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    नेपाल के गृहमंत्री के इस्तीफे के बाद सीमाई इलाकों में बढ़ी सख्ती, महंगाई की चिंता

    Updated: Fri, 24 Apr 2026 02:28 PM (IST)

    नेपाल के गृहमंत्री सूदन गुरुंग के इस्तीफे के बाद भारत-नेपाल सीमावर्ती इलाकों में कस्टम नियमों की सख्ती बढ़ गई है। इससे सीमाई व्यापार प्रभावित हुआ है औ ...और पढ़ें

    कृष्णानगर के भंसार कार्यालय के सामने भारत से जा रही सामग्री चेक करते कर्मी। -जागरण

    कृष्णानगर के भंसार कार्यालय के सामने भारत से जा रही सामग्री चेक करते कर्मी। -जागरण 

    HighLights

    1. गृहमंत्री सूदन गुरुंग के इस्तीफे से नेपाल में राजनीतिक हलचल।

    2. भारत-नेपाल सीमा पर कस्टम नियमों की सख्ती बढ़ी।

    3. सीमाई इलाकों में व्यापार प्रभावित, महंगाई में वृद्धि।

    संवाद सूत्र, बढ़नी, सिद्धार्थनगर। नेपाल के गृहमंत्री सूदन गुरुंग के इस्तीफे के बाद वहां की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसका असर अब भारत-नेपाल सीमा से जुड़े कस्बों और बाजारों में भी साफ दिखाई देने लगा है। पहले से लागू कस्टम (भंसार) नियमों की सख्ती के बीच ताजा राजनीतिक घटनाक्रम ने सीमाई इलाकों में बेचैनी बढ़ा दी है। भारतीय क्षेत्र से नेपाल जाने वाले सामानों की कड़ी जांच की जा रही है, जिससे नेपाली नागरिकों के साथ भारतीय व्यापारी भी परेशान दिख रहे हैं।

    नेपाल के सीमावर्ती कस्बा कृष्णानगर के नागरिक रविंदर गुप्ता, डब्बू गोयल, राजेन्द्र गुप्ता, सौरभ अग्रवाल और विकास ठाकुरी का कहना है कि रोजमर्रा के सामानों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। भारत के बाजारों पर निर्भरता कम होने से आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है। पहले बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक सस्ते सामानों की खरीदारी के लिए भारतीय बाजारों का रुख करते थे, लेकिन अब सख्ती बढ़ने से आवाजाही कम हो गई है।

    इसका सीधा असर सीमाई व्यापार पर पड़ा है। भारतीय बाजारों में ग्राहकों की संख्या घटी है, वहीं नेपाली कस्बों में छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। नेपाल के सीमा क्षेत्रों में इस समय आर्थिक दबाव, महंगाई और राजनीतिक अनिश्चितता का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।

    यह भी पढ़ें- सुदन गुरुंग के इस्तीफे से राजनैतिक अस्थिरता के मुहाने पर नेपाल, बालेन शाह सरकार पर दबाव बढ़ा

    कृष्णानगर के अजीत कौसल, अजीत सिंह, बिपिन गुप्ता, प्रशांत गुप्ता और आशीष बाजोरिया का कहना है कि यदि नए भंसार नियमों का जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में महंगाई और गंभीर रूप ले सकती है। लोगों का कहना है कि गृहमंत्री के इस्तीफे के बाद प्रशासनिक सख्ती और बढ़ गई है। सामानों की जांच में ज्यादा समय लग रहा है, जिससे आमजन को दिक्कत हो रही है।

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    स्थानीय लोगों के मुताबिक व्यवसायियों से रुपये लेकर भूमि खरीदने के मामले में सूदन गुरुंग का नाम सामने आने के बाद उन पर दबाव बढ़ा और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि सीमाई क्षेत्रों के नागरिकों को बालेन शाह सरकार से अब भी काफी उम्मीदें हैं।

    लोगों का मानना है कि जनहित को देखते हुए सरकार भंसार नियमों में कुछ नरमी बरत सकती है, ताकि सीमाई क्षेत्रों के लोगों और व्यापारियों को राहत मिल सके। फिलहाल सीमा क्षेत्र में हर कोई सरकार के अगले कदम पर नजर टिकाए हुए है।