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    Ganga Expressway का 'मास्टर प्लान': न जमीन लेनी होगी, न होगी तोड़फोड़; 6 से सीधे 8 लेन हो जाएगा यह एक्सप्रेसवे, जानें कैसे

    Updated: Tue, 28 Apr 2026 11:38 PM (IST)

    गंगा एक्सप्रेसवे को भविष्य में बिना अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण या तोड़फोड़ के छह से आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इसके लिए एक्सप्रेसवे के आंतरिक मार् ...और पढ़ें

    सफीपुर क्षेत्र से निकाली गंगा एक्सप्रेसवे। जागरण

    सफीपुर क्षेत्र से निकाली गंगा एक्सप्रेसवे। जागरण

    HighLights

    1. गंगा एक्सप्रेसवे के आंतरिक मार्ग हिस्से में अतिरिक्त रखा गया है 15 मीटर स्थान

    2. जब भी होगा एक्सप्रेसवे का चौड़ीकरण वाह्य विस्तार की नहीं पड़ेगी जरूरत

    3. फिलहाल 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मुख्य रूप से छह लेन चौड़ा 

    ब्रजेश शुक्ला, उन्नाव। अत्याधुनिक निर्माण विधि, एआई उपकरण व मशीनों के प्रयोग से बनाया गया गंगा एक्सप्रेसवे का काम जनपद में लगभग पूरा है। जिसका हरदोई जनपद से 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकार्पण कर जनता को निर्बाध यातायात की सुविधा देने जा रहे हैं। वहीं भविष्य में इसके विस्तारीकरण के लिए एक खास विशेषता भी है।

    गंगा एक्सप्रेसवे को जब भी भविष्य में छह से आठ लेन करने की जरूरत होगी तो इसके लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता, मिट्टी भराई, तोड़फोड़ जैसी निर्माण गतिविधि कुछ नहीं करनी पड़ेगी। फिलहाल छह लेन का मार्ग अभी बनाया गया है लेकिन भविष्य में आठ लेन करने के लिए एक्सप्रेसवे के अंदर ही 15 मीटर अतिरिक्त मिट्टी भराई से संतृप्त भूमि का बंदोबस्त है। जिस पर कभी भी जरूरत पड़ने पर दोनों ओर एक-एक लेन का विस्तार करते हुए गंगा एक्सप्रेसवे को आठ लेन में तब्दील किया जा सकेगा। इसके लिए किसी प्रकार हमें बाहरी विस्तार करने की आवश्यकता नहीं होगी।

    गंगा एक्सप्रेसवे के एजीएम पुष्पद ने बताया कि अब तक बने एक्सप्रेसवे मार्गों में गंगा एक्सप्रेसवे उक्त विशेष व्यवस्था के कारण बिलकुल अलग व अनोखा होगा। एजीएम ने बताया कि विशेषता के तहत अब तक जितने एक्सप्रेसवे बने (कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे भी इसमें शामिल) उनकी मौजूद चौड़ाई के बाद आगे जरूरत पड़ने पर यदि चौड़ाई के लिए लेन बढ़ाई जाएंगी तो इसके लिए संबंधित निर्माण एजेंसी को बने बनाए एक्सप्रेसवे के दोनों साइडों पर भूमि प्रबंध, तोड़फोड़ करने, इसके बाद बढ़ाई जा रही चौड़ाई वाले स्थान पर मिट्टी भराने के बाद बाहरी विस्तार के साथ नया निर्माण करने की मजबूरी होगी। इसके लिए उन्हें वाह्य विस्तारीकरण की मजबूरी होगी। वहीं गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तारीकरण का काम आंतरिक बंदोबस्त के तहत होगा।

    किस प्रकार होगा आंतरिक विस्तारीकण

    फिलहाल 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मुख्य रूप से छह लेन चौड़ा है। जिसकी प्रत्येक लेन पौने चार मीटर चौड़ी है। इसके अलावा बीच में पांच मीटर का डिवाइडर शामिल है। गंगा एक्सप्रेसवे की कुल राइट-आफ-वे (रो) चौड़ाई लगभग 120 मीटर है। इसमें प्रति लेन 3.75 मीटर की चौड़ाई के साथ ही 3.75 मीटर चौड़े पक्के कंधे (पेव्ड शोल्डर) और भी शामिल है।

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