संभल हिंसा जांच रिपोर्ट: आयोग ने पुलिस, प्रशासन और मीडिया साक्ष्यों को माना सबसे विश्वसनीय
न्यायिक आयोग ने संभल हिंसा की जांच रिपोर्ट में पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और मीडिया कर्मियों की गवाही पर सर्वाधिक भरोसा जताया है। ...और पढ़ें

संभल हिंसा। (तस्वीर- फाइल)

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जागरण संवाददाता, संभल। संभल हिंसा की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि घटना के निष्कर्ष तक पहुंचने में सबसे अधिक भरोसा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गवाही, प्रत्यक्षदर्शी मीडिया कर्मियों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर किया गया।
आयोग के अनुसार तत्कालीन एसपी, एडिशनल एसपी, सीओ, एसएचओ और अन्य अधिकारियों के शपथपत्रों तथा मौखिक गवाही की पुष्टि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), एलआइयू रिपोर्ट, एफएसएल, बैलिस्टिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो फुटेज और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों से हुई।
आयोग ने कहा कि इन सभी साक्ष्यों में पर्याप्त सामंजस्य पाया गया, जिससे घटना का क्रम स्पष्ट रूप से स्थापित होता है। रिपोर्ट में मीडिया कर्मियों को भी महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी माना गया है। आयोग ने कहा कि उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो और रिकॉर्डिंग से कई घटनाओं और भाषणों की पुष्टि हुई।
एडवोकेट कमिश्नर, सर्वे टीम, वादी और प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ताओं और मस्जिद प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों के बयानों का भी परीक्षण किया गया। आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि सभी मौखिक साक्ष्यों का मिलान दस्तावेजी और वैज्ञानिक प्रमाणों से किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार इसी कारण आयोग ने पुलिस अधिकारियों, प्रशासन, मीडिया और तकनीकी साक्ष्यों के संयुक्त आधार पर अपनी निष्कर्षात्मक राय तैयार की और इन्हें सबसे विश्वसनीय साक्ष्य माना।