शाहजहांपुर में SIB की कार्रवाई, पहले ग्राहक बनकर खरीदा आटा, फिर एक करोड़ की पकड़ी जीएसटी चोरी
शाहजहांपुर में एसआइबी टीम ने ग्राहक बनकर जय महाकाल फूड प्रोडक्ट्स पर छापा मारा। जांच में एक करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी गई और खाद्य सुरक्षा विभाग ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
एसआइबी टीम ने ग्राहक बनकर की कार्रवाई।
जय महाकाल फूड प्रोडक्ट्स पर एक करोड़ कर जमा।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक्सपायरी डेट पर नमूने लिए।
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। जय महाकाल फूड प्रोडक्ट्स पर मंगलवार को राज्य कर विभाग की विशेष जांच शाखा (एसआईबी) बरेली की टीम सर्वे के लिए पहुंची। सदस्यों ने पहले ग्राहक बनकर आटे के पांच-पांच किलो के पैकेट खरीदे। उसके बाद अभिलेखों की जांच की तो जीएसटी जमा नहीं मिली।
मौके पर एक करोड़ रुपये कर जमा कराया। पैकेटों पर एक्सपायरी डेट न होने के कारण खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नमूने भी लिए।
पैकेटों पर एक्सपायरी डेट नहीं होने के कारण खाद्य सुरक्षा विभाग ने लिए नमूने
एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि सियाराम गोल्ड ब्रांड के आटा, सूजी, मैदा व चोकर की बिक्री में अनियमितताएं की शिकायत मिली थी। इसकी जांच के लिए उन लोगों ने सामान्य ग्राहक बनकर विभिन्न दुकानों से कच्चे पर्चों पर पांच-पांच किलो के आटे के पैकेट खरीदे और बिक्री व्यवस्था की पड़ताल की। इसके बाद सर्वे शुरू किया। इसमें पता चला कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष में फर्म ने 50 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया, लेकिन जीएसटी के रूप में कर जमा नहीं किया गया।
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एक करोड़ रुपये जमा कराए गए
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि 25 किग्रा से कम पैकिंग वाले उत्पादों की बिना बिल बिक्री कर उन्हें करमुक्त श्रेणी में दर्शाया जा रहा था। व्यापारी से एक करोड़ रुपये जमा कराए गए। बिना बिल का जो माल तैयार मिला उसे सीज कर दिया गया। पैकेटों पर एक्सपायरी डेट और अन्य अनिवार्य जानकारियां अंकित न मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को भी सूचना दी गई। सहायक आयुक्त खाद्य विनीत ने टीम के साथ नमूने एकत्र किए। डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि अभिलेखों की जांच के आधार पर सर्वे करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।