डुमरियागंज विधानसभा में विकास को मिली रफ्तार, फिर भी विधायक के समक्ष चुनौतियां अपार
डुमरियागंज विधायक सैयदा खातून के कार्यकाल में बस अड्डे और पीएचसी जैसे कई विकास कार्य हुए हैं, पर खराब सड़कें, पेयजल व स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसी ब ...और पढ़ें

सैयदा खातून, विधायक, डुमरियागंज। जागरण
HighLights
बस अड्डे, पीएचसी, कन्या इंटर कालेज जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए।
खराब सड़कें, पेयजल, जल निकासी जैसी बुनियादी समस्याएं बरकरार।
विधायक सैयदा खातून की विधानसभा में 98% उपस्थिति रही।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। वर्ष 2022 में पहली बार विधानसभा पहुंचीं सपा विधायक सैयदा खातून के कार्यकाल में विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य धरातल पर उतरे हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कसौटी पर तस्वीर अभी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। जर्जर रोडवेज बस अड्डे का पुनर्निर्माण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन, कन्या इंटर कालेज भवन, रजिस्ट्री कार्यालय और अधिवक्ताओं के लिए सभागार जैसे कार्य उनकी उपलब्धियों में दर्ज हैं।
इसके विपरीत बदहाल सड़कें, पेयजल, जल निकासी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमियां उनके विकास के दावों पर सवाल भी खड़े करती हैं। कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड उपलब्धियों और अधूरी उम्मीदों की मिली-जुली तस्वीर प्रस्तुत करता है। डुमरियागंज जिले की पुरानी तहसीलों में शामिल है। राजनीतिक विरासत से आने वाली सैयदा खातून के पिता दो बार और माता एक बार विधायक रह चुकी हैं।
पहली बार विधायक बनने के बाद उनकी सक्रियता सदन से सड़क तक दिखाई दी। विधानसभा में उनकी उपस्थिति 98 प्रतिशत रही और उन्होंने क्षेत्रीय समस्याओं से जुड़े 21 सवाल उठाए, हालांकि उनके खाते में कोई निजी विधेयक या प्रस्ताव दर्ज नहीं है। विधायक निधि के रूप में अब तक करीब 20.50 करोड़ रुपये मिले हैं।
इसमें लगभग 1.91 करोड़ रुपये शेष हैं, जिसके लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। निधि से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों की सहायता के लिए 45 लाख और विद्यालयों में शिक्षण कक्षों के लिए 40 लाख रुपये दिए गए। बिजली, ट्रांसफार्मर और नई विद्युतीकरण लाइनों पर करीब 60 लाख रुपये खर्च किए गए। चौराहों और गांवों में हाईमास्ट एवं सोलर लाइटें भी लगवाई गईं।
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अधिवक्ता भवन के सभागार के लिए करीब 25 लाख और हल्लौर में शव स्नान गृह के लिए 25 लाख रुपये दिए गए। औसानकुइयां-कुर्थीडीहा सड़क के लिए 98 लाख, जंगलीपुर-कलवारी सड़क के लिए एक करोड़ और सिसवा-महनुआ मार्ग के लिए 72 लाख रुपये दिए गए हैं। अंतिम दोनों सड़कों पर वर्षा के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है।
सीमा क्षेत्र में प्रवेश द्वार के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली और पुलिया निर्माण भी उपलब्धियों में शामिल हैं। इन उपलब्धियों के बावजूद कुछ बड़े सवाल विधायक का पीछा कर रहे हैं। चुनावी वादों में शामिल बढ़नी-चाफा सड़क अब तक नहीं बन सकी। स्वयं विधायक के गांव बिथरिया की जर्जर सड़क भी विकास की तस्वीर को असहज करती है।
पेयजल और जल निकासी के मोर्चे पर अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं देता। स्वास्थ्य क्षेत्र में नया भवन जरूर बना, लेकिन जरूरी जांच सुविधाओं और महिला चिकित्सक की व्यवस्था नहीं हो सकी। ऐसे में कहा जा सकता है कि विधायक के कार्यकाल में विकास ने गति पकड़ी है, पर बुनियादी जरूरतों की लंबी सूची बताती है कि मंजिल अभी दूर है।
