संतकबीरनगर GST चोरी: दिल्ली से दो इनामी जालसाज गिरफ्तार, 18.96 करोड़ का फर्जीवाड़ा
संतकबीरनगर में 18.96 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के आरोप में दिल्ली के दो इनामी जालसाज सौरभ अग्रवाल और अजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया है। ये फर्जी बिल ...और पढ़ें

फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों की जीएसटी चोरी करने के मामले में गिरफ्तार किए गए इनामी जालसाजों के बारे में जानकारी देते एसपी संदीप कुमार मीना।
HighLights
18.96 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का मामला।
दिल्ली से दो इनामी जालसाज सौरभ, अजीत गिरफ्तार।
फर्जी बिलिंग, बोगस आईटीसी से सरकार को नुकसान।
जागरण संवाददाता, संतकबीर नगर। फर्जी बिलिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) के जरिये 18.96 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के आरोप में पुलिस ने 50-50 हजार रुपये के दो इनामी जालसाजों को दिल्ली के हरिनगर क्लाक टावर से गिरफ्तार किया। आरोपितों में नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-17 स्थित समृद्धि अपार्टमेंट निवासी सौरभ अग्रवाल उर्फ सन्नी तथा साउथ-वेस्ट दिल्ली के सागरपुर थाना क्षेत्र की कैलाशपुरी एक्सटेंशन, पालन कालोनी निवासी अजीत कुमार शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने बताया कि राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त अरविंद कुमार ने तीन जुलाई 2025 को कोतवाली खलीलाबाद में तहरीर देकर बताया था कि यादव इंटरप्राइजेज नामक फर्म द्वारा बिना वास्तविक खरीद-बिक्री के केवल कागजों पर लेन-देन दर्शाकर भारी मात्रा में फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया गया।
जांच में मई 2025 के जीएसटी रिटर्न में करीब 18.96 करोड़ रुपये की बोगस आइटीसी दर्शाए जाने का मामला सामने आया था। आरोपितों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जाली आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अस्तित्वहीन फर्मों का पंजीकरण कराया। गिरोह के सदस्य वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज और डाटा साझा करते थे।
तकनीकी साधनों और साफ्टवेयर की मदद से फर्जी खरीद-बिक्री का पूरा रिकार्ड तैयार किया जाता था, जबकि वास्तविकता में कोई माल एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजा ही नहीं जाता था। वास्तविक फर्मों से धनराशि फर्जी फर्मों के खातों में भेजी जाती और बाद में विभिन्न खातों में घुमाकर अथवा नकद निकालकर वापस कर दी जाती थी। इस प्रक्रिया को सर्कुलर ट्रेडिंग कहा जाता है।
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इसके माध्यम से कंपनियां कागजों पर खरीद दिखाकर करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करती थीं और अपनी कर देनदारी कम कर लेती थीं, जिससे सरकार को भारी राजस्व हानि होती थी।प्रकरण में संलिप्त दिल्ली निवासी संदीप कुमार और अमन उपाध्याय को 13 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
उसकी गिरफ्तारी के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर सौरभ अग्रवाल और अजीत कुमार की भूमिका सामने आई थी। तभी से दोनों की तलाश की जा रही थी।