Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    UP के लिए खास है Lucknow-Kanpur Expressway, 2 नेशनल हाईवे, 1 एक्सप्रेसवे और रिंग रोड से कनेक्ट, जानिए इसके सभी बड़े फायदे

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 10:38 PM (IST)

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे ने यात्रा का समय 2-3 घंटे से घटाकर 35-45 मिनट कर दिया है। यह दो राष्ट्रीय राजमार्गों, एक एक्सप्रेसवे और रिंग रोड से जुड़कर उन् ...और पढ़ें

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर खड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी व उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (दाएं