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    संत कबीर नगर में फिशिंग कैट नहीं, सुरसा चमनजोत के जंगल में छिपा है तेंदुआ

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 09:06 AM (IST)

    संतकबीर नगर के सुरसा चमनजोत जंगल में पांच दिनों से दिख रहा रहस्यमयी वन्यजीव फिशिंग कैट नहीं, बल्कि तेंदुआ निकला। तेंदुए के सड़क किनारे दिखने के बाद ग् ...और पढ़ें

    गुरुवार की रात में जंगल किनारे सड़क पर भ्रमण करती वन विभाग की टीम। फोटो इंटरनेट मीडिया

    गुरुवार की रात में जंगल किनारे सड़क पर भ्रमण करती वन विभाग की टीम। फोटो इंटरनेट मीडिया

    HighLights

    1. सुरसा चमनजोत जंगल में रहस्यमयी वन्यजीव तेंदुआ निकला।

    2. पांच दिनों से फिशिंग कैट समझने की भूल हुई।

    3. तेंदुए के दिखने से ग्रामीणों में दहशत, पिंजरा लगाने की मांग।

    जागरण संवाददाता, संतकबीर नगर। सुरसा चमनजोत जंगल में पिछले पांच दिनों से जिस रहस्यमयी वन्यजीव को वन विभाग फिशिंग कैट मान रहा था, वह गुरुवार रात तेंदुआ निकला। जंगल से निकलकर सड़क किनारे पहुंचे तेंदुए का फोटो और वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। जंगल से सटे गांवों में लोगों ने रात में घरों से निकलना कम कर दिया है, जबकि वन विभाग ने तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि के लिए टीम को सक्रिय कर दिया है।

    सबसे पहले जंगल में बिजली फाल्ट ठीक करने गए कर्मचारियों ने विशालकाय वन्यजीव को देखा था। उन्होंने उसका वीडियो भी बनाया, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण उसकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी। इसके बाद लगातार ग्रामीणों ने झाड़ियों में हलचल और किसी बड़े जानवर की गर्जना सुनाई देने की शिकायत की।

    शिकायतों के बावजूद वन विभाग शुरुआती जांच में इसे फिशिंग कैट होने की संभावना बताता रहा। बढ़ती शिकायतों के बाद मंगलवार को वन विभाग की टीम जंगल पहुंची, जबकि बुधवार को सर्च अभियान भी चलाया गया। हालांकि, पदचिह्न नहीं मिलने से किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका।

    गुरुवार की रात करीब 8:30 बजे तेंदुआ अचानक जंगल से निकलकर सड़क किनारे आ गया। वहां से गुजर रहे लोगों ने उसका फोटो और वीडियो बना लिया। जैसे ही तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए, पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।

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    ग्रामीणों का कहना है कि उसकी बनावट, चाल और गर्जना साफ तौर पर तेंदुए जैसी थी। इस घटना के कुछ घंटे पहले ही प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) हरिकेश नारायण यादव वन्य जीव की जांच के लिए टीम के साथ मौके पर गए थे और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश देकर लौट गए। उनके जाने के कुछ देर बाद ही वन विभाग की टीम भी चली गई।

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    जंगल किनारे टीम के साथ गुरुवार की शाम को वन्यजीव की जांच करने पहुंचे डीएफओ हरिकेश नारायण यादव। जागरण


     

    रात में जब वन विभाग की टीम पहुंची, जंगल में छिप गया तेंदुआ

    तेंदुए के आबादी के करीब पहुंचने की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम रात में मौके पर पहुंची। हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही तेंदुआ दोबारा जंगल में चला गया। वनकर्मियों ने आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर निगरानी बढ़ा दी है।

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    गर्जना से दहशत, पिंजरा लगाने की मांग

    ग्रामीणों का कहना है कि पिछले पांच दिनों से रात के समय जंगल की झाड़ियों से किसी बड़े वन्यजीव की आवाजें सुनाई दे रही थीं। उनका आरोप है कि वन विभाग इसे फिशिंग कैट बताकर गंभीरता से नहीं ले रहा था। गुरुवार रात तेंदुए को सड़क किनारे घूमते और उसकी गर्जना सुनने के बाद लोगों की आशंका यकीन में बदल गई। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने और क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

    ग्रामीणों से तेंदुआ दिखाई देने की मिली सूचना पर जांच के लिए वन विभाग की टीम भेजी गई थी। जांच में तेंदुए की पुष्टि हो चुकी है। सर्च अभियान चलाकर उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा।

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    -अजय कुमार त्रिपाठी, वन क्षेत्राधिकारी