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    सोनभद्र में ओवरब्रिज के नीचे बनेगा आधुनिक वेंडर जोन, निर्माण के लिए 89.59 लाख रुपये मंजूर

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 02:00 AM (IST)

    सोनभद्र के राबर्ट्सगंज में ओवरब्रिज के नीचे आधुनिक वेंडर जोन विकसित किया जाएगा, जिसके लिए एनसीएल ने सीएसआर योजना के तहत 89.59 लाख रुपये की मंजूरी दी ह ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. राबर्ट्सगंज में ओवरब्रिज के नीचे बनेगा आधुनिक वेंडर जोन।

    2. एनसीएल ने सीएसआर के तहत 89.59 लाख रुपये किए मंजूर।

    3. यातायात सुधरेगा, अतिक्रमण घटेगा और वेंडरों को मिलेगा स्थायी स्थान।

    जागरण संवाददाता, सोनभद्र। राबर्ट्सगंज नगर में सड़क किनारे लगने वाले ठेले, पटरी दुकानों और स्ट्रीट वेंडरों की अव्यवस्था अब जल्द खत्म होती दिख रही है। नगर के ओवरब्रिज के नीचे आधुनिक वेंडर जोन विकसित किया जाएगा।

    नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने सीएसआर योजना के तहत इस परियोजना के लिए 89.59 लाख रुपये की मंजूरी दी है। परियोजना पूरी होने के बाद स्ट्रीट वेंडरों को एक सुरक्षित, व्यवस्थित और स्थायी स्थान मिलेगा, जिससे सड़कों पर अतिक्रमण कम होगा और यातायात व्यवस्था भी सुधरेगी।

    जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि नगर क्षेत्र में लंबे समय से सड़क किनारे बिखरे ढंग से लगने वाली दुकानों के कारण यातायात और पैदल आवागमन प्रभावित होता था। वेंडर जोन बनने से इन समस्याओं का स्थायी समाधान होगा। इसके साथ ही नगर की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और आमजन की सुविधा में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।

    बताया कि परियोजना का क्रियान्वयन एनसीएल मुख्यालय के सीएसआर विभाग और जिला प्रशासन के बीच होने वाले एमओयू के तहत किया जाएगा। स्वीकृत धनराशि चरणबद्ध तरीके से जारी होगी।

    कार्य की निगरानी निर्धारित मानकों के अनुसार की जाएगी। एनसीएल ने उप प्रबंधक (सीडी) राजाराम यादव को परियोजना प्रबंधक नामित किया है। मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    यातायात और सौंदर्यीकरण दोनों को मिलेगा लाभ

    वेंडर जोन बनने के बाद सड़क किनारे लगने वाले ठेले और पटरी दुकानें निर्धारित स्थान पर संचालित होंगी। इससे मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण कम होगा, यातायात सुचारु रहेगा और पैदल चलने वालों को भी राहत मिलेगी। नगर क्षेत्र में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

    जिला प्रशासन का मानना है कि यह पहल स्ट्रीट वेंडरों की आजीविका को स्थायित्व देने के साथ राबर्ट्सगंज को अधिक व्यवस्थित और सुविधायुक्त शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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