जनगणना 2027: अब घर बैठे भर सकेंगे अपना ऑनलाइन फॉर्म, 22 मई से होगा सत्यापन
सिद्धार्थनगर में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसमें पहली बार लोग 7 से 21 मई तक घर बैठे ऑनलाइन स्वयं अपनी जनगणना भर सकेंगे। इसके बाद 22 मई ...और पढ़ें

जनगणना 2027: अब घर बैठे भर सकेंगे अपना ऑनलाइन फॉर्म।

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जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। जनगणना 2027 की तैयारियों ने जिले में रफ्तार पकड़ ली है। अब लोग पहली बार मोबाइल, लैपटाप या कंप्यूटर से घर बैठे स्वयं अपनी जनगणना भर सकेंगे।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों ने मीडिया प्रतिनिधियों के सामने लाइव डेमो देकर पूरी प्रक्रिया समझाई।
जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में पत्रकारों को स्व-जनगणना की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई।
अधिकारियों ने बताया कि 7 मई से लोग स्वयं आनलाइन जनगणना भर रहे हैं। यह प्रक्रिया 21 मई तक चलेगी। 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर सत्यापन और गणना का कार्य करेंगे। कार्यशाला के दौरान माहौल उस समय रोचक हो गया जब अपर जिलाधिकारी ने मौजूद पत्रकारों से वहीं स्व-गणना फार्म भरवाना शुरू कर दिया। सबसे पहले पोर्टल पर रेड कर्सर के जरिए मकान की लोकेशन मिलाई गई।
लोकेशन सत्यापित होते ही आगे की जानकारी मांगी गई। इसमें मकान का प्रकार, फर्श की स्थिति, मकान स्वामित्व, रहने की स्थिति, साइकिल, बाइक और अन्य सुविधाओं से जुड़े सवाल शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है ताकि आम नागरिक आसानी से स्वयं जानकारी दर्ज कर सकें।
एडीएम ने बताया कि स्व-गणना की सुविधा देश में पहली बार दी जा रही है।
इससे प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी। लोग जनगणना पोर्टल पर जाकर सुबह छह बजे से रात 12 बजे तक अपने परिवार से संबंधित जानकारी भर सकेंगे। स्व-गणना पूरी होने के बाद नागरिकों को 11 अंकों की सीड प्राप्त होगी। बाद में प्रगणक घर पहुंचकर उसी सीड के आधार पर जानकारी का सत्यापन करेंगे।
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आवश्यकता पड़ने पर संशोधन भी किया जा सकेगा, हालांकि परिवार के मुखिया का नाम एक बार दर्ज होने के बाद बदला नहीं जाएगा। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गौरव श्रीवास्तव ने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि वे स्वयं भी स्व-गणना करें और आमजन को इसके प्रति जागरूक बनाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।