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    MLA Report Card Puwayan: विकास के वादों के बीच कहां अटका पुवायां? बस अड्डा तो चमका, पर कृषि शिक्षा और रोजगार में छूटे पसीने

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 05:35 PM (IST)

    Uttar Pradesh MLA Report Card: पुवायां विधायक चेतराम के रिपोर्ट कार्ड में सड़क, पुल और बस अड्डे का विकास दिखा, लेकिन कृषि शिक्षा और रोजगार के वादे अधू ...और पढ़ें

    चेतराम, विधायक, पुवायां

    चेतराम, विधायक, पुवायां

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    1. बेसहारा पशु नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में अब भी बड़ी मुसीबत, करना पड़ रहा दिक्कत का सामना

    जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। कृषि के साथ साथ राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण पुवायां विधानसभा में भाजपा के चेतराम दोबारा विधायक बने। चुनाव के समय उन्होंने भी जनता से सड़क, बिजली व पेजयल व्यवस्था बेहतर करने के वादे किए, इनमें से कुछ पूरे भी हुए, लेकिन कृषि विश्वविद्यालय, गन्ना किसान डिग्री महाविद्यालय में कृषि विषय की कक्षाओं के संचालन व रोजगार के लिए उद्योगों की स्थापना जैसे वादे अधूरे रहे।

    धान, गन्ना, गेहूं, मक्का, आलू आदि फसलों का उत्पादन यहां पर बड़े स्तर पर होता है। विभिन्न राज्यों व विदेश में निर्यात होता है, जिससे सरकार को बड़ा राजस्व मिलता है, लेकिन कृषि बहुल इस विधानसभा क्षेत्र में गन्ना किसान महाविद्यालय में कृषि कक्षाओं का संचालन अब तक शुरू नही हो सका। यहां पर पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है। जबकि चुनाव के दौरान यह मुद्दा जोर शोर से उठा था।

    सिमरा वीरान में कृषि विश्वविद्यालय की मांग भी कागजों तक सीमित रह गई। हालांकि चेतराम बताते हैं कि व्यावसायिक शिक्षा के लिए आइटीआइ का संचालन शुरू कराया है। खुटार ब्लाक के रामपुर कलां में शहीद भगत सिंह महाविद्यालय, गन्ना किसान डिग्री कालेज में मरम्मत जैसे कार्य भी गिनाते हैं।

    गोसंरक्षण के लिए नगर में गोआश्रय स्थल, खुटार के सिमरा वीरान गोसदन में गोशाला व महोलिया वीरान में नंदीशाला सहित विभिन्न गोशालाओं के निर्माण हुए हैं, लेकिन इसके बाद भी बेसहारा पशु नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक में बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। फसलों को नुकसान हो रहा है। पशुओं के कारण हादसों की संख्या भी इसी क्षेत्र में अधिक है।

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    रोजगार के मुद्दे पर भी कुछ विशेष ध्यान नहीं दिया गया। क्षेत्र में एक भी नई फैक्ट्री ऐसी नहीं लगी, जिसमें स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलता। धार्मिक स्थलों के संरक्षण व उनके सुंदरीकरण पर काम कराया है। मुड़िया कुर्मियात, राधा कृष्ण मंदिर, सुनासिर नाथ शिव मंदिर, नागतारा तालाब के लिए बजट स्वीकृत कराया।

    सीएचसी में 50 बेड महिला अस्पताल के निर्माण ने राहत दी है। परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिए 2.80 करोड़ की लागत से रोडवेज बस अड्डे के सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है, जिसके बाद बसों का यहां ठहराव भी होने की संभावना है। प्रमुख सड़कों की स्थिति में सुधार हुआ है। शाहजहांपुर पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का काम लगभगग पूरा हो चुका है।

    पुवायां मोहम्मदी, जेबां मार्ग के चौड़ीकरण के साथ ही नाहिल गांव, निगोही मार्ग के निर्माण भी हुए हैं। सिंघापुर व मकसूदापुर पुल के निर्माण की मांग भी पूरी हुई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों विशेषकर बंडा व खुटार क्षेत्र में संपर्क मार्गाे का हाल अब भी खराब है। बरसात के दिनों में दलदल जैसी स्थिति हो जाती है।

    पुवायां में जल्द शुरू होगी कृषि की पढ़ाई

    विधायक चेतराम ने कहा कि हमने जो भी वादे किए थे, उनमें से अधिकांश पूरे करने का प्रयास किया है। क्षेत्र में सड़कों व पुलों की सबसे ज्यादा जरूरत थी। इसलिए उन पर विशेष ध्यान दिया। जिससे बदलाव भी नजर आ रहा है। लोगों को आवागमन में सहूलियत हुुई है।

    शाहजहांपुर पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बड़ागांव व खुटार क्षेत्र में बाईपास पर सड़क निर्माण कराया, खुटार क्षेत्र में महाविद्यालय, पुवायां में बस अड्डा के साथ में महिलाओं के लिए महिला अस्पताल ऐसे कार्य रहे, जिनसे जनता को बड़ी राहत मिली है। बेसहारा पशुओं के संरक्षण के लिए बड़ी गोशालाएं बनवाईं हैं। कई गोशालाएं अभी निर्माणाधीन हैं।

    जहां तक सिमरा वीरान में कृषि विश्वविद्यालय व गन्ना किसान डिग्री कालेज शुरू में कृषि कक्षाओं के संचालन की बात है तो इसके लिए हम प्रयासरत हैं। जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने होंगे। क़ृषि कक्षाओं के संचालन के साथ ही यहां पर विषय से संंबंधित शिक्षकों की भी नियुक्ति होगी।

    अब भी काम के लिए दूसरे राज्यों में जा रहे युवा

    बसपा नेता जसपाल गौतम ने कहा कि जनता की अपेक्षानुसार जो काम होने चाहिए। वह नहीं कराए गए, क्षेत्र में कोई औद्योगिक विकास न होने से युवाओं को रोजगार के लिए बाहरी प्रदेशों में जाना पड़ रहा है । कमजोर वर्ग के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ना पड़ता है। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कमजोर वर्गों को 50 फीसदी आरक्षण मिले।

    सड़कों पर बेसहारा पशुओं से दुर्घटना हो रही है। हादसे में लोग जान गवां रहे हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त है कमजोर वर्गों को अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। किसानों की सुनवाई हो रही है, उनको खाद व बीज के लिए सिफारिश लगानी पड़ रही है।

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