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    संभल में बिजनौर से पानी छोड़ते ही फटी मध्य गंगा नहर: 90 बीघा फसलें डूबीं, बुलडोजर से रोका गया कटान

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 11:34 PM (IST)

    संभल के रहटोल गांव में बिजनौर से ट्रायल के लिए छोड़े गए पानी के दबाव से मध्य गंगा नहर कट गई। इससे 80-90 बीघा धान और गन्ने की फसल जलमग्न हो गई, जिसे बु ...और पढ़ें

    संभल के रहटौल गांव में कटी नहर, पानी रोकने के लिए पहुंची जेसीबी। जागरण

    संभल के रहटौल गांव में कटी नहर, पानी रोकने के लिए पहुंची जेसीबी। जागरण

    HighLights

    1. बुलडोजर और मिट्टी के कट्टों से कटान रोका, किसान को मिली राहत

    संवाद सहयोगी, संभल। तहसील क्षेत्र के गांव रहटोल में मध्य गंगा नहर में पानी छोड़े जाने के दौरान पानी के दबाव से नहर का एक हिस्सा कट गया। इससे नहर का पानी आसपास के खेतों में पहुंच गया और किसानों की करीब 80 से 90 बीघा धान व गन्ने की फसल जलमग्न हो गई। खेतों में करीब तीन फीट तक पानी भरने से किसानों में खलबली मच गई।

    सूचना मिलने पर नहर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बुलडोजर की मदद से कटान रोकने का काम शुरू कराया। दरअसल, मध्य गंगा नहर में बिजनौर के कैनाल से पानी छोड़ा गया था। यह पानी अमरोहा की सीमा पार करने के बाद असमोली क्षेत्र के गांव गुमसानी से होते हुए गांव रहटौल तक पहुंचा।

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    बताते हैं कि बुधवार को नहर में पानी पहुंचा था, लेकिन उस समय पानी का प्रवाह सामान्य था। शुक्रवार की सुबह करीब पांच बजे ट्रायल के तौर पर नहर में और पानी छोड़ा गया। पानी का दबाव बढ़ने के बाद नहर का किनारा एक स्थान पर कट गया और तेज बहाव के साथ पानी खेतों की ओर जाने लगा।

    किसानों ने खेतों में पानी पहुंचता देखा तो तुरंत इसकी सूचना नहर विभाग के अधिकारियों को दी। आसपास के किसानों ने भी मौके पर पहुंचकर मिट्टी से भरे कट्टे लगाकर पानी के बहाव को रोकने का प्रयास किया। कुछ ही देर में नहर विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई और बुलडोजर लगाकर कटे हुए हिस्से को बंद करने और नहर के पानी को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।

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    इसके साथ ही मिट्टी से भरे कट्टों की मदद से अस्थायी बांध भी बनाया गया। किसान अरविंद कुमार, राजीव कुमार, सुरजीत कुमार, अंकित सिंह, विनीत कुमार, यशपाल सिंह, जसपाल सिंह और सुनील कुमार के खेतों में पानी भर गया। उनका कहना है कि अचानक पानी आने से खेतों में खड़ी फसल डूब गई। यदि समय रहते कटान को नहीं रोका जाता तो आसपास के अन्य खेत भी जलमग्न हो सकते थे।

     

    नहर संचालन के लिए ट्रायल चल रहा है। जिसके चलते टीमें मौके पर मौजूद रहकर रात दिन निगरानी कर रही हैं। कुछ हिस्से में पानी का रिसाव हुआ था, जिसे बंद करा दिया गया है। किसानों का कोई नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि नहर की निगरानी जारी है।

    - राजीव कुमार, एक्सईएन, मध्य गंगा नहर निर्माण खंड 9, संभल

     

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