संतकबीर नगर मदरसा भूमि विवाद, ब्रिटिश मौलाना और बेटे की गैर-हाजिरी से सुनवाई अटकी
संतकबीर नगर में मदरसा भूमि को राज्य सरकार में निहित करने के मामले में ब्रिटिश मौलाना और उनका बेटा लगातार एसडीएम कोर्ट में पेश नहीं हो रहे हैं। उनकी अन ...और पढ़ें
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मदरसा की भूमि राज्य सरकार में निहित कराने के मामले में नहीं हो पाई सुनवाई। जागरण
HighLights
ब्रिटिश मौलाना और बेटा एसडीएम कोर्ट में नहीं हुए पेश।
मदरसा भूमि को राज्य सरकार में निहित करने का मामला।
संतकबीर नगर में सुनवाई की अगली तारीख 17 जुलाई।
जागरण संवाददाता, संतकबीर नगर। एसडीएम खलीलाबाद के कोर्ट में मदरसा की भूमि राज्य सरकार में निहित कराने के मामले में इस बार भी यानी मंगलवार को ब्रिटिश मौलाना व उसका बेटा पेश नहीं हुआ। इसके कारण सुनवाई नहीं हो पाई।
कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तिथि 17 जुलाई यानी शुक्रवार निर्धारित कर दी है। इनकी अनुपस्थिति के कारण सुनवाई में बाधा उत्पन्न हो रही है। इनका तय तिथि में न आना,कोर्ट के समक्ष अभिलेखों,साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत न करना लोगों को चौंका रहा है।
दुधारा थाना क्षेत्र के देवरियालाल गांव के मूल निवासी शमशुल हुदा खान ने भारत के अलावा ब्रिटेन की नागरिकता हासिल कर रखी है। ब्रिटेन के रायल फोल्ड,हेकमंडवाइक वेस्ट यार्कशायर डब्ल्यू एफ-16 में रहते हैं। इनका कोतवाली खलीलाबाद थाना क्षेत्र के गोश्त मंडी में कुल्लियतुल बनातिर रजविया नाम से मदरसा है। उनका बेटा तौसीफ रजा इसका प्रबंधक है।
एसडीएम-खलीलाबाद कोर्ट में इस मदरसे की भूमि को राज्य सरकार में निहित कराने के लिए सुनवाई होनी है। कोर्ट ने दो मई 2026 ब्रिटिश मौलाना,उनके बेटे,खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के सहसरांव गांव निवासी नूरुल हक व उनकी मां आशिया खातून,खलीलाबाद निवासी निजामुद्दीन आदि पांच लोगों को नोटिस भेजा था।
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गत सात जुलाई को मौलाना व उसके बेटे के कोर्ट में पेश न होने पर अगली सुनवाई की तिथि गत दस जुलाई तय कर दी गयी थीं। गत दस जुलाई को भी इन दोनों के कोर्ट में पेश न होने पर अगली तिथि 14 जुलाई निर्धारित की गयी। इस दिन भी ये कोर्ट में पेश नहीं हुए।
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इस पर कोर्ट ने अगली तिथि 17 जुलाई यानी शुक्रवार निर्धारित कर दी है। इनकी अनुपस्थिति के कारण सुनवाई में बाधा उत्पन्न हो रही है। इनका तय तिथि में न आना,कोर्ट के समक्ष अभिलेखों,साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत न करना लोगों को चौंका रहा है।