथ ही खेत जलमग्न हो गए।
बचीटी के ग्रामीणों राजेंद्र, शमशाद, अरविंद, मोहम्मद सालिम, घसीटू, शहजाद आदि ने बताया कि बरसात के मौसम में अक्सर उत्तराखंड से छोड़ा गया पानी गांव में घुस जाता है जिससे खासा नुकसान होता है। इतना ही नहीं गत वर्ष तेज बहाव के चलते गांव के ही दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी।
वहीं, बरसात के चलते नगर के निचले इलाके खानकाह, बड़जियाउलहक, कोहला बस्ती आदि के इलाके में भी कई कई फीट पानी जमा है। जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। वर्षा का असर बाजारों में भी देखने को मिल रहा है। दुकानों से ग्राहक नदारद है और दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे है। किसानों के चेहरे पर भी अधिक बरसात के चलते अपनी फसलों को लेकर चिंता की लकीरें खिंचने लगी है।
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यमुना नदी का जलस्तर 50640 क्यूसेक तक पहुंचा
बेहट: हिमाचल व उत्तराखंड की पहाड़ियों पर बीते 48 घंटे से बरसात हो रही है। मानसून की आमद के साथ ही यमुना नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह 10 बजे जलस्तर 50640 क्यूसेक तक पहुंच गया।
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गुरुवार शाम से ही नदी का जलस्तर बढ़ने लगा था। शुक्रवार सुबह चार बजे हथिनीकुंड बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर 39933 क्यूसेक दर्ज किया गया। वहीं पांच बजे 39773 क्यूसेक, छह बजे 40304 कयूसेक, सात बजे 38968 और सुबह आठ बजे 36746 क्यूसेक दर्ज किया गया। सुबह नौ बजे यमुना नदी 39539 क्यूसेक के साथ बह रही थी।
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इसके बाद जल स्तर ने छलांग लगाई और सुबह 10 बजे 50640 क्यूसेक तक पहुंच गया। सुबह 11 बजे जलस्तर फिर घटने लगा और 45295 क्यूसेक पर आ गया। हरियाणा, यूपी व दिल्ली को जलापूर्ति के बाद 33000 क्यूसेक पानी को यमुना नदी में छोड़ दिया गया। दोपहर बाद तीन तथा चार बजे बैराज पर कुल 40 हजार क्यूसेक पानी नापा गया, जिसमें से लगभग 22 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। पहाड़ी क्षेत्रों में रुक-रुक कर बरसात जारी है।