शाहजहांपुर: मेड़बंदी के बदले किसान से मांग रहा था 10000 रुपये की घूस, एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को रंगे हाथ दबोचा
शाहजहांपुर में खेत की मेड़बंदी के लिए 10,000 रुपये की रिश्वत लेते लेखपाल आशुतोष तिवारी को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया। लेखपाल संघ ने इस कार्रवाई ...और पढ़ें

आरोपित लेखपाल योगेश कुमार तिवारी।
HighLights
खेत की मेड़बंदी के लिए मांगे थे रुपये, एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा
लेखपाल संघ ने जताया विरोध, लगाया जबरन फंसाने का आरोप
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। खेत की मेड़बंदी के लिए किसान शाकिर अली से दस हजार रुपये की रिश्वत ले रहे लेखपाल आशुतोष तिवारी को बरेली की एंटी करप्शन टीम ने बुधवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध कटरा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। हालांकि लेखपाल संघ ने कार्रवाई का विरोध किया। पदाधिकारियों ने लेखपाल को जबरन फंसाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
शहर के मुहल्ला बाबूजई निवासी दिलशाद बानो का ककरा कलां में खेत है। जिसकी मेड़बंदी कराई जानी है। इसके लिए उन्होंने एसडीएम सदर कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया था। दिलशाद के बेटे शाकिर अली ने बताया कि लेखपाल अाशुतोष तिवारी को इसके लिए मौके पर जाकर नाप करनी थी। जिसके लिए वह उनसे दस हजार रुपये मांग रहा था।
असमर्थता जताने पर कहा था कि रुपये देने पर ही काम होगा। इसके बाद से उन्हें लगातार टरकाया जा रहा था। परेशान होकर उन्होंने बरेली में एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। टीम के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह की बनाई रणनीति के तहत बुधवार दोपहर साढ़े 12 बजे शाकिर ने आशुतोष को नगरिया से रिंगरोड जाने वाले मार्ग पर फ्लाईओवर के पास बुलाया।
वहां जैसे ही उन्होंने दस हजार रुपये दिए टीम ने आशुतोष को पकड़ लिया। उसको कटरा थाने ले जाया गया, जहां आरोपित से लंबी पूछताछ की गई। शिकायतकर्ता के बयान दर्ज करने के बाद एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लेखपाल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
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आशुतोष तिवारी उत्तरी पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी का रहने वाला है। वह 11 माह पूर्व स्थानांतरित होकर सदर तहसील आया था। वहीं लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार के नेतृत्व में पदाधिकारी कटरा थाने पहुंचे और कार्रवाई को लेकर विरोध जताया। बताया कि मेड़बंदी का कार्य कानूनगो को करना होता है। इस प्रकरण में लेखपाल को जबरन फंसाया गया है। इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग की।