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    सीतापुर में आंधी-बारिश का कहर: खंभे और तार टूटने से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 1975 गांवों की बिजली गुल

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 03:54 PM (GMT+05:30)

    आंधी और बारिश के कारण सीतापुर जिले में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे 1975 गांवों में बिजली गुल हो गई है। ...और पढ़ें

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    जागरण टीम, सीतापुर। आंधी व बारिश से जिले की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। शहर के एबीडी कालोनी के पास एलटी लाइन का तार टूट गया, जिसके चलते करीब चार घंटे रोटी गोदाम फीडर बंद रहा। प्रेमनगर फीडर जाने वाली लाइन का जंपर कटने से दो घंटे आपूर्ति बाधित रही है।

    वहीं, विभिन्न स्थानों पर बिजली के खंभे व तार टूट गए हैं। इससे 1975 गांवों की बिजली गुल हो गई है। बारिश रुकने के बाद विभागीय अधिकारी व कर्मी फाल्ट को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।

    बारिश होने से लोगों को गर्मी की अधिक समस्या नहीं हुई। हालांकि, लगातार बिजली गुल होने से लोगों के घरों में बिजली उपकरण जरूर बंद हो गए और लोगों को पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ा।

    सिटी उपकेंद्र के रोटी गोदाम फीडर के एबीडी कालोनी में सुबह छह बजे के करीब घरेलू लाइन का तार टूट गया। रुक-रुककर हो रही हल्की बारिश के चलते सुबह दस बजे के करीब फाल्ट दूर की जा सकी।

    इसी तरह प्रेमनगर फीडर जाने वाली लाइन का जंपर टूटने से सिविल लाइल, प्रेमनगर, बट्सगंज, वाल्दा कालोनी सहित करीब दस मुहल्लों की आपूर्ति दोपहर एक से तीन बजे तक बाधित रही।

    बिसवां वितरण खंड के भिठौली गांव पेड़ गिरने से तीन खंभे टूट गए हैं। इसी तरह कमलापुर में आठ, रेउसा में चार, हरगांव में पांच, मिश्रिख में 12 खंभे टूट गए हैं। इससे विभिन्न वितरण खंड के 1975 गांवों की आपूर्ति ठप हो गई है। बारिश रुकने के बाद लाइन पर टीम पेट्रोलिंग कर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास कर रही है।

    नगवापेडी फीडर बंद होने से आपूर्ति ठप

    संदना: सरवा उपकेंद्र के नगवापेडी फीडर में बुधवार की शाम से ब्रेकडाउन होने से उपभोक्ता परेशान हैं। गांव के अनिल, राजेश, अमित, विनोद ने बताया कि बीस घंटे से अधिक समय से फीडर बंद हैं। उपकेंद्र से लेकर कर्मियों को बिजली कटौती के बारे में जानकारी दी गई है, लेकिन कोई निस्तारण नहीं हो सका है।

    बिजली न होने से घरों में लगे फ्रिज ,टीबी ,कूलर, पंखे व समर पंप बिजली के अभाव में बेकार हो गये है। अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि नगवापेडी फीडर की लाइन जर्जर होने के चलते चल नहीं पा रही है।

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    दो वर्ष बाद भी नहीं बदले खंभे व तार

    ढकिया : महोली उपकेंद्र क्षेत्र के परसेहरा गांव में करीब दो वर्ष पहले बिजली के खंभे व तार टूट गए थे, जिसे अब तक ठीक नहीं कराया गया है। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के निवासी कुनेंद्र यादव ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी से शिकायत की गई है, जिसके बाद भी निस्तारण नहीं हो सका है।

    आंधी व बारिश से जिले के विभिन्न स्थानों पर खंभे और तार टूट गए हैं। दिनभर रुक-रुक बारिश होने से लाइन पर पेट्रोलिंग करने में समस्या आ रही है। जल्द ही आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
    ललित कृष्ण, अधीक्षण अभियंता-बिजली