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    मेंहदावल में 'ब्लैकआउट': 20 घंटे अंधेरे में डूबा रहा शहर, रातभर सड़क पर उतरे आक्रोशित लोग

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 12:32 PM (IST)

    मेंहदावल में फीडर ब्लास्ट के कारण 20 घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आक्रोशित उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र का घेराव कर विरोध प्रदर्श ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. मेंहदावल में फीडर ब्लास्ट से 20 घंटे बिजली ठप।

    2. आक्रोशित उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र का घेराव कर विरोध जताया।

    3. गोरखपुर से आई टीम ने मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की।

    जागरण संवाददाता, मेंहदावल, (संतकबीर नगर)। मेंहदावल शहरी क्षेत्र में फीडर ब्लास्ट होने से गत शुक्रवार को सुबह आठ बजे से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। करीब 20 घंटे तक बिजली नहीं रही। देर रात तमाम आक्रोशित उपभोक्ताओं ने उप केंद्र का घेराव कर जमकर नारेबाजी की।

    इन सबके बीच इनवर्टर के बैठ जाने से बिजली उपकरण बेकार साबित हुए। टंकी पानी से खाली हो गयी। प्यास बुझाने के लिए पानी के लिए तरसना पड़ा। मोबाइल चार्ज नहीं कर पाए। रात में सही से नींद नहीं ले पाए। गोरखपुर से बुलाई गई टीम के आने पर शनिवार को सुबह चार बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। तब लोगों ने राहत की सांस ली।

    फीडर ब्लास्ट से ठप हुआ पूरा शहर, घंटों भटकते रहे उपभोक्ता
    शुक्रवार की सुबह मेंहदावल उपकेंद्र से निकलने वाले मुख्य फीडर में अचानक ब्लास्ट हो गया। चिंगारी और धमाके की आवाज सुनते ही क्षेत्र की सप्लाई कट गई। गर्मी के बीच बिजली जाने से घरों में पानी की समस्या सबसे पहले सामने आई। दुकानों में कामकाज ठप हो गया, बैंक, अस्पताल और एटीएम भी प्रभावित हुए। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने दिनभर लोकल स्तर पर मरम्मत का प्रयास किया, लेकिन फीडर का केबल और जॉइंट पूरी तरह जल जाने के कारण समस्या हल नहीं हो सकी।

    शाम होते-होते लोगों का सब्र जवाब दे गया। मोबाइल बंद, इनवर्टर डिस्चार्ज और बच्चों की पढ़ाई बाधित होने से गुस्सा बढ़ता गया। पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी इस दौरान काफी परेशान नजर आए। उपकेंद्र पर फोन घनघनाते रहे।

    रात में सड़क पर उतरे लोग, चार पहिया को बनाया आशियाना
    बिजली न आने से रात होते ही हालात और बिगड़ गए। गर्मी और उमस से परेशान सैकड़ों लोग रात करीब 11 बजे उपकेंद्र पहुंच गए। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने नाराजगी जताई। लोगों का आरोप था कि विभाग समय से वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सका।

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    अधिकारी फोन नहीं उठा रहे। कई परिवारों ने तो गर्मी से बचने के लिए अपनी चार पहिया गाड़ियों में ही रात गुजारी। कुछ लोग छतों पर और पार्कों में खुले में सोने को मजबूर हुए। अवर अभियंता मनोज कुमार श्रीवास्तव ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।

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    गोरखपुर से आई टीम ने रातभर की मरम्मत, सुबह हुई राहत
    उपभोक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए बिजली विभाग ने तत्काल गोरखपुर से तकनीकी टीम बुलाई। अवर अभियंता मनोज कुमार श्रीवास्तव टीम को लेकर मेंहदावल पहुंचे। रातभर मरम्मत कार्य चला। अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता भी उपकेंद्र पर जमे रहे।

    मरम्मत कार्य की निगरानी करते रहे। करीब 20 घंटे बाद शनिवार की सुबह चार बजे फीडर को चार्ज कर आपूर्ति शुरू की गई। बिजली आते ही घरों में फिर से रौनक लौटी। लोगों ने राहत की सांस ली। इसके साथ ही विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए।

    लगतार बारिश व उससे होने वाली नमी के कारण फीडर ब्लास्ट हुआ था। लोकल स्तर पर ठीक न होने पर गोरखपुर से टीम बुलाकर मरम्मत कार्य कराया गया। सुबह बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए पुराने फीडरों की जांच कर मरम्मत कार्य कराया जाएगा।

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    -अभिषेक सिंह यादव, अधिशासी अभियंता-मेंहदावल।