संभल में महिष्मति नदी पर चला बुलडोजर: 8 KM लंबी पौराणिक नदी से हटा अवैध कब्जा, जानें क्या है नया प्लान
संभल में पौराणिक महिष्मति नदी के पुनरुद्धार हेतु राजस्व टीम ने अवैध कब्जे हटाना शुरू कर दिया है। किसानों और ईंट-भट्ठा संचालकों से 8 किलोमीटर लंबी नदी ...और पढ़ें

संभल के गांव हबीबपुर में महिष्मती नदी की भूमि से अवैध कब्जा हटाता बुलडोजर
HighLights
किसानों और ईंट-भट्ठा संचालकों के कब्जे में अधिकांश जमीन
तहसीलदार की अगुवाई में राजस्व विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
संवाद सहयोगी, संभल। पौराणिक महिष्मति नदी के पुनरुद्धार के लिए राजस्व टीम ने नदी की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को बुलडोजर की मदद से हटाना शुरू कर दिया। किसानों और ईंट-भट्ठा संचालकों के कब्जे से नदी की जमीन को मुक्त कराया जा रहा है। नदी की भूमि की पैमाइश के साथ ही उसके मूल स्वरूप को वापस लाने के लिए खोदाई कराई जा रही है।
डीएम अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर तहसील संभल में नदियों के प्रवाह के सत्यापन और उनके पुनरुद्धार की प्रक्रिया चल रही है। एसडीएम विकास चंद्र ने पांच अगस्त को महिष्मति के पुनरुद्धार के लिए राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम गठित की थी।
गांव खग्गूपुरा, हबीबपुर, रसूलपुर सराय, नरोत्तम सराय और बदायूं दरवाजा में नदी की खोदाई कराकर उसके अस्तित्व को पुन: स्थापित किया जाना है। करीब आठ किलोमीटर लंबी यह प्राचीन जलधारा कभी चंदायन तक जाती थी।
वर्तमान में इसका अधिकांश हिस्सा नाले के रूप में तब्दील हो चुका है। प्रशासन की पैमाइश में कई स्थानों पर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण सामने आया है। अब तक करीब दो हेक्टेयर भूमि कब्जामुक्त कराई जा चुकी है।
इसके बाद ग्राम पंचायत की मदद से समतल की गई भूमि की खोदाई कराकर नदी की चौड़ाई और गहराई को पुराने स्वरूप में लाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन की योजना महिष्मति नदी को भवानीपुर स्थित सोत नदी से जोड़ने की भी है।
महिष्मति नदी का धार्मिक महत्व भी बताया जाता है। इसे गंगा की एक धारा माना गया है। प्राचीन ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है। संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की धार्मिक विरासत से जुड़ी इस नदी के पुनरुद्धार से क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को भी नया जीवन मिलने की उम्मीद है।
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गुरुवार को राजस्व की टीम गांव खग्गूपुरा, हबीबपुर और रसूलपुर सराय पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कब्जा की गई भूमि पर किसानों द्वारा फसल कर रखी थी, जिसे बुलडोजर की मदद से हटाया गया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार धीरेंद्र कुमार भी रहे।