Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    संतकबीर नगर में 30 करोड़ की शेयर बाजार ठगी का ऑनलाइन राज खुला, पांच एस्क्रो खातों से हुआ करोड़ों का लेनदेन

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 01:57 PM (IST)

    संतकबीर नगर में शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर 250 से अधिक निवेशकों से 30 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। साइबर पुलिस मास्टरमाइंड दंपती द्वारा ऑनलाइ ...और पढ़ें

    शेयर बाजार में शर्तिया मुनाफे का झांसा देकर निवेशकों से 30 करोड़ रुपये की ठगी का मामला।

    शेयर बाजार में शर्तिया मुनाफे का झांसा देकर निवेशकों से 30 करोड़ रुपये की ठगी का मामला।

    HighLights

    1. शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर 30 करोड़ की ठगी।

    2. मास्टरमाइंड दंपती ने ऑनलाइन स्टोर में छिपाया निवेशकों का डेटा।

    3. ठगी की रकम छिपाने को पांच एस्क्रो खातों का इस्तेमाल।

    एसके सिंह, संतकबीर नगर। शेयर मार्केट में निवेश पर शर्तिया लाभ का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड दंपती के खेल की परतें जांच के साथ खुलती जा रही हैं। ठगों ने डिजिटल दुनिया में ऐसा जाल बिछाया कि 250 से अधिक निवेशक मुनाफे के लालच में फंसते चले गए और करीब 30 करोड़ रुपये गंवा बैठे।

    अब तक की जांच में सामने आया है कि निवेशकों का पूरा डेटा बी ग्राह होस्टिंग कंपनी के आनलाइन स्टोर में सुरक्षित रखा गया था, जबकि ठगी से जुटाई गई रकम को छिपाने के लिए विभिन्न बैंकों में पांच एस्क्रो खाते संचालित किए जा रहे थे। इन खातों में तीन करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन के प्रमाण मिले हैं।

    पुलिस को आशंका है कि ऑनलाइन स्टोर में छिपे डेटा के सामने आने के बाद ठगी की असल तस्वीर और भी बड़ी हो सकती है। साइबर थाना अब होस्टिंग कंपनी से संपर्क कर निवेशकों का पूरा रिकार्ड हासिल करने में जुटी है।

    इस बहुचर्चित मामले का खुलासा 18 अक्टूबर 2025 को हुआ था, जब हटवा निवासी संतराम मौर्य ने 51 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए महुली थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसमें कुशीनगर के मुंडेरा उपाध्याय निवासी धनंजय शुक्ला, उसकी पार्टनर रजनी प्रजापति निवासी बिलासपुर (छत्तीसगढ़), इंजीनियर संजय दास निवासी अगरतला समेत 13 लोगों को नामजद किया गया।

    खबरें और भी

    पुलिस मुख्य आरोपित धनंजय और रजनी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। विवेचना के दौरान चार अन्य लोगों के नाम भी सामने आए। इनमें विक्रांत प्रकाश सिंह निवासी गायघाट और सत्यप्रकाश यादव निवासी चंद्रहर को एक दिन पूर्व गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि दो आरोपित अभी फरार हैं। पुलिस ले इनकी तलाश तेज कर दी है। इसमें एक बस्ती जबकि दूसरा संतकबीर नगर का है।

    विवेचक उपनिरीक्षक ललितकांत के अनुसार धनंजय शुक्ला भले ही हाईस्कूल पास हो, लेकिन वह कंप्यूटर तकनीक का गहरा जानकार है। उसने अपनी पार्टनर के साथ मिलकर ऐसा नेटवर्क तैयार किया था, जिसमें निवेशक जोड़ने वालों को मोटा कमीशन दिया जाता था।

    यह भी पढ़ें- संतकबीर नगर मालखाने से 427 ग्राम सोना गबन करने के आरोपी हेड मोहर्रिर राधेश्याम गुप्ता निलंबित, संपत्तियों की भी होगी जांच

    धन के प्रवाह को गोपनीय बनाए रखने के लिए एस्क्रो खातों का इस्तेमाल किया गया। जांच में टीवीएस साल्यूशन डाट इन और एआइपीएल एप के माध्यम से लेनदेन के संकेत मिले हैं।

    पुलिस के अनुसार निवेशकों और लेनदेन से जुड़ा अहम डेटा बी ग्राह होस्टिंग कंपनी में सुरक्षित रखा गया था। इसका प्राइमरी डोमेन टीवीएस साल्यूशन और सेकेंडरी डोमेन एआइपीएल डाट ओआरजी है। अक्टूबर 2025 के बाद स्टारेज का खाता सक्रिय न होने से डेटा लैप्स होने की आशंका बढ़ गई है।

    विवेचक का कहना है कि यदि यह डिजिटल रिकार्ड मिल जाता है तो ठगी के नेटवर्क, निवेशकों की वास्तविक संख्या और रकम के प्रवाह का पूरा सच सामने आ जाएगा।