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    48 साल बाद मिला इंसाफ! 1978 के संभल दंगों में सब कुछ खोने वाले रस्तोगी परिवार को योगी सरकार देगी बड़ा 'तोहफा'

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 09:57 PM (IST)

    संभल में 1978 के दंगों में अपने परिवार के मुखिया और संपत्ति खोने वाले रामशरण रस्तोगी के परिजनों को 48 साल बाद प्रशासन द्वारा 100 वर्ग मीटर भूमि का पट् ...और पढ़ें

    रुकमण रस्तोगी

    रुकमण रस्तोगी

    HighLights

    1. दंगे में मारे गए रामशरण रस्तोगी की पुत्रवधु ने बताई दंगे की दास्तान, कहा-पट्टा मिल रहा है अब यहां आकर बसेंगे

    जागरण संवाददाता, संभल। 1978 में संभल में हुए सांप्रदायिक दंगे में घर, कारोबार और परिवार के मुखिया रामशरण रस्तोगी को खोने वाले स्वजन के जख्मों पर गुरुवार को मदद का मरहम लगेगा। प्रशासन द्वारा 100 वर्ग मीटर भूमि का पट्टा आवंटित किए जाने के साथ ही प्रमाण पत्र सौंपा जाएगा।

    इस बीच बुधवार को शाम रामशरण रस्तोगी की पुत्रवधु रुकमण रस्तोगी ने कहा कि 1978 के दंगे में परिवार को धमकी मिलने लगी थीं। इसलिए यहां से पलायन किया। अब यहीं पर पट्टा मिल रहा है, इसकी बहुत खुशी है। परिवार यहां बसकर घर बनाना चाहता है।

    बुधवार को शाम रामशरण रस्तोगी की पुत्रवधू रुकमण रस्तोेगी बेटे कपिल रस्तोगी के साथ नई तहसील कार्यालय पहुंचीं। वहां मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान रुकमण रस्तोगी ने कहा कि पलायन करने के बाद लंबे अरसे तक मुश्किलों से गुजरे। अब प्रदेश की सरकार ने राहत देने का काम किया है।

    इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय प्रशासन को धन्यवाद देती हूं। बताते चलें कि संभल में 29 मार्च 1978 को एक मुस्लिम नेता के भड़काऊ भाषण देने से भड़के दंगे में 100 से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था। कई लोगों को मारकर जलाया भी गया था।

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    मुहल्ला कोट पूर्वी में रामशरण रस्तोगी का लगभग 100 गज का एक मकान और नखासा तिराहे पर परचून की दुकान थी। उपद्रवियों ने लूटपाट कर दुकान आग के हवाले कर दी थी। रामशरण रस्तोगी की हत्या कर दी थी। रामशरण रस्तोगी को खोने के बाद धममिकयों से डरे सहमे परिवार ने पलायन कर लिया था।

    प्रशासन ने करीब 21 वर्ष पहले गाजियाबाद के लोहिया नगर में बसने वाले रस्तोगी परिवार को शेर खां सराय में 100 वर्ग मीटर भूमि का पट्टा आंवटित किया है। जिसका प्रमाण पत्र मंगलवार को दिया जाना था मगर कार्यक्रम टल गया। जबकि तैयारियां कर ली गई थीं।

    यह कार्यक्रम अब गुरुवार को होगा। जिसमें पीडि़त परिवार को प्रमाण पत्र सौंपा जाएगा। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह रहेंगे। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि पीडि़त परिवार को प्रमाण पत्र वितरण का कार्यक्रम गुरुवार को होगा।

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