इटवा विधायक जी का रिपोर्ट कार्ड: MLA की सक्रियता मजबूत, विकास की तस्वीर अधूरी
विधायक माता प्रसाद पाण्डेय का इटवा विधानसभा क्षेत्र में सवा चार साल का कार्यकाल सक्रियता और अधूरी अपेक्षाओं के बीच रहा है। विधानसभा में मुखर आवाज और व ...और पढ़ें

माता प्रसाद पाण्डेय, विधायक इटवा।
HighLights
विधायक निधि से ग्रामीण सड़कों पर खर्च हुई आधी धनराशि।
स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली और बस स्टेशन की मांग अधूरी।
शाहपुर-भोजपुर बांध के 10 गैप भरे, 5 अब भी खुले।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। सातवीं बार इटवा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय के मौजूदा कार्यकाल के सवा चार वर्ष सक्रियता और अधूरी अपेक्षाओं के बीच खड़े दिखाई देते हैं। विधानसभा में उनकी आवाज मुखर रही और विधायक निधि से गांवों में विकास कार्य भी हुए, लेकिन क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाली किसी बड़ी परियोजना का जुड़ना अभी बाकी है।
स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली, बस स्टेशन और स्टेडियम की अधूरी मांग तथा औद्योगिकीकरण की कमजोर संभावनाएं उनकी उपलब्धियों के समानांतर बड़ी चुनौतियों के रूप में मौजूद हैं। करीब 20.5 करोड़ रुपये की विधायक निधि में लगभग आधी धनराशि ग्रामीण सड़कों पर खर्च की गई। पुल-पुलिया और विद्यालयों पर करीब 15-15 प्रतिशत तथा बिजली के पोल, तार, ट्रांसफार्मर एवं नवीन विद्युतीकरण पर 15 से 18 प्रतिशत धन लगाया गया। तिघरा चौराहे से श्मशान तक 80 लाख, बरगदवा से करही तक 1.29 करोड़ और गौरडीह में 35.44 लाख रुपये से सीसी सड़क निर्माण जैसे कार्य खाते में हैं।
विभिन्न स्थानों पर हाईमास्ट भी लगाए गए। इसके बावजूद आलोचना यह है कि निधि का बड़ा हिस्सा छोटे संपर्क मार्गों और पुलियों में बंटा, जबकि प्रमुख जर्जर सड़कों के व्यापक सुधार की तस्वीर अपेक्षा के अनुरूप नहीं बदल सकी। असाध्य रोगियों को 50 लाख रुपये से अधिक की उपचार सहायता दिलाना कार्यकाल का संवेदनशील पक्ष रहा।
जनता दर्शन और अधिकारियों से सीधी पैरवी के माध्यम से आवास, शौचालय सहित विभिन्न योजनाओं में जरूरतमंदों की मदद की गई। विधानसभा में शत-प्रतिशत उपस्थिति और 85 वर्ष की आयु में 32 प्रश्न उनकी संसदीय सक्रियता की गवाही देते हैं। वर्षों से अधूरे आइटीआइ भवन के निर्माण को गति मिली और करीब 30 करोड़ रुपये के बिस्कोहर-सिंगारजोत मार्ग की दिशा में भी पहल हुई। शाहपुर-भोजपुर बांध के वर्षों पुराने 15 गैप को भराने की दिशा में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।
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विधानसभा में मामला उठाने के साथ उन्होंने विभागीय अधिकारियों से लगातार संवाद किया, जिसके बाद 10 गैप भरे जा सके। इससे संबंधित क्षेत्रों को बाढ़ के खतरे से राहत मिलने की उम्मीद मजबूत हुई। हालांकि बांध के पांच गैप अब भी खुले हैं। इन्हें भराने के लिए किए गए प्रयास अब तक परिणाम तक नहीं पहुंच सके हैं। ऐसे में यह उपलब्धि पूरी होने के बजाय अभी अधूरे काम की श्रेणी में भी खड़ी है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य का मोर्चा सबसे कमजोर दिखाई देता है।
इटवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन का वादा पूरा नहीं हुआ, जबकि पुराना भवन ध्वस्त हो चुका है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाओं से जूझ रहे हैं। बस स्टेशन और स्टेडियम की मांग अब भी आकार नहीं ले सकी।
औद्योगिकीकरण और स्थानीय रोजगार के लिए कोई ठोस पहल धरातल पर नहीं उतर पाई है। नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद ने क्षेत्र की अपेक्षाएं बढ़ाई हैं, लेकिन इस प्रभाव के अनुरूप इटवा को कोई बड़ी नई परियोजना नहीं मिल सकी।
विधानसभा में प्रश्नों के माध्यम से सक्रियता दिखी, पर कोई निजी विधेयक अथवा प्रस्ताव सामने नहीं आया। कार्यकाल का लेखा-जोखा छोटे और मध्यम विकास कार्यों में सक्रियता दिखाता है, लेकिन स्वास्थ्य, रोजगार और बड़े आधारभूत ढांचे के मोर्चे पर इटवा को अब भी निर्णायक उपलब्धि की प्रतीक्षा है।
