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    मौलाना शमसुल ने ब्रिटिश नागरिकता छिपाकर खरीदी थी मदरसे की भूमि, चार्जशीट कोर्ट में दाखिल, बेटे पर भी शिकंजा

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 12:06 AM (IST)

    एसआईटी ने ब्रिटिश नागरिक मौलाना शमसुल हुदा खान के खिलाफ विदेशी फंडिंग से संपत्ति खरीदने के मामले में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें उनके बेटे तौसीफ रजा ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. एसआईटी ने मौलाना शमसुल हुदा खान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

    2. विदेशी फंडिंग से एक अरब की संपत्ति खरीदने का आरोप है।

    3. बेटे तौसीफ रजा खान को भी मामले में आरोपी बनाया गया।

    एसके सिंह, संत कबीरनगर। ब्रिटिश नागरिक मौलाना शमसुल हुदा खान के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमे की जांच पूरी हो गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आठ माह में जांच पूरी कर एक हजार से अधिक पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है।

    चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही मौलाना और उसके पुत्र तौसीफ रजा खान की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। दूसरी ओर, एटीएस की जांच रिपोर्ट के आधार पर विदेशी फंडिंग के मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अलग जांच कर रही हैं।

    मामले की शुरुआत उस समय हुई थी, जब अक्टूबर 2025 में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की जांच में यह सामने आया कि ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने के बावजूद मौलाना ने तथ्यों को छिपाकर आजमगढ़ के एक मदरसे में नौकरी की और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का लाभ भी लिया।

    जांच में धार्मिक प्रचार-प्रसार के नाम पर जम्मू-कश्मीर समेत कई विदेशी दौरों तथा विदेशी फंडिंग से मदरसा संचालित किए जाने के भी साक्ष्य मिले थे। इसी आधार पर दो नवंबर 2025 को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार ने कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा दर्ज कराया था।

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    इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया। विवेचक ललितकांत ने बताया कि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी गई है।

    जांच के दौरान मौलाना एवं उसके बेटे के नाम छह बैंकों की 21 शाखाओं के जरिए विदेशी फंडिंग से खरीदी गई करीब एक अरब रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को चिन्हित किया है। ये संपत्तियां संत कबीर नगर के मोतीनगर, कांटे और देवरियालाला क्षेत्रों में मिली हैं।

    जांच में यह भी सामने आया कि मौलाना ने कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से इन संपत्तियों का हस्तांतरण बेटे तौसीफ रजा खान और बहू नसरीन जहां के नाम कर दिया है।

    जांच के दौरान नीदरलैंड, कतर (दोहा), आस्ट्रेलिया, लंदन, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान सहित कई देशों से माैलाना के बैंक खातों में विदेशी धनराशि आने के साक्ष्य मिले हैं।

    धार्मिक प्रचार-प्रसार और समाजसेवा के नाम पर प्राप्त इस धन का उपयोग निजी संपत्तियां बनाने और विलासितापूर्ण जीवनशैली अपनाने में किया गया।

    जांच के बाद मुकदमें में बेटा भी बना आरोपित

    अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने बताया इस मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद मौलाना के पुत्र तौसीफ रजा खान को भी मुकदमे में आरोपित बनाया गया है।

    जांच में यह भी पाया गया कि जिन विदेशी नागरिकों ने मौलाना के एनआरआई खातों में धन भेजा, उन्हीं स्रोतों से उसकी संस्थाओं ''कुलियातुल बनातीर रजबिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी'' और ''रजा फाउंडेशन'' के खातों में भी धनराशि स्थानांतरित की गई।

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