शामली में बंदरों को भगाते समय तीन मंजिला मकान की छत से गिरा युवक, मौत
शामली के काका नगर में बंदरों को भगाते समय 33 वर्षीय अंकुर तीन मंजिला मकान से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने ...और पढ़ें


समय कम है?
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जागरण संवाददाता, शामली। बंदरों के झुंड को भगाते समय 33 वर्षीय युवक तीन मंजिला मकान से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हुआ। आनन-फानन में स्वजन ने उसको अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत से स्वजन में कोहराम मचा है। देर शाम गांव में शव ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
चौसाना क्षेत्र के गांव कमालपुर निवासी 33 वर्षीय किसान अंकुर पुत्र सुनील दो साल से शहर के मुहल्ला काका नगर में परिवार के साथ रहता था। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे मकान की तीसरी मंजिल की छत पर अचानक बंदरों का झुंड आ गया। उनको भगाने के लिए अंकुर तीसरी मंजिल पर चला गया।
उनको भगाते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे छत से नीचे गिर गया। आवाज सुनकर स्वजन और पड़ोसी मौके पर दौड़े। गंभीर हालत में युवक को शहर के बोहरा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अंकुर की मौत से स्वजन और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
स्वजन बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शव को गांव ले गए। युवक के दो बेटियां छह वर्ष, चार वर्ष और एक बेटा एक वर्ष का है। स्वजन ने बताया कि अंकुर दो बहनों का इकलौता भाई था, और बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से ही वह शहर में आकर रहने लगा था।
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देर शाम युवक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर दिनभर शहर में चर्चा चलती रही कि कोई प्रशासनिक अधिकारी बंदरों के कारण गिर गया। चूंकि अस्पताल में जो गाड़ी पहुंची थी, उसपर मजिस्ट्रेट लिखा था। बाद में जानकारी हुई कि अंकुर के मकान में तहसीलदार ऊन निवास करती हैं। उन्होंने मदद के लिए अपनी गाड़ी को भेज दिया था।