शाहजहांपुर में इंसानियत शर्मसार: हाईवे पर गिरे शव को रौंदती रहीं दर्जनों गाड़ियां, पुलिस ने फावड़े से बटोरे अवशेष
शाहजहांपुर में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव दर्जनों वाहनों द्वारा रौंदा गया, जिससे उसकी पहचान असंभव हो गई। पुलिस ने फावड़े से अवशेष एक ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
शाहजहांपुर में क्षतिविक्षत होकर हाईवे पर बिखरे शव के टुकड़े
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। हाईवे पर पैदल गुजर रहा व्यक्ति मरने के बाद भी बार-बार मरा। पहले एक वाहन चालक की लापरवाही ने उसे मारा, फिर दर्जनों वाहन चालकों की असंवेनशीलता ने...! सभी चालकों को सड़क दिख रही थी, सामने से आते वाहन दिख रहे थे मगर, शव में बदल चुका मानव शरीर नहीं दिखा।
वे सभी उस व्यक्ति को रौंदते चले गए, अब जिसकी पहचान तक संभव नहीं। हाथ का कटा हुआ पंजा और जूता, शनिवार को पुलिस इन्हीं के सहारे उसके स्वजन तक पहुंचने का प्रयास करती रही। घटनाक्रम शुक्रवार रात का है। रात 12 बजे दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरतारा गांव के पास डायल 112 की टीम गश्त कर रही थी।
उसी दौरान पुलिसकर्मियों को हाईवे पर कुछ बिखरा नजर आया। वे नीचे उतरे, टार्च की रोशनी की तो शव के अवशेष दिखे। आनन-फानन एक लेन का रास्ता रोका गया, ताकि पता किया जा सके कि अवशेष किसके हैं। इसी प्रयास में जूता पड़ा दिखा, जोकि किसी व्यक्ति का शव होने का संकेत था।
करीब पहुंचने पर हाथ का कटा हुआ पंजा भी मिल गया। पुलिसकर्मियों के अनुसार, हाईवे का दृश्य झकझोरने वाला था। शव के बिखरे अवशेषों को देखकर आशंका जताई गई कि उसे कई वाहन रौंदते हुए निकल गए। शव या अवशेष, उस पर किसी वाहन का पहिया चढ़ता है तो अनुमान हो जाता है।
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उसे रौंदने वाले वाहन सवारों को भी अहसास हो गया होगा कि पहिये के नीचे कुछ आया। इसके बावजूद किसी ने डायल 112 या थाने में सूचना नहीं दी। रात में ही तीन-चार पुलिसकर्मियों ने शव के अवशेषों को फावड़े से एकत्र किया, क्योंकि कोई अंग साबित नहीं बचा था।
इसी अवस्था में अवशेष पोस्टमार्टम हाउस भेजे गए। रोजा थाने के प्रभारी उमेश मिश्रा ने बताया कि शव के अवशेष डिवाइडर के पास बिखरे पड़े थे। इससे आशंका जताई जा रही कि कोई व्यक्ति डिवाइडर पार कर हाईवे पर उतरा होगा, उसी दौरान किसी वाहन ने टक्कर मारकर उसकी जान ले ली।
इसके बाद अन्य वाहन शव को रौंदते चले गए, अवशेषों के पास बने दर्जनों टायरों के निशान इसकी पुष्टि कर रहे थे। अवशेषों से मिला जूता ही पहचान का एकमात्र माध्यम हो सकता है। इसी प्रयास में आसपास के गांवों के दर्जनों लोगों को बुलाया। उन्हें जूता व हाथ का पंजा दिखाया मगर, किसी ने शिनाख्त नहीं की।
अन्य बिंदुओं पर भी की जा रही जांच
यह सिर्फ हादसा, असंवेदनशीलता थी या कोई षड्यंत्र। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा कि किसी ने हत्या कर शव हाईवे पर फेंकने के बाद वाहन से रौंद तो नहीं दिया, क्योंकि ऐसा करने से सुराग खत्म हो जाएंगे। पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल के आसपास के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज एकत्र की हैं।