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    आंगनबाड़ी भर्ती: फर्जी आय प्रमाण पत्र से पाई नौकरी, संभल में 11 कार्यकर्ताओं पर लटकी तलवार

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 06:07 AM (IST)

    संभल में 11 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाई, सत्यापन में हकीकत खुलने के बाद उनकी नियुक्ति पर संकट मंडरा गया है। इन प्रम ...और पढ़ें

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    1. सत्यापन में खुली हकीकत, आय प्रमाण पत्र निरस्त करने की रिपोर्ट, नियुक्ति पर भी मंडराया संकट

    शिवकुमार कुशवाहा, बहजोई (संभल)। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जैसी जिम्मेदार नौकरी पाने के लिए यदि कोई फर्जी दस्तावेजों का सहारा ले, तो यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि वास्तविक पात्र अभ्यर्थियों के अधिकारों पर भी सीधा प्रहार है। तहसील संभल में आय प्रमाण पत्रों की जांच में सामने आए इस मामले ने लेखपालों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ यह तय होगा कि व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कितनी सख्ती होती है।

    दरअसल, एकीकृत बाल विकास विभाग में इसी वर्ष 203 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति के लिए दो हजार से अधिक आवेदन आए थे। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति पत्र भी वितरित कर दिए गए और चयनित कार्यकर्ता कार्यभार संभाल चुकी हैं, लेकिन अब तहसील संभल की 11 नियुक्तियां सवालों के घेरे में आ गई हैं।

    जांच में सामने आया कि कुछ अभ्यर्थियों ने चयन में वरीयता पाने के लिए अपनी वास्तविक आय छिपाकर 46 हजार, 42 हजार और 48 हजार रुपये वार्षिक आय दर्शाने वाले आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए, जबकि सत्यापन में उनकी वास्तविक आय इससे कहीं अधिक पाई गई।

    इन लोगों के आय प्रमाण पत्र निकले गलत

    क्र.सं. नाम गांव / पता घोषित वार्षिक आय
    1 शीशपाल रसूलपुर धतरा ₹46,000
    2 हरिओम लखनपुर ₹46,000
    3 सुनील कुमार फत्तेहपुर सकता ₹48,000
    4 अताउर रहमान पैंतिया माफी ₹42,000
    5 श्रीपाल चूहरपुर ₹46,000
    6 अरविन्द कुमार पैंतिया माफी ₹46,000
    7 मनोज सैनी परयावली ₹46,000
    8 बंटी बाबू मुजफ्फरपुर ₹45,000
    9 कुलदीप सिंह मुजफ्फरपुर ₹48,000
    10 कृष्ण चन्द्र खानपुर बन्द ₹46,000
    11 रोहताश ज्ञानपुर सिसौना ₹46,000

    आइसीडीएस विभाग की ओर से कराए गए सत्यापन के आधार पर एसडीएम संभल ने इन सभी 11 आय प्रमाण पत्रों को निरस्त किए जाने की रिपोर्ट एडीएम को भेज दी है। मामला डीएम के संज्ञान में भी पहुंच गया है। आय प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद इन नियुक्तियों पर भी संकट गहरा गया है और इन्हें निरस्त किए जाने की कार्रवाई हो सकती है।

    वहीं जिन लेखपालों की रिपोर्ट पर आय प्रमाण पत्र जारी हुए, उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की तैयारी है। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि जिन श्रेणियों को आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा और अन्य पात्र अभ्यर्थियों को राहत देने के उद्देश्य से आरक्षण और वरीयता दी गई थी।

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    उसी व्यवस्था का कथित तौर पर गलत लाभ उठाकर कुछ लोगों ने नौकरी हासिल कर ली। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि जांच न होती तो वास्तव में पात्र अभ्यर्थियों का हक हमेशा के लिए छिन जाता। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि दोषियों के विरुद्ध कितना सख्त कदम उठाया जाता है।

     

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती में प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित अभ्यर्थियों के आय प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया था। जांच में जिन प्रमाण पत्रों में घोषित आय और वास्तविक आय में अंतर मिला है, उनकी रिपोर्ट सक्षम अधिकारियों को भेज दी गई है। शासन और प्रशासन के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    - महेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, आईसीडीएस, संभल।


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