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    सिद्धार्थनगर में नवजात की मौत के बाद एक्शन, अस्पताल संचालक व स्टाफ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज

    Updated: Wed, 27 May 2026 02:21 PM (IST)

    सिद्धार्थनगर के इटवा में एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत और मां की गंभीर स्थिति के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। अस्पताल स ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत।

    2. अयोग्य डॉक्टर व स्टाफ पर लापरवाही का आरोप।

    3. अस्पताल संचालक व स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज।

    जागरण संवाददाता, इटवा, (सिद्धार्थनगर)। निजी अस्पताल में बिना योग्य डाक्टर के प्रसव पीड़ित महिला का अापरेशन करने और नवजात की मृत्यु के मामले में पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने वादी की तहरीर पर जनता सेवा हास्पिटल इटवा के संचालक और स्टाफ के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

    जनता सेवा अस्पताल में ग्राम सहदेइया निवासी चंद्रमणि की पत्नी वंदना को प्रसव पीड़ा के दौरान भर्ती कराया गया। स्टाफ ने योग्य डॉक्टर से उपचार कराने का आश्वासन दिया। मगर पीड़ित ने आरोप लगाया कि बगैर किसी जांच और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ तथा बिना सर्जन एवं एलनिस्थीसिया व बगैर स्त्री रोग विशेषज्ञ के आपरेशन कर प्रसव करा दिया गया। नवजात शिशु पैदा हुआ और देखभाल की लापरवाही के कारण उसकी मृत्यु हो गई। बच्चे की मां की स्थिति भी गंभीर हो गई। जिसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूरा प्रकरण 23 मई की रात को हुआ।

    इसके बाद पीड़ित चंद्रमणि ने थाने पर तहरीर देते हुए आवश्यक कार्यवाही की मांग की। पुलिस ने तहरीर के हिसाब से अस्पताल के संचालक और स्टाफ के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया। प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विधिक कार्यवाही की जा रही है।

    एसीओ, डिप्टी सीएमओ व अधीक्षक की टीम करेगी जांच
    मौत के मामले में सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा की तीन सदस्यीय टीम ने जनता सेवा हास्पिटल की जांच की, जहां संचालक व कोई डाक्टर नहीं मिले। वहीं इस प्रकरण को मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रजत कुमार चौरसिया ने संज्ञान में लेते हुए तीन सदस्यीय टीम गठित करते हुए एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिए हैं। टीम में एसीएमओ डा. आर.जी. सिंह, डिप्टी सीएमओ डा. आशीष कुमार अग्रहरि व इटवा सीएचसी अधीक्षक डा. संदीप द्विवेदी शामिल हैं।

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    पहले भी अस्पताल रहा चर्चा में
    उक्त अस्पताल पहले भी चर्चा में रहा। जिला स्तरीय टीम की जांच में कमी मिलने पर दो-दो बार अस्पताल सील किया गया। मगर फिर इसका नाम बदल कर संचालन किया जाने लगा। पहले सेवा हास्पिटल, फिर न्यू सेवा हास्पिटल और वर्तमान में जनता सेवा के नाम से हॉस्पिटल संचालित है। इस बार यहां नवजात की मृत्यु में जिस प्रकार लापरवाही बरती गई, वह गंभीर विषय है। मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया है, मगर अभी तक हॉस्पिटल को सील नहीं किया गया है।