- 299606 कुल मतदाता
- 166117 पुरुष मतदाता
- 133480 महिला मतदाता
माता प्रसाद पाण्डेय 2017 से पहले छह बार विधायक रहे, लेकिन इटवा में राजकीय डिग्री कालेज, इंटर कालेज, आइटीआइ और पालीटेक्निक जैसी संस्थाएं नहीं थीं। ये सुविधाएं मेरे 2017 से 2022 के कार्यकाल में मिलीं। उनका वर्तमान कार्यकाल भी निराशाजनक रहा है। नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर होने के बावजूद वह क्षेत्र के लिए कोई बड़ी परियोजना नहीं ला सके। विधायक निधि का उपयोग भी मुख्यतः पुलियों तक सीमित है। जिन सड़कों पर आज काम हो रहा है, उनमें कई मेरे कार्यकाल में स्वीकृत हुई थीं। मेरे कार्यकाल में इटवा और बिस्कोहर को नगर पंचायत का दर्जा मिला, जिससे दोनों क्षेत्रों में विकास को गति मिली। -
डा. सतीश द्विवेदी, मुख्य प्रतिद्वंद्वी, विधानसभा चुनाव 2022
इटवा जैसे पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने में माता प्रसाद पाण्डेय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इंटर कालेज, कन्या इंटर कालेज और डिग्री कालेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ परिषदीय विद्यालयों के विस्तार के प्रयास हुए। अब सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं और शैक्षिक गुणवत्ता को अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। -रमाकांत द्विवेदी, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य
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क्षेत्र में सड़क और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार दिखाई दिया है, लेकिन आमजन की राजस्व, पुलिस और प्रशासन से जुड़ी शिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था आवश्यक है। नगर की पेयजल व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की जरूरत है, ताकि बुनियादी सुविधाओं का लाभ प्रत्येक नागरिक तक सुगमता से पहुंच सके। -सौरभ श्रीवास्तव, अधिवक्ता
महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए रोजगारपरक योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक सुधार होना चाहिए। अस्पतालों में महिला चिकित्सकों की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए, जिससे महिलाओं को जांच और उपचार के लिए दूर न जाना पड़े तथा उन्हें स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा मिले। -नीलम वर्मा, महिला
क्षेत्र में सड़क, पुल और बिजली व्यवस्था की दिशा में हुए कार्य सराहनीय हैं, लेकिन शाहपुर-भोजपुर बांध के कई गैप अब भी नहीं भरे जा सके हैं। इन्हें प्राथमिकता से भराकर बांध को सुरक्षित किया जाना चाहिए, ताकि बाढ़ के समय किसानों की फसल, संपत्ति और आसपास की आबादी को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। -अनीस अंसारी, किसान
प्रस्तुति : मो.मेंहदी
चुनाव में केवल वादे करने के बजाय क्षेत्र की जरूरतों को समझकर विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में मेरा विश्वास है। वर्षों से लंबित बिस्कोहर-सिंगारजोत मार्ग को शासन स्तर पर लगातार प्रयास कर शुरू कराया। आइटीआइ भवन का निर्माण भी लंबे समय से ठप था। संबंधित मंत्रालय और शासन स्तर पर पैरवी कर निर्माण दोबारा शुरू कराया, जो अब लगभग पूर्ण होने की स्थिति में है। सरकार में हमारी भागीदारी होती तो इटवा में बस स्टेशन और स्टेडियम की सुविधा उपलब्ध कराने का भी पूरा प्रयास करते। वर्ष 2017 से 2022 के बीच मेरे विधायक नहीं रहने के दौरान पूर्व में बनी सड़कों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। वर्ष 2022 में दोबारा अवसर मिलने पर उनकी मरम्मत और पुनर्निर्माण कराया। गंभीर रोगियों के उपचार के लिए विधायक निधि से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई है। जनता की समस्याओं के समाधान के लिए उनके बीच जाकर संवाद करता हूं। यह संपर्क और संवाद आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
-माता प्रसाद पाण्डेय, विधायक इटवा