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विधायक ने मजहबी सोच के आधार पर विकास कार्य कराए हैं। विधायक निधि का अधिकांश हिस्सा मकतब और मदरसों में दिया गया, जबकि अन्य क्षेत्रों में बहुत कम धन खर्च हुआ। अब प्रतिवर्ष पांच करोड़ रुपये विधायक निधि मिलती है, जबकि हमारे कार्यकाल में केवल डेढ़ करोड़ रुपये मिलते थे और उसमें भी करीब डेढ़ वर्ष कोरोना महामारी में बीत गया। इसके बावजूद आज क्षेत्र में दिखाई देने वाले अधिकांश बड़े विकास कार्य हमारे कार्यकाल के हैं। फायर स्टेशन, नया कन्या इंटर कालेज, दो नगर पंचायतें, तिगोड़वा में डिग्री कालेज, ड्रग वेयर सेंटर, चार बड़े पुल और सैकड़ों सड़कों सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं हमारे कार्यकाल में शुरू हुईं। वर्तमान विधायक के कार्यकाल का कोई ऐसा उल्लेखनीय काम धरातल पर दिखाई नहीं देता, जिसे उनकी बड़ी उपलब्धि कहा जा सके। -राघवेंद्र सिंह, मुख्य प्रतिद्वंद्वी, विधानसभा चुनाव 2022
विधायक सैयदा खातून के कार्यकाल में विकास के साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के प्रयास हुए हैं। गालापुर में हाईमास्ट लगाने सहित कई सार्वजनिक कार्य कराए गए। क्षेत्र में विषम परिस्थितियों के दौरान भी उन्होंने संयम के साथ अपनी भूमिका निभाई। लंबित विकास कार्यों को भी प्राथमिकता से पूरा कराने की आवश्यकता है। -सौरभ पांडेय, दवा विक्रेता
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डुमरियागंज में विकास के दावों के बावजूद कई बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। संपर्क मार्गों की बदहाली और अधूरी परियोजनाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। बस स्टेशन का संचालन और कन्या इंटर कालेज का निर्माण पूरा होना चाहिए। दुग्ध अवशीतन केंद्र को दोबारा संचालित करने की दिशा में भी प्रयास आवश्यक हैं।
-दिनेश पांडेय, सेवानिवृत्त शिक्षक
विधायक निधि से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और सार्वजनिक सुविधाओं के क्षेत्र में कई कार्य कराए गए हैं। जरूरतमंदों के उपचार और विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के लिए भी धन दिया गया। कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाएं अभी पूरी होनी शेष हैं। विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराना अब प्राथमिकता होनी चाहिए। -सूर्य प्रकाश उपाध्याय, किसान
बस स्टेशन, कन्या इंटर कालेज और पीएचसी भवन जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं आगे बढ़ी हैं। विधायक निधि से भी विकास कार्य हुए हैं, लेकिन क्षेत्र की कई सड़कें बदहाल हैं और स्वास्थ्य, शिक्षा सहित बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं अब भी पूरी तरह दूर नहीं हुई हैं। -सुल्तान मेंहदी, अधिवक्ता
मेरा चार वर्ष का कार्यकाल बिना किसी भेदभाव के क्षेत्र के विकास को गति देने वाला रहा है। बस स्टेशन, कन्या इंटर कालेज, रजिस्ट्री कार्यालय और पीएचसी डुमरियागंज का नया भवन मेरे कार्यकाल और प्रयासों से संभव हुआ। सड़क, बिजली और शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कराए गए हैं। मैं वादे करने के बजाय विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में विश्वास करती हूं। गंभीर रोगों से जूझ रहे जो भी जरूरतमंद सहायता के लिए आए, उनकी जाति और वर्ग देखे बिना प्राथमिकता से मदद की गई। गांवों में सीसी सड़क, इंटरलाकिंग, खड़ंजा, प्रमुख स्थानों पर हाईमास्ट और मुख्य मार्गों पर पुलिया का निर्माण कराया गया। विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सामाजिक समरसता बनाए रखते हुए सभी क्षेत्रों के समान विकास का प्रयास किया है। बढ़नी-चाफा और बिथरिया सड़क का निर्माण अभी नहीं हो सका है, लेकिन दोनों के निर्माण के लिए मेरा प्रयास लगातार जारी है।
-सैयदा खातून, विधायक, डुमरियागंज