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    बस चालक की लापरवाही से छूटी थी विदेश जा रहे युवक की फ्लाइट, अब परिवहन निगम को देना होगा 63700 का जुर्माना

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 03:30 AM (IST)

    सीतापुर उपभोक्ता फोरम ने चालक की लापरवाही से हुई बस दुर्घटना के मामले में परिवहन निगम पर 63,700 रुपये का जुर्माना लगाया है। ...और पढ़ें

    यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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    HighLights

    1. चालक की लापरवाही से बस दुर्घटनाग्रस्त हुई।

    2. युवक की विदेश में नौकरी की फ्लाइट छूटी।

    3. उपभोक्ता फोरम ने परिवहन निगम पर जुर्माना लगाया।

    संवाद सूत्र, सीतापुर। चार वर्ष पहले चालक की लापरवाही से परिवहन निगम (रोडवेज) की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इससे विदेश में नौकरी की ज्वाइनिंग के लिए जा रहे युवक की फ्लाइट छूट गई थी। युवक ने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया था।

    बुधवार को फोरम ने निर्णय सुनाते हुए परिवहन विभाग पर 63,700 का जुर्माना लगाया है। फ्लाइट के टिकट की यह धनराशि युवक को छह प्रतिशत ब्याज के साथ दी जाएगी। इसके अलावा निगम वादकारी युवक को मानसिक प्रताड़ना और वाद का खर्च भी देगा।

    नगर के मुहल्ला सुदामापुरी के अंशुल सहाय का चयन यूरोप के माल्टा के द ग्रैंड होटल में हुआ था। तीन अगस्त 2022 को वह यूपी 78 एफएन 9549 से दिल्ली जा रहे थे। यात्रा शुरू होने के कुछ ही देर बाद चालक ने तेज गति से लापरवाही पूर्वक बस चलानी शुरू कर दी।

    यात्रियों ने विरोध भी किया, लेकिन चालक पर इसका असर नहीं हुआ। पिरई पुल के पास बस अनियंत्रित होकर पलट गई थी। इसमें कई यात्रियों को चोटें आईं, जबकि अंशुल बस के अंदर फंस गए थे। कड़ी मशक्त के बाद वह बाहर निकल पाए थे। इसके चलते वह निर्धारित समय में दिल्ली नहीं पहुंच सके और फ्लाइट छूट गई थी।

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    नौकरी भी हाथ से निकल गई थे। अंशुल सहाय ने अधिवक्ता विजय कुमार गुप्त के माध्यम से 13 दिसंबर 2022 को जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल किया था। फोरम के अध्यक्ष अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव, सदस्य विभा तिवारी एवं देवकांत त्रिपाठी ने बुधवार को निर्णय सुना दिया।

    फोरम ने परिवहन निगम को फ्लाइट टिकट की 63,700 की राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त मानसिक एवं शारीरिक पीड़ा के लिए 10,000 और वाद व्यय के रूप में 5000 रुपये अदा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

                                                                                         विजय कुमार गुप्ता, अधिवक्ता