शामली पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले दो बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का किया राजफाश, चार आरोपी गिरफ्तार
शामली साइबर क्राइम पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में चार अंतरराज्यीय ठगों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

शामली पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता के दौरान आरोपितों के बारे में जानकारी देते एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह
HighLights
शामली पुलिस ने दो बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया।
इंश्योरेंस और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले पकड़े गए।
बैंक खातों का दुरुपयोग कर लाखों निकालने वाला ठग भी गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, शामली। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में चार ठगों को गिरफ्तार किया। इनमें तीन ठग इंश्योरेंस पॉलिसी और निवेश के नाम पर करोड़ो रुपये की ठगी कर चुके गिरोह के सदस्य है और 10 प्रतिशत कमिश्न के नाम पर अपने बैंक खातों का इस्तेमाल करा रहे थे।
जबकि दूसरे प्रकरण में ठग ने शामली के स्टेट बैंक में खाता खुलवाया था और वह आठ लाख रुपये ठगी के निकाल चुका था। आरोपित के पास से चैक बुक बरामद की गई। इन गिरोह से जुड़े मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस जांच कर रही है।
गुरुवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एसपी एनपी सिंह ने बताया कि गांव लांक निवासी युवती कामिनी की ओर से शिकातय की गई थी कि उसकी माता को बीमा पालिसी की धनराशि जमा कराने का झांसा देकर उनसे चार लाख 90 हजार रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने अपने नाम करण पुत्र मनोज उर्फ अशोक निवासी गांव सेथली की मढैया थाना जारचा जनपद गौतमबुद्धनगर, रंजित कुमार सारस्वत पुत्र जवाहरलाल निवासी धरमई थाना सिरसागंज जनपद फिरोजाबाद हाल निवासी इंदिरापुरम गाजियाबाद, राजीव बंसल पुत्र प्रेमचंद बंसल निवासी चंद्रनगर थाना मंडावली पूर्वी दिल्ली, हाल निवासी श्यामपार्क साहिबाबाद जनपद गाजियाबाद बताए।
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पकड़े गए आरोपित फर्जी कंपनी एवं बैकिंग नेटवर्क का उपयोग कर आमजन को बीमा, निवेश, डिजिटल मार्केटिंग, कमीशन व अन्य प्रलोभन देकर ठगी करते थे। ठगी गई राशि को वे लोग सीधे अपने खाते में न लेकर गरीब व कम पढ़े लिखे लोगों के खातों व अपने नियंत्रण वाले खातों में ट्रांसफर कराते थे तथा बाद में नकद निकासी कर रुपयों को आपस में बांट लेते थे।
एसपी ने बताया कि आरोपितों के पास से 10 मोबाइल फोन, चार हजार रुपये की नकदी, छह डेबिट-क्रेडिट कार्ड, दो फर्जी पैन कार्ड, एक पासबुक, दो चेकबुक, एक चेक और चार सिम कार्ड बरामद हुए हैं। ठग गिरोह का मुख्य सदस्य आकाश निवासी दिल्ली फिलहाल फरार है जो आरोपितों के बैंक खातों में ठगी के 90 लाख रुपये ट्रांसफर कराकर निकाल चुका है।
वहीं, दूसरे प्रकरण में एनसीआरपी पोर्टल पर देश के तीन राज्यों से दर्ज हुई शिकायत से सूचना मिली थी कि जिले में साइबर ठगी के लाखों रुपये बैंक खाते में आ रहे हैं। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इसकी जांच की तो स्टेट बैंक में साकिर निवासी यमुना नगर हरियाणा के बैंक खाते में आठ लाख रुपये आए थे और उसने चैक से निकाल लिए थे। गुरुवार को पुलिस ने आरोपित साकिर अली पुत्र तोसिक अली निवासी गांव लेदा खादर थाना छछौली यमुना नगर को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में आोपित ने बताया कि वह पिछले 12 सालों से राजमिस्त्री का कार्य करता है। साल 2025 में उसकी मुलाकात उसी के गांव निवासी शुभम उर्फ सुम्भा से हुई। जिसने कहा कि बैंक खाते में आठ लाख रुपये मंगाने पर 10 प्रतिशत कमिशन दिया जाएगा।
साकिर लालच में आ गया और बैंक खाता दे दिया। इसके बाद चैक से तीन बार में आठ लाख रुपये निकालकर शुभम को भी दिए और 80 हजार रुपये अपने पास रख लिए। जो वह खर्च कर चुका है। पुलिस ने आरोपित को जेल भेज दिया। उसके साथी की तलाश में दबिश दी जा रही है।