162 फर्जी पट्टों के बाद संभल में एक और महाघोटाला! शिक्षक की पत्नी के नाम 10 बीघा 'करोड़ों की जमीन' पर फंसा पेंच
गुन्नौर तहसील में 162 फर्जी पट्टों के बाद अब 1992 में एक शिक्षक की पत्नी को अवैध रूप से 10 बीघा जमीन आवंटित करने का मामला सामने आया है। करोड़ों की इस ...और पढ़ें

इसी भूमि का किया गया आवंटन
HighLights
भूमि श्रेणी परिवर्तन के बाद अब 1992 के आवंटन पर उठे सवाल, लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर डीएम से जांच की मांग
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। गुन्नौर तहसील में 162 फर्जी पट्टों, झाड़ू और रेती की भूमि की श्रेणी बदलने, फर्जी किसानों के नाम प्रविष्टि समेत कई मामलों को लेकर चर्चा में आए गुन्नौर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत असदपुर में जांच के दौरान एक के बाद एक नई परत खुल रही है। अब वर्ष 1992 में हुए एक भूमि आवंटन का मामला भी सामने आया है।
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में विचाराधीन मामले का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के गांव असदपुर में 29 जनवरी 1992 को कृषि भूमि आवंटन की पत्रावली स्वीकृत कर एक अपात्र महिला के नाम करीब 10 बीघा भूमि का आवंटन कर दिया गया। जिसमें लाभार्थी सोमवती उस ग्राम पंचायत की निवासी नहीं थीं, जबकि उनके पति रामौतार उस समय 1992 में गांव में शिक्षक के पद पर तैनात थे।
चूंकि वह खेरिया उत्तम के रहने वाले हैं जोकि शाहपुर गांव का मजरा है जबकि असदपुर में पट्टा गलत दिया हैं आरोप है कि शिक्षक पद के प्रभाव का उपयोग कर पत्नी के नाम भूमि आवंटित कराई गई, जबकि वह पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करती थीं।
लेखपाल की रिपोर्ट का भी हवाला दिया है, जिसमें आवंटन पर सवाल उठाए गए हैं। बताया गया है कि वर्तमान में शिक्षक सेवानिवृत्त होकर पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, जबकि उनका बेटा पीएसी में सरकारी सेवा में कार्यरत है। उस समय सरकारी सेवा में कार्यरत शिक्षक के परिवार के नाम भूमि का आवंटन नियमों के अनुरूप नहीं था।
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जुनावई मार्ग है पर इस भूमि की करोड़ों की कीमत
शिकायतकर्ता किशनलाल कहते हैं कि यह भूमि जुनावई मार्ग पर है यह प्रमुख मार्ग है और यह करोड़ों रुपये की भूमि है। इसको छह महीने पहले बेचने का प्रयास किया गया था और इसके लिए सौदा भी हो गया था लेकिन तत्कालीन डीएम के शिकायत करने के बाद इसकी बिक्री पर रोक लगा दी गई थी।
पेट्रोल पंप लगाने का हुआ था प्रयास तब खुला था राज
अधिकारियों को शिकायत करते हुए किशनलाल ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व आरोपित शिक्षक अपने पत्नी के नाम पर हुए इस भूमि पर पेट्रोल पंप लगवाना चाहते थे क्योंकि वर्ष 1992 में हुए कृषि भूमि आवंटन के बाद इसे तहसील में भी आसानी से कृषि संक्रमणीय भूमिधर भी कर लिया।
इस पर भी सवाल खड़े होते हैं। जब वह तीन वर्ष पूर्व पेट्रोल पंप के लिए रिपोर्ट लगवा रहे थे तब मामला उजागर हुआ और उसके बाद तहसील गुन्नौर में शिकायत हुई जहां से पूरी जानकारी हासिल हुई और जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में मामला दाखिल किया गया।
यह मामला संज्ञान में है। इस संबंध में आवश्यक जानकारी के लिए तहसील गुन्नौर से रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही इसमें आगे की कार्रवाई की जाएगी। शुरुआत में बताया गया है कि नसबंदी के अवध में यह पट्टा दिया गया था इसकी भी जांच हो रही है।
- अंकित खंडेलवाल, डीएम, संभल।
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