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    संभल: पांच गांवों में कृषि आवंटन में फर्जीवाड़ा, 20 पट्टों के खेल में 17 पर रिपोर्ट

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 10:01 AM (IST)

    संभल के गुन्नौर तहसील में सरकारी कृषि भूमि आवंटन में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसमें 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह फर्जीवाड़ा ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. गुन्नौर तहसील में सरकारी कृषि आवंटन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया।

    2. 17 नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू।

    3. पांच गांवों में 20 पट्टों के माध्यम से भूमि का कथित फर्जी आवंटन।

    संवाद सहयोगी, जागरण, बहजोई।  गुन्नौर तहसील में सरकारी कृषि आवंटन से जुड़े एक और बड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। एडीएम न्यायिक सौरव कुमार पांडेय की जांच रिपोर्ट डीएम अंकित खंडेलवाल को सौंपे जाने के बाद राजस्व निरीक्षक क्षेत्र बबराला नदीम अहमद की तहरीर पर गुन्नौर थाना पुलिस ने 17 नामजद आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

    तहरीर के अनुसार वर्ष 1987 से 2011 के बीच ग्राम होतमगढ़ी, बिचपुरी सैलाव, गुन्नौर हीरापुर, रसूलपुर और हुसैनपुर सैलाव में लगभग 20 कृषि आवंटन पत्रावलियों के माध्यम से श्रेणी-6 की सरकारी भूमि का कथित रूप से फर्जी आवंटन कराया गया। आरोप है कि तत्कालीन राजस्व और चकबंदी अधिकारियों को गुमराह कर धर्मपाल सिंह ने अपनी दोनों पत्नियों, तीन पुत्रों, दो पुत्रियों, तीन पुत्रवधुओं, तीन भाइयों, तीन भतीजों और कुछ कथित बेनामी व्यक्तियों के नाम से भूमि दर्ज कराई, जबकि ऐसी भूमि पर संक्रमणीय अधिकार उत्पन्न नहीं हो सकते थे।

    कुछ ऐसे नाम भी अभिलेखों में दर्ज कराए गए, जिनके बारे में गांव के लोग तक जानकारी नहीं दे सके कि वे कौन हैं और कहां रहते हैं।बाद में इन्हीं आवंटनों के आधार पर आधार वर्ष खतौनी, सीएच-45, खाता संख्या 85, खाता संख्या 97 और खाता संख्या 101 समेत चकबंदी अभिलेखों में भी कथित हेरफेर कर नाम दर्ज कराए गए।

    वर्ष 2008 और 2009 के आदेशों के जरिए गाटा संख्या और रकबे में परिवर्तन कर अभिलेख संशोधित कराए गए। इस पूरे मामले की शिकायतें वर्षों से कुंवरपाल, सुगढ़पाल और पूर्व मंत्री अजीत कुमार उर्फ राजू द्वारा मुख्यमंत्री स्तर तक की जाती रहीं और पूर्व की जांचों में भी अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया।

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    हर बार जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद संबंधित पक्ष भूमि बचाने के लिए सिविल न्यायालय, एडीएम न्यायालय, अपर आयुक्त मुरादाबाद, राजस्व परिषद लखनऊ और इलाहाबाद हाईकोर्ट तक वाद दायर करता रहा। पुलिस ने धर्मपाल सिंह, सावित्री उर्फ देवनिया, प्रेमवती उर्फ प्रेमलता, अजयपाल, ओमपाल, विकास उर्फ विवेक उर्फ विपिन उर्फ नितिन, गुड्डो उर्फ बबली, रश्मि, अनुराधा, सोनवती, अनीता, छत्रपाल, हरपाल, चंद्रपाल, विजयपाल, जगतपाल और जुगेन्द्र के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।


    फर्जी कृषि आवंटन के मामले में जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे इसमें दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होती जाएगी।

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    -अंकित खंडेलवाल, डीएम, संभल।