पापा प्लीज कॉल उठा लो... बेटे के मैसेज का नहीं आया जवाब, होटल के कमरे में इस हाल में मिले ऋषिकेश के इंजीनियर
ऋषिकेश के सिविल इंजीनियर गौरव सक्सेना शाहजहांपुर के एक होटल में मृत पाए गए। वे 1 फरवरी से होटल में रह रहे थे। कमरे में शराब की बोतलें मिलीं, लेकिन पोस ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
एक फरवरी से सदर के बहादुरगंज स्थित होटल में रह रहे थे, मंगलवार सुबह कर्मचारी ने देखा शव
कमरे में मिली शराब की बोतल, दो खाली पौव्वा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बीमारी से मृत्यु होने की पुष्टि
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। ऋषिकेश के गंगानगर निवासी सिविल इंजीनियर गौरव सक्सेना का मंगलवार को स्वागत होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में शव पड़ा मिला। कमरे में शराब की बोतल व पौव्वा रखा मिला। एएसपी सिटी ने घटना स्थल पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज दिखवाए। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बीमारी से मृत्यु होने की पुष्टि हुई। उनकी सदर क्षेत्र में ही ससुराल है।
गौरव एक फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे सदर के बहादुरगंज स्थित स्वागत होटल पहुंचे थे। वहां रहने के लिए कमरा मांगा था। उन्हें फर्स्ट फ्लोर पर कमरा नंबर 107 दिया गया था। मंगलवार लगभग साढ़े आठ बजे कर्मचारी नाश्ता के लिए पूछने पहुंचा। काफी देर तक आवाज लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला।
कर्मचारी ने जब गेट पर हाथ लगाया, तो वह खुला था। अंदर गौरव का शव फर्श पर पड़ा था। पैर कुर्सी पर थे। नाक से खून निकल रहा था। कर्मचारी ने होटल मालिक को घटना के बारे में बताया, जिसके बाद सदर पुलिस को सूचना दी गई। एएसपी सिटी देवेंद्र कुमार फोरेंसिक व सदर पुलिस के साथ मौके पर जांच करने पहुंचे।
कमरे में एक शराब की बोतल भरी हुई और दो पौव्वे खाली रखे थे। इसके बाद घटना की जानकारी शहर के चित्रा टाकीज के पास रहने वाले उनके ससुराल वालों को दी गई। उनके साले विधु सक्सेना समेत कई लोग मौके पर पहुंच गए। गौरव ऋषिकेश में एक कंपनी में सिविल इंजीनियर थे, लेकिन वर्तमान में नौकरी नहीं कर रहे थे।
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वह शराब पीने के आदी थे। उनके दो बेटे हैं। एक पालीटेक्निक कर रहा है। गौरव मूल रूप से बरेली के पुराना किला क्षेत्र के रहने वाले थे। हालांकि लंबे समय से वह स्वजन के साथ ऋषिकेश में ही रह रहे थे। इस मामले में गौरव के ससुराल वाले कुछ भी बोलने से मना कर रहे हैं।
दोस्त से मंगवाया था डिटाल
सोमवार को गौरव ने सदर के जलालनगर निवासी शिक्षक दोस्त शंकर लाल को काल की थी। हाथ में हल्की चोट लगने की बात कहकर उनसे डिटाल मंगवाया था। शंकर लाल शाम को डिटाल देने के बाद कुछ देर में ही चले गए थे। बताया जा रहा है कि इसके बाद गौरव होटल में ही देखे गए थे।
पापा प्लीज काल उठा लो
गौरव शाहजहांपुर आने के बाद भी कुछ दूर स्थित ससुराल नहीं गए थे। स्वजन से भी संपर्क नहीं हुआ था। प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश सिंह ने बताया कि उनके बेटे गरविश ने मंगलवार सुबह वाट्सएप पर संदेश भेजा था। इसमें लिखा था कि पापा प्लीज काल उठा लो। जबकि गौरव ने उससे पहले एक संदेश लिखा था कि हम शांत चाहते हैं। हालांकि ऐसा क्यों लिखा गया, यह स्वजन से बात होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
कमरे में मिलीं दवाएं
गौरव काफी समय से बीमार रहते थे। दो बार वह एम्स में भी भर्ती रहे। मंगलवार को उनके कमरे में काफी मात्रा में दवाएं रखी मिलीं। पुलिस ने दवाओं समेत कमरे में मिली ज्यादातर चीजें जांच के लिए रखवा ली हैं।
पहचान पत्र लेकर कमरा दिया गया था। सोमवार को गौरव के एक दोस्त उनसे मिलने आए थे। दोनों ने साथ में बैठकर काफी भी पी थी। मंगलवार सुबह कर्मचारी नाश्ता के लिए पूछने गया, तो अंदर से आवाज नहीं आई। गेट में धक्का दिया, तो वह खुला था।
- वेद प्रकाश गुप्ता, होटल मालिक
प्रकरण की जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र कुमार, एएसपी सिटी
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