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    खलीलाबाद विधायक अंकुर राज तिवारी का रिपोर्ट कार्ड: विकास की गाड़ी चली जरूर, लेकिन मंजिल अब भी दूर

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 08:40 PM (IST)

    खलीलाबाद विधायक अंकुर राज तिवारी के चार साल के कार्यकाल में विकास कार्यों की शुरुआत हुई है, लेकिन कई परियोजनाएं अभी अधूरी हैं। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. विधायक निधि से 20 करोड़ के विकास कार्य हुए।

    2. औद्योगिक क्षेत्र में 30 लघु इकाइयों से रोजगार मिला।

    3. तामेश्वरनाथ कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज परियोजनाएं अधूरी हैं।

    विधायक जी का रिपोर्ट कार्ड- खलीलाबाद। संतकबीरनगर जिला मुख्यालय बने 28 वर्ष बीत गए, लेकिन खलीलाबाद अब भी उस मुकाम तक नहीं पहुंच सका है, जिसकी यहां के लोगों ने कल्पना की थी। फोरलेन और रेलवे जैसी बेहतर कनेक्टिविटी के बावजूद शहर का विकास बेतरतीब नजर आता है।

    नियोजित आवासीय कालोनी न बनने से आबादी जहां-तहां बसती चली गई। नतीजतन सड़क, पेयजल, बिजली और जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं आज भी चुनौती बनी हुई हैं।

    ऐसे में भाजपा विधायक अंकुर राज तिवारी का रिपोर्ट कार्ड उपलब्धियों और अधूरी उम्मीदों, दोनों की कहानी कहता है। इतना तय है कि विकास की गाड़ी पटरी पर आई है, लेकिन मंजिल तक पहुंचने के लिए उसकी रफ्तार और तेज करनी होगी।

    विधानसभा के वोटर

    • कुल मतदाता- 407189
    • पुरुष मतदाता- 223724
    • महिला मतदाता- 183464

    खलीलाबाद विधानसभा की सीमा मगहर से शुरू होती है, जो गोरखपुर के गीडा औद्योगिक क्षेत्र से सटी है। ऐसे में लोगों को उम्मीद थी कि यहां भी उद्योगों का तेजी से विस्तार होगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

    शुरुआती वर्षों में यह उम्मीद पूरी नहीं हुई, लेकिन योगी सरकार की इन्वेस्टर्स समिट के बाद हालात बदलने लगे। लंबे समय से बदहाल पड़े औद्योगिक क्षेत्र में दो बड़ी बिस्कुट फैक्ट्रियों समेत करीब 30 लघु इकाइयों ने उत्पादन शुरू किया, जिससे एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला।

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    पहली बार विधायक बने अंकुर राज तिवारी सदन से लेकर सड़क तक सक्रिय रहे। उनके प्रयास से मीरगंज में नए बस स्टेशन का निर्माण शुरू हुआ। विधायक निधि से करीब 20 करोड़ के विकास कार्य कराए गए, 47.31 किमी नई सड़कों का निर्माण हुआ और 800 जरूरतमंद परिवारों को चिकित्सा सहायता मिली।

    होजरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कताई मिल की भूमि पर टेक्सटाइल पार्क और फ्लैटेड फैक्ट्री भवन का प्रस्ताव भी आगे बढ़ा। विधायक का दावा है कि रेल, आधारभूत संरचना, सुरक्षा और कृषि से जुड़ी हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी होने पर खलीलाबाद की तस्वीर बदल जाएगी।

    इन उपलब्धियों के बीच कई सवाल भी खड़े हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी तामेश्वरनाथ कारिडोर परियोजना एक वर्ष से अधिक समय से किसानों के विरोध में अटकी है। समय पर भूमि अधिग्रहण हो जाता तो यह धार्मिक स्थल पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका होता। आवास विकास परिषद की प्रस्तावित कालोनी भी बोर्ड की बैठक तक नहीं पहुंच सकी, जिससे नियोजित शहर बसाने का सपना अधूरा है। मेडिकल कालेज की मांग भी अब तक पूरी नहीं हो सकी।

    विधायक के कामकाज को लेकर जनता की राय बंटी हुई है। समर्थकों का कहना है कि पिछले चार वर्षों में जितनी बड़ी परियोजनाएं मिलीं, उतनी पहले कभी नहीं मिलीं। दूसरी ओर आलोचकों का कहना है कि घोषणाएं और स्वीकृतियां तो खूब मिलीं, लेकिन कई अहम परियोजनाएं धरातल पर नजर नहीं आ रहीं।

    विधायक की जुबानी

    मेरे चार साल के कार्यकाल की तुलना यदि पूर्ववर्ती जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल से की जाए तो विकास का अंतर साफ दिखाई देगा। बस स्टेशन, तामेश्वरनाथ कारिडोर, आवास विकास कालोनी और टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाएं पूरी होने के बाद खलीलाबाद का असली रिपोर्ट कार्ड सामने आएगा और इनका लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचेगा। हमने सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ प्रमुख धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास से जुड़ी योजनाओं को गति दी है। विधायक निधि से 35 गांवों में आरसीसी सड़क, 56 गांवों में इंटरलाकिंग सड़क, 55 प्रमुख स्थानों पर हाईमास्ट लाइट, 25 विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया गया है। इसके अलावा चकदही, देवरी और चंगेरा-मंगेरा में विवाह घर एवं सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया है, जबकि छह प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण का कार्य भी पूरा हो चुका है।

    -अंकुर राज तिवारी, विधायक, खलीलाबाद

    प्रतिद्वंद्वी बोले-

    चुनाव में भाजपा विधायक हमारे प्रतिद्वंदी रहे, लेकिन लोकतांत्रिक परंपरा का सम्मान करते हुए हमने उनकी जीत पर शुभकामनाएं दीं और जनसेवा में सफल होने की कामना की। जहां तक विधायक के रिपोर्ट कार्ड का सवाल है, उसका फैसला जनता ही बेहतर ढंग से कर सकती है। इतना जरूर है कि योगी सरकार के कार्यकाल में विकास और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम हुए हैं। आज शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो, जहां बदलाव की पहल न हुई हो। किसी भी विधायक की उपलब्धियों का सबसे सही आकलन जनता के बीच उसके काम और भरोसे के आधार पर ही होता है। ्र

    -आफताब आलम, मुख्य प्रतिद्वंद्वी

    जनता की राय

    स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। हेपेटाइटिस-बी और हार्ट अटैक के रोगियों के लिए महंगा जीवनरक्षक इंजेक्शन निश्शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। उच्च स्तरीय बर्न वार्ड, ट्रामा सेंटर और हृदय रोग विशेषज्ञों की कमी दूर की जानी चाहिए, ताकि गंभीर रोगियों को समय पर इलाज मिल सके।

    -डाॅ. आलोक कुमार सिन्हा, वरिष्ठ चिकित्सक

     

    शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। जिले में विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कालेज और मेडिकल कालेज की कमी खल रही है। ऐसी व्यवस्था की जाए ताकि मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जनपदों या राज्यों का रुख न करना पड़े।

    -डाॅ. पूर्णेश नारायण सिंह, अध्यक्ष, बीएड विभाग एचआरपीजी कालेज

     

    युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है, लेकिन अब भी बड़े उद्योगों की कमी साफ दिखाई देती है। यदि बड़े कारखाने स्थापित हों तो युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। चीनी मिल, मगहर कताई मिल जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों को फिर से चलाने की जरूरत है।

    -शुभम मिश्र, युवा

     

    सदर विधायक के प्रयास से तहसील परिसर में अधिवक्ताओं के लिए चेंबर का निर्माण कराया जा रहा है, जो सराहनीय है। हालांकि दीवानी कचहरी में अब भी लाइब्रेरी, अधिवक्ता चेंबर और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इसका खामियाजा अधिवक्ताओं के साथ-साथ फरियादियों को भी उठाना पड़ रहा है।

    -अमित उपाध्याय, एडवोकेट, दीवानी कचहरी

    प्रस्तुति: एसके सिंह

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