स्कूल में हाई वोल्टेज ड्रामा! गेट बंद कर स्टाफ को बनाया बंधक, 25 लाख के घोटाले का आरोप; शाहजहांपुर में मचा हड़कंप
शाहजहांपुर के डॉ. सुदामा प्रसाद विद्यास्थली में विद्यालय प्रबंधन को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रधानाचार्य उज्जवल मिश्रा ने दूसरे पक्ष पर शिक्षकों को बं ...और पढ़ें

सुदामा प्रसाद विद्यास्थली स्कूल में घटना के दौरान महिला कर्मचारी। जागरण
HighLights
एक पक्ष ने लगाया स्टाफ को बंधक की सूचना देकर बुलाई पुलिस
दूसरे पक्ष ने गबन का आरोप लगाते हुए बर्खास्त करने की बात कही
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। डा. सुदामा प्रसाद विद्यास्थली में विद्यालय प्रबंधन को लेकर चल रहा विवाद मंगलवार को तूल पकड़ गया। विद्यालय की प्रधानाचार्य उज्जवल मिश्रा ने दूसरे पक्ष के लोगों पर परिसर में घुसकर शिक्षकों व कर्मचारियों को बंधक बनाने का आरोप लगाते हुए पुलिस बुला ली। वहीं दूसरे पक्ष से संजय गुप्ता ने प्रधानाचार्य पर 25 लाख के गबन का आरोप लगाते हुए उन्हें व लेखा लिपिक को बर्खास्त करने की बात कही है।
रेती रोड स्थित डा. सुदामा प्रसाद विद्यास्थली में प्रबंध समिति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। एक पक्ष से संजय गुप्ता स्वयं को प्रबंधक बताते हुए पिछले कुछ वर्षों से कालेज में कामकाज देख रहे हैं। मंगलवार को वह अपनी पत्नी कार्यकारी सदस्य वंदना गुप्ता, कोषाध्यक्ष आफाक व अन्य सदस्यों के साथ विद्यालय पहुंचे। प्रधानाचार्य उज्जवल मिश्रा ने बताया कि वह अवकाश पर थीं।
संजय गुप्ता ने कालेज का मुख्य गेट बंद करा दिया, जिससे वहां मौजूद उप प्रधानाचार्य ज्योत्सना सहित शिक्षक व कर्मचारी परिसर से बाहर नहीं निकल सके। उनकी काल पर पुलिसकर्मियों ने गेट खुलवाकर सभी को बाहर निकलवाया। उज्जवल ने कहा कि न्यायालय ने संजय गुप्ता को दो वर्ष के लिए प्रबंधन की जिम्मेदारी दी थी, जिसके बाद प्रकरण हाईकोर्ट में लंबित है।
विद्यालय का संचालन वह देख रही हैं। जो धनराशि गबन का आरोप है वह सीज खाते में जमा है। वहीं संजय गुप्ता का कहना है कि वह समिति के प्रबंधक के रूप में लगातार कालेज जाते रहे हैं। मंगलवार को भी सामान्य दिनों की तरह प्रशासनिक कार्यालय गए थे। आरोप है कि उज्जवल मिश्रा ने कालेज कोष से 25 लाख रुपये गबन कर लिए।
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इसलिए वित्तीय अनियमितताओं के कारण प्रबंध समिति ने उज्जवल मिश्रा और लेखा लिपिक दिव्यांश को पद से बर्खास्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय एक वित्तविहीन संस्थान है, जिसे सरकार से कोई अनुदान नहीं मिलता। संस्था सोसाइटी पंजीकरण एक्ट के तहत पंजीकृत है और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है।
इसका संचालन डा. सुदामा प्रसाद बाल विद्या मंदिर से होता है। कालेज में जब वह गए तो अवकाश के कारण बच्चे नहीं थी। वहां पर सामान्य दिनों की तरह काम हो रहा था। कालेज का गेट बंद करने का आरोप गलत है। विद्यालय की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
विद्यालय प्रबंधन को लेकर दो पक्षों में विवाद है। सूचना मिली थी प्रधानाचार्य व लेखाकार को निष्कासित करने के विरोध में दूसरा पक्ष आ रहा है। इसलिए पुलिस भेजी, लेकिन वहां कोई आया नही। दोनों पक्षों से यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा है।
- राजीव कुमार, प्रभारी निरीक्षक रोजा
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