सीतापुर में असरफ मंजिल पर नोटिस चस्पा, कब्जेदारों को दस जुलाई को रखना होगा पक्ष
सीतापुर के सिविल लाइन स्थित असरफ मंजिल पर प्रशासन ने नोटिस चस्पा कर कब्जेदारों को 10 जुलाई तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। 25 बीघा नजूल भूमि पर ...और पढ़ें
-1782733019533_m.webp)
असरफ मंजिल पर नोटिस चस्पा।
संवाद सूत्र, सीतापुर। शहर का सिविल लाइन मुहल्ला सोमवार को एकबार फिर चर्चा में रहा। प्रशासन ने यहां की असरफ मंजिल के नाम से विख्यात पुरानी इमारत पर नोटिस चस्पा करा दी। साथ ही कब्जेदारों से दस जुलाई तक अपना पक्ष जिलाधिकारी न्यायालय में रखने के निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन की ओर से एक ही सप्ताह के भीतर सिविल लाइन मुहल्ले में की गई यह एक बड़ी कार्रवाई है। इसलिए इसको लेकर पूरे दिन शहरभर में चर्चा होती रही।
इमारत के अलावा फुलवारी, मस्जिद आदि 25 बीघे में फैली है, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। इस भूमि का उपयोग बन रहे नये जिला अस्पताल के परिसर विस्तार के रूप में किया जा सकता है।
25 बीघे में स्थित है असरफ मंजिल
सिविल लाइन की नजूल भूमि पर 25 बीघा में फैली मशहूर असरफ मंजिल परिसर में फुलवारी और एक मस्जिद स्थित है, भूरे परिसर की कीमत 50 करोड़ से ऊपर आंकी जा रही है। इस भूमि का आवंटन ब्रिटिश काल में वर्ष 1906 में तत्कालीन व्यवस्था के तहत बंगला मुंशी के लिए किया गया था।
लंबे समय से इस भूमि के पट्टे का नवीनीकरण नहीं कराया गया, जिसके चलते प्रशासन ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई शुरू की है।सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे तहसील प्रशासन के अधिकारी पुलिस बल के साथ पुरानी अशरफ मंजिल पहुंचे। भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारियों ने कब्जेदारों को बुलवाया और नोटिस थमा दी।
इसके अलावा नोटिस को इमारत पर चस्पा भी कर दी। नोटिस के माध्यम से कब्जेदारों से 10 जुलाई तक जिलाधिकारी न्यायालय में पहुंचकर अपना पक्ष रखने को कहा है।
जिला अस्पताल के विस्तार के रूप में होगा प्रयोग
उप जिलाधिकारी जनार्दन ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर खाली कराई गई असरफ मंजिल की भूमि का उपयोग उसी के निकट बन रहे नवीन जिला अस्पताल परिसर को विस्तार देने के रूप में प्रयोग किया जाएगा।फिलहाल दस जुलाई तक का समय है, इसबीच कब्जेदार अपने प्रपत्रों, साक्ष्यों के साथ जिलधिकारी न्यायालय में पहुंचक अपना पक्ष रख सकते हैं।
खबरें और भी
एक ही सप्ताह मे दूसरी बड़ी कार्रवाई रही चर्चा का विषय
बीते करीब एक वर्ष से जिले में नूजन की भूमि पर जिला प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाईयां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। सबसे ज्यादा सिविल लाइन मुहल्ला है। करीब तीन वर्ष पहले तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज सिंह ने मेबल जोंस स्कूल की भूमि खाली कराते हुए नवीन जिला अस्पताल के लिए आवंटित किया था।
अब उसी के करीब में असरफ मंजिल को खाली कराया गया है। जबकि 24 जून को जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर के न्यायालय आदेश पर मिशन स्कूल पर नोटिस चस्पा की गई थी। एक ही सप्ताह में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई पूरे दिन चर्चा का विषय इसलिए बनी रही।