सीतापुर में तीन शवों के गांव पहुंचते ही मचा कोहराम, एक ही चिता पर मां-बेटे का हुआ अंतिम संस्कार
सीतापुर में सड़क हादसे में मां-बेटे समेत तीन लोगों की मौत से अरथाना गांव में मातम छा गया। रेखा और उनके बेटे हिमांशु को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई, ज ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, सीतापुर। अरथाना में शाम को चार बजे हिमांशु, रेखा व सुनीता के शव पहुंचे तो चारों तरफ चीख पुकार मच गई । रेखा व पुत्र हिमांशु को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई। यह देखकर सभी की आंखें नम थीं। वहीं, सुनीता का अंतिम संस्कार सोमवार सुबह होना तय है।
सुनीता अपनी बेटी सौम्या की शादी खोज रही थीं। पति जयशंकर बिसवां चीनी मिल में सुरक्षा गार्ड हैं। छोटा बेटा आदर्श प्राइवेट नौकरी करता है। सुनीता के परिवार में सोमवार को चंद्र प्रकाश की बेटी की शादी व पड़ोस के जितेंद्र का तिलक समारोह है। हादसे के बाद शादी का माहौल गम में डूब गया है। घटना से पूरा गांव सदमे में है।
मातम में बदलीं खुशियां, जल्दी विदा हुई बरात
महोली: लखीमपुर के बगहा निवासी सत्येंद्र कुमार अपनी पत्नी सरिता व भाभी मैना देवी के साथ शनिवार शाम पाल्हापुर में अपने मौसा छत्रपाल वर्मा की पौत्री के विवाह कार्यक्रम में आए थे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद देर रात 12 बजे अपने घर बगहा के लिए निकल गए।
एक बजे सूचना मिली सतेंद्र व सरिता की मार्ग दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। इससे परिवार में चीख पुकार मच गई। खुशियां मातम में बदल गई। किसी तरह विवाह की रस्में हुई। सुबह होते ही बारात जल्दी विदा कर दी गई। इसके बाद छत्रपाल का पूरा परिवार बगहा चला गया।
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तीन शव पहुंचे, मचा कोहराम: मां-बेटे को एक चिता पर मुखाग्नि
सीतापुर: अरथाना में हिमांशु, रेखा और सुनीता के शवों के पहुंचते ही चारों ओर चीख-पुकार मच गई। रेखा और उनके पुत्र हिमांशु को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई। सुनीता का अंतिम संस्कार सोमवार को होना तय है। सुनीता अपनी बेटी सौम्या की शादी की तैयारी कर रही थीं।
उनके पति जयशंकर बिसवां चीनी मिल में सुरक्षा गार्ड हैं। हादसे के कारण शादी का माहौल गम में बदल गया है। महोली में सत्येंद्र कुमार और उनकी पत्नी सरिता की सड़क दुर्घटना में मृत्यु से परिवार में मातम छा गया। विवाह की रस्में अधूरी रह गईं।