सिद्धार्थनगर में भाजपा कार्यकर्ता पिटाई प्रकरण में एक्शन, त्रिलोकपुर के नायब दारोगा निलंबित
सिद्धार्थनगर के त्रिलोकपुर थाने के नायब दारोगा विशेश्वर प्रसाद को भाजपा कार्यकर्ता गुलशन कश्यप से मारपीट के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधी ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
नायब दारोगा विशेश्वर प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
भाजपा कार्यकर्ता गुलशन कश्यप से मारपीट का आरोप लगा।
पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी की चेतावनी के बाद हुई कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, इटवा, (सिद्धार्थनगर)। त्रिलोकपुर थाने में तैनात नायब दारोगा विशेश्वर प्रसाद को भाजपा कार्यकर्ता से कथित अभद्रता व मारपीट के आरोप में पुलिस अधीक्षक डा. अभिषेक महाजन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई।
निलंबन आदेश में उप निरीक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी प्रस्तावित होने की बात कही गई है। घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। पूर्व मंत्री डा. सतीश द्विवेदी का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसमें उन्होंने कार्रवाई नहीं होने पर त्रिलोकपुर थाने में धरने पर बैठने की चेतावनी दी थी।
बताया जाता है कि बेव मुस्तहकम निवासी भाजपा कार्यकर्ता गुलशन कश्यप को किसी विवाद के सिलसिले में थाने बुलाया गया था। आरोप है कि इसी दौरान नायब दारोगा ने उनके साथ मारपीट की। घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर अकारण पिटाई और मनमानी का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया।
सूचना मिलने पर पूर्व मंत्री डा. सतीश द्विवेदी समर्थकों के साथ त्रिलोकपुर थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक डा. अभिषेक महाजन से स्पीकर फोन पर बातचीत करते हुए तत्काल निलंबन की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच पूरी होने का इंतजार नहीं करेंगे और जब तक संबंधित दारोगा के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होगी, तब तक थाने में ही बैठे रहेंगे।
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इसके बाद पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई। इसी बीच पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर उप निरीक्षक विशेश्वर प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि प्रथम दृष्टया सामने आए तथ्यों के आधार पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
दो पक्षों के बीच विवाद था। दोनों को थाने बुलाकर समझौता कराया गया था। समझौते के दौरान एक पक्ष के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने की शिकायत मिली थी। जांच के बाद रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को भेजी गई, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
-बृजेश कुमार वर्मा, क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज।