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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chakbandi News: किसानों के आगे झुका प्रशासन, शाहजहांपुर के इस गांव में फिर से होगी चकबंदी

    Updated: Sat, 31 Aug 2024 12:10 PM (IST)

    Chakbandi In Sikandarpur Kalan Update News सिकंदपुर कलां में चकबंदी के लिए किसानों ने मांग की थी। किसानों का कहना था कि 22 वर्ष से चल रही प्रक्रिया मे ...और पढ़ें

    Shajahanpur News: सिकंदरपुर कलां में फिर से चकबंदी होगी।
    Shajahanpur News: सिकंदरपुर कलां में फिर से चकबंदी होगी।

    HighLights

    1. जांच टीम की रिपोर्ट के बाद चार कर्मियों पर हो चुकी निलंबन की कार्रवाई
    2. 2002 से चकबंदी का काम चल रहा है

    संवाद सूत्र, मदनापुर/शाहजहांपुर। सिकंदरपुर कलां गांव में अब दोबारा से चकबंदी होगी। 22 वर्ष बाद भी प्रक्रिया पूर्ण न होने व इसमें लगे अनियमितता के आरोपों के बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर एडीएम न्यायिक ने निर्देश दिए हैं।

    इस प्रकरण में चार कर्मियों के निलंबन की कार्रवाई भी हो चुकी है। हालांकि विभागीय अधिकारी आदेश मिलने के बाद ही कोई कदम उठाने की बात कह रहे हैं। क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर कला में वर्ष 2002 से चकबंदी का कार्य चल रहा है।

    गांव के कुल 2081 चकदार किसानों के कुल गाटा 2049 हैं, जिनका रकबा 1032 हेक्टेयर है। इस भूमि पर चकबंदी विभाग ने चक काटे हैं। गांव में धारा 23 की कार्रवाई भी पूरी कर कब्जा परिवर्तन के लिए राजस्व निरीक्षक व तीन लेखपालों की एक टीम बनाई गई, लेकिन किसानों ने इसका विरोध कर दिया। उन्होंने चकबंदी कार्य में मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता नहीं बरती गई। जिसकी शिकायत चकबंदी आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों से हुई थी।

    दोबरा चकबदी करने की मांग की थी

    किसानों ने धरना देकर दोबारा चकबंदी की मांग भी की थी। उनका कहना था कि अगर दोबारा से चकबंदी नहीं होती है तो वे आत्महत्या कर लेंगे। क्योंकि उनकी पुश्तैनी जमीन के चक काटने में बड़े स्तर पर अनियमितता हुई है। कर्मचारियों की लापरवाही के चलते ही तमाम किसानों को उनकी जमीन ढूंढे नहीं मिल पा रही वही तमाम किसान ऐसे भी हैं जिन्हें उनकी पूरी जमीन पर कब्जा नहीं मिल पा रहा है। जिसके बाद चकबंदी आयुक्त के निर्देश पर गठित टीम ने 22 अगस्त को गांव में जाकर किसानों से बात की।

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    निलंबित हो चुके हैं ये लोग

    जिला बंदोबस्त अधिकारी मोहन लाल, चकबंदी अधिकारी अजय कुमार वर्मा, सहायक चकबंदी अधिकारी मनोज कुमार वर्मा वनायब तहसीलदार अनुपम दुबे की रिपोर्ट बनाकर चकबंदी आयुक्त दी थी। उनके निर्देश पर बंदोबस्त अधिकारी मोहन लाल ने राजस्व निरीक्षक ओमप्रकाश सक्सेना, लेखपाल नवीन मालिक, सर्वेश कुमार व ओमेंद्र कुमार के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की थी। अब उप संचालन चकबंदी एडीएम न्यायिक राशिद अली ने चकबंदी रिमांड दोबारा से कराने की स्वीकृति दे दी है।

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    जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर मैंने गुरुवार को ही चकबंदी रिमांड को मंजूरी दी गई है। अब यह चकबंदी विभाग पर निर्भर करता है कि वह कब से अपनी कार्रवाई शुरू करेंगे। राशिद अली एडीएम न्यायिक/ उप संचालक चकबंदी

    जांच टीम ने किसानों की मांगों व आरोपों से संबंधित बिंदुबार बनाई गई जांच रिपोर्ट एडीएम को सौंप दी थी। हो सकता है कि उन्होंने दोबारा चकबंदी के लिए हस्ताक्षर कर दिए हों, लेकिन अभी कोई आदेश नहीं मिला है। मनोज कुमार वर्मा, सहायक चकबंदी अधिकारी