संभल वासियों के लिए बड़ी खबर: खिरनी-कल्कि धाम फोरलेन सड़क पर काम शुरू, दो चरणों में बनेगी 39.5 KM लंबी रोड
गंगा एक्सप्रेसवे के खिरनी इंटरचेंज से श्री कल्कि धाम तक बनने वाली 39.5 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क के लिए ट्रैफिक सर्वे शुरू हो गया है। यह सड़क दो चरणों ...और पढ़ें

संभल के रिठाली में यातायात गणना करते लोक निर्माण विभाग की टीम जागरण
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लोक निर्माण विभाग की ओर से गांव रिठाली में किया गया सर्वे, मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की ली जा रही जानकारी
जागरण संवाददाता, संभल। गंगा एक्सप्रेस वे के खिरनी इंटरचेंज से श्री कल्कि धाम तक बनने वाली फोरलेन सड़क को लेकर पहले चरण में विशेष ट्रैफिक सर्वे शुरू हो गया है। यह सर्वे आठ दिन तक होना है। मंगलवार को लोक निर्माण विभाग की टीम ने हसनपुर मार्ग पर गांव रिठाली में सर्वे किया। सर्वे में मार्ग से प्रति घंटे और प्रतिदिन कितने दोपहिया, चार पहिया, बस, ट्रक और अन्य भारी वाहन गुजर रहे हैं, इसका आकलन किया जा रहा है। जिसके आधार पर सड़क की डिजाइन, मोटाई और निर्माण की गुणवत्ता तय होगी।
खिरनी इंटरचेंज से श्री कल्कि धाम तक बनने वाली फोरलेन सड़क की लंबाई करीब 39.5 किलोमीटर होगी। पहले चरण में खिरनी इंटरचेंज से वंशगोपाल होते हुए हसनपुर मार्ग और द्वितीय चरण में हसनपुर मार्ग से कल्कि धाम तक सड़क का निर्माण कराया जाएगा। पहले चरण में विशेष ट्रैफिक सर्वे शुरू हो चुका है।
मंगलवार को लोक निर्माण विभाग की टीम ने गांव रिठाली में सर्वे किया गया। चूंकि सर्वे के आधार पर ही सड़क के बारे में आंकलन किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि भविष्य में बढ़ते यातायात के बावजूद सड़क लंबे समय तक सुरक्षित और टिकाऊ बनी रहे।
एक्सईएन लोक निर्माण विभाग सुनील प्रकाश ने बताया कि पहले चरण में विशेष ट्रैफिक सर्वे शुरु हुआ है जो 27 जुलाई से तीन अगस्त तक चलेगा। जिसके आधार पर सड़क को लेकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
परिक्रमा मार्ग के लिए हो चुके करीब 600 बैनामे
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग के निर्माण व विकास के लिए 303 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए और इनमें से 100 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ था। निर्माण के लिए प्रशासन की ओर से भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके लिए लगातार भूमि के बैनामे कराए जा रहे हैं।
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यह प्रक्रिया राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग की देखरेख में पूर्ण की जा रही है। आंकड़े के मुताबिक करीब 600 बैनामे हो चुके हैं। परिक्रमा मार्ग 49.470 किलोमीटर लंबा है, जो कि 38 गांवों से गुजरेगा।
दो गांवों में सरकारी भूमि है जबकि 36 गांवों में भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए 32 किसान प्रभावित होंगे। 999 गाटों से 33.66782 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें करीब 100 करोड़ रुपये की लागत आनी है।