पार्सल में iPhone और गोल्ड का झांसा देकर युवती से लूटे लाखों, शाहजहांपुर में हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड का खुलासा
शाहजहांपुर में एक युवती से जीवनसाथी डॉट कॉम के जरिए 15 लाख 69 हजार रुपये की ठगी हुई। ठग ने खुद को कनाडा का व्यवसायी बताकर शादी का झांसा दिया। पार्सल श ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
जीवनसाथी डाट काम के जरिये कनाडा का व्यवसायी बताकर युवती को दिया झांसा
11 से 29 दिसंबर के बीच अलग-अलग बहाने बताकर आनलाइन की ठगी, प्राथमिकी
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। जीवन साथी डाट काम वेबसाइट के जरिये एक युवती से नजदीकियां बढ़ाकर 15 लाख 69 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। ठगी का अहसास होने पर युवती ने साइबर थाने में प्राथमिकी पंजीकृत कराई। चौक कोतवाली क्षेत्र निवासी युवती ने पंजीकृत कराई प्राथमिकी में कहा कि 23 नवंबर 2025 को शादी के लिए जीवन साथी डाट काम बेवसाइट पर विशाल अग्रवाल नाम की आइडी से अनुरोध आया था। अनुरोध स्वीकार करने के बाद आठ दिसंबर से विशाल से बातचीत शुरू हुई।
युवक ने बताया कि वह कनाडा में रहकर व्यवसाय कर रहा है। फरवरी में कनाडा से हटाकर दिल्ली में शुरू कर देगा। विशाल ने कहा इसके बाद वह दोनों शादी कर लेंगे। शादी तय करने के लिए 10 दिसंबर को युवती के पास उपहार भेजने के लिए कहा था। इसके लिए युवती का स्थाई पता मांग लिया था। युवती से कहा कि 11 दिसंबर को पार्सल 10 बजे तक उसके पास पहुंच जाएगा।
इसमें एक रिंग, एक गोल्ड का हार व एक आइफोन रखा है। 11 दिसंबर को युवती के पास आकाश नाम के युवक की काल आई थी। उसने पार्सल का किराया 26 हजार रुपये आनलाइन भेजने के लिए कहा था। युवती ने झांसे में आकर यूपीआइ के माध्यम से रुपये भेज दिए थे। 12 दिसंबर को एक सर्टिफिकेट गोल्ड के लिए भेजा गया। इसमें कहा गया कि गोल्ड का सरकारी टैक्स देना होगा।
इसकी कीमत एक लाख 27 हजार 150 रुपये बताई। युवती ने यह रुपये भी यूपीआइ के माध्यम से भेज दिए थे। उसके बाद कहा गया कि पार्सल में डालर करेंसी भी है। जिसे भारतीय मुद्रा में बदलना है। युवती के पास अगली काल विनोद खन्ना नाम के युवक की आई, जिसने खुद को अधिकारी बताया था। कहा, करेंसी बदलने के लिए एक लाख 12 हजार 250 रुपये जमा करने हैं। जो बाद में वापस मिल जाएंगे।
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युवती के पास एक चेक वाट्सएप पर भेजा गया, जिसमें नाम गलत लिखा था। युवती ने गलत नाम लिखा होने की आपत्ति जताई थी, जिसके बाद वह चेक डिलीट कर दिया गया था। इसके बाद काल करने वाले ने कहा कि विशाल अग्रवाल के हस्ताक्षर कराने पड़ेंगे, इसके लिए उन्हें कनाडा से भारत आना होगा। युवती ने विशाल से बात की। जिसके बाद उसने 21 दिसंबर को एयर लाइन टिकट कराना बताया।
करीब 16 घंटे बाद विशाल अग्रवाल को एयरपोर्ट दिल्ली आना बताया गया। जिसकी फोटो युवती के वाट्सएप पर भेजी गई। एयरपोर्ट पर आने के बाद दूसरे नंबर से काल युवती के पास की गई। जिसमें कहा गया कि सीबीआइ ने विशाल को चेकिंग के लिए रोक लिया है। उनका अनुमति कार्ड नहीं है। अनुमति कार्ड बनाने के लिए एक लाख पांच हजार रुपये की मांग की गई।
24 दिसंबर को कहा गया कि विशाल के पास एक लाख कनाडा डालर है, जो भारतीय मुद्रा में बदलना है। इसके लिए तीन लाख 10 हजार रुपये की मांग की गई। यह रुपये भी बाद में वापस करने का भरोसा दिया गया। इस बीच कई दिन अवकाश होने की वजह से युवती ने 28 दिसंबर को आनलाइन रुपये भेजे थे।
युवती ने कहा 11 से 29 दिसंबर के बीच अलग-अलग बहाने बताकर उससे 15 लाख 69 हजार रुपये ठग लिए गए। बाद में संपर्क होना बंद हो गया। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर थाने में प्राथमिकी पंजीकृत कराई। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि इसकी जांच की जा रही है।