संभल भूमि घोटाला: 845 बीघा सरकारी जमीन के बचे हुए 145 पट्टे भी निरस्त, DM ने दिया मूल श्रेणी बहाल करने का आदेश
जिला मजिस्ट्रेट अंकित खंडेलवाल ने दिल्लीपुर सुखैला भूमि आवंटन घोटाले में 2019 के शेष 145 पट्टों को निरस्त कर दिया है। इस फैसले से 845 बीघा सार्वजनिक भ ...और पढ़ें

गुन्नौर तहसील में दिल्लीपुर सुखेला की इसी भूमि पर हुआ फर्जी कृषि भूमि आवंटन। जागरण आर्काइव
HighLights
2019 के आवंटन को शुरुआत से ही अवैध माना; 162 में पहले 17 और अब शेष 145 पट्टे भी निरस्त
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। गुन्नौर तहसील के चर्चित ग्राम पंचायत असदपुर की गैर-आबाद राजस्व गांव दिल्लीपुर सुखैला भूमि आवंटन प्रकरण में जिला मजिस्ट्रेट अंकित खंडेलवाल ने बड़ा फैसला करते हुए वर्ष 2019 में किए गए शेष 145 पट्टों को भी निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही करीब 845 बीघा सार्वजनिक भूमि को उसकी मूल राजस्व श्रेणी 5(3) (झाऊ) और श्रेणी 6(4) (रेता) में दर्ज करने का आदेश दिया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा है कि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए सुरक्षित भूमि का किया गया आवंटन प्रारंभ से ही विधि विरुद्ध और शून्य प्रभावी था, इसलिए उसे बरकरार नहीं रखा जा सकता।
यह वही प्रकरण है जिसमें गुन्नौर के तत्कालीन एसडीएम की निगरानी में चकबंदी की टीम ने वर्ष 2019 में कुल 162 पट्टे किए गए थे। वर्ष 2021 में तत्कालीन एडीएम ने 17 पट्टे निरस्त कर दिए थे, जबकि 145 पट्टे बहाल रखे गए थे। वर्तमान सुनवाई में इन्हीं 145 पट्टों की वैधता पर विस्तृत सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान छह लाभार्थियों की मृत्यु होने चलते सात पट्टा धारक उपस्थित नहीं हुए थे और 138 के जबाव दाखिल हुए।
उपलब्ध अभिलेखों, राजस्व रिकार्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने निर्णय पारित किया जांच में सामने आया कि लगभग 56 हेक्टेयर सार्वजनिक भूमि की राजस्व श्रेणी बदलकर उसका पट्टा कर दिया गया था। पहले 17 पट्टे निरस्त होने के बाद लगभग 845 बीघा भूमि से जुड़े 145 मामलों की सुनवाई जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में हुई।
जांच में पाया गया कि भूमि मूल रूप से सार्वजनिक प्रयोजन के लिए सुरक्षित थी, इसलिए उसका आवंटन राजस्व नियमों के विपरीत था। इसी आधार पर सभी शेष पट्टे निरस्त कर दिए गए और पूरी 845 बीघा भूमि को फिर से उसकी मूल श्रेणी में दर्ज करने का आदेश दिया गया।
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तत्कालीन एसडीएम समेत छह गिरफ्तार हुए थे, बाद में सिटी मजिस्ट्रेट भी निलंबित
दिल्लीपुर सुखैला भूमि आवंटन प्रकरण में तीन जुलाई को गुन्नौर पुलिस ने तत्कालीन एसडीएम ओमवीर सिंह, तत्कालीन एडीजीसी (राजस्व) जय भारद्वाज, तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी महेंद्र सिंह, तत्कालीन चकबंदी लेखपाल भीमराव सिंह, तत्कालीन राजस्व निरीक्षक राजीव कुमार और तत्कालीन ग्राम प्रधान विक्रांत यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस मामले में कुल 19 लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें तत्कालीन तहसीलदार करम सिंह चौहान भी आरोपित बनाए गए थे।
बाद में शासन ने उन्हें सुल्तानपुर में सिटी मजिस्ट्रेट के पद से निलंबित कर दिया। इसके अलावा भूमि आवंटन प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने पर कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी है।
सार्वजनिक प्रयोजन के लिए सुरक्षित भूमि का आवंटन राजस्व नियमों के विपरीत पाया गया। सभी पक्षों को सुनने और अभिलेखों के परीक्षण के बाद 145 पट्टे निरस्त कर 845 बीघा भूमि को उसकी मूल श्रेणी में दर्ज करने का आदेश दिया है।
- अंकित खंडेलवाल, डीएम
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