एनसीएल की एफएमसी परियोजनाओं से सड़क पर घटेगा कोयला परिवहन, प्रदूषण भी होगा कम
एनसीएल अपनी फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) परियोजनाओं के माध्यम से कोयले के सड़क परिवहन को कम कर रहा है, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी और परिवहन अधिक स ...और पढ़ें

एनसीएल की एफएमसी परियोजनाओं से सड़क पर घटेगा कोयला परिवहन।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
मुकेश चंद्र श्रीवास्तव, सोनभद्र। ऊर्जा उत्पादन कंपनियों तक कोयला पहुंचाने में अब सड़क मार्ग का उपयोग नाम मात्र ही रह जाएगा। कोयले का परिवहन भी सुरक्षित होगा और प्रदूषण के स्तर को भी कम किया जाएगा।
यह कार्य नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की ओर से किए जा रहे नवाचार से संभव हो जाएगा। इसके लिए एनसीएल की ओर से फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) परियोजनाओं का विकास किया जा रहा है।
इसके माध्यम से खदानों के पिटहेड (जहां से कोयला निकलता है) से डिस्पैच प्वॉइंट (जहां भेजना है) तक कोयले के परिवहन की संपूर्ण प्रक्रिया को मशीनीकृत एवं आधुनिक बनाया जा रहा है।
इससे पारंपरिक सड़क आधारित परिवहन पर निर्भरता कम होगी तथा कोयला प्रेषण अधिक कुशल, सुरक्षित होगा और प्रदूषण का स्तर भी कम होगा। साथ ही समय व खर्च की भी बचत होगी।
एनसीएल उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में संचालित अपनी 10 अत्याधुनिक खुली खदानों से प्रतिवर्ष 137 मिलियन टन से अधिक कोयले का उत्पादन एवं प्रेषण कर रही है।
एफएमसी परियोजनाओं के तहत उच्च क्षमता वाले कन्वेयर सिस्टम से खदानों से क्रश्ड कोयले का परिवहन किया जाता है तथा कम्प्यूटरीकृत साइलो (स्वचालित भंडारण) के माध्यम से रेल रैक में स्वचालित लोडिंग की व्यवस्था की जाती है।
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वर्तमान में कंपनी की एफएमसी परियोजनाओं की कुल स्थापित क्षमता 116 मिलियन टन प्रतिवर्ष (एमटीपीए) है। इसके अलावा निकट भविष्य में अतिरिक्त 13.5 एमटीपीए बढ़ाकर एनसीएल की कुल क्षमता 129.5 एमटीपीए तक पहुंचाने की योजना है।
साथ ही सभी एफएमसी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद एनसीएल अपने 92 प्रतिशत कोयले का प्रेषण मशीनीकृत रेल लोडिंग प्रणाली के माध्यम से करने लगेगा। इससे कोयला परिवहन में प्रयुक्त सड़क वाहनों की संख्या में कमी आएगी, सड़क यातायात का दबाव घटेगा तथा सिंगरौली परिक्षेत्र में धूल एवं वायु प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। साथ ही कोयले की लोडिंग एवं प्रेषण प्रक्रिया तेज, सुरक्षित बनेगी।
एनसीएल जनसंपर्क अधिकारी रामविजय सिंह ने कहा एनसीएल देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ पर्यावरण-अनुकूल एवं आधुनिक कोयला परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कार्यरत है। हरित एवं मशीनीकृत कोयला प्रेषण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए एफएमसी परियोजनाओं का विकास किया जा रहा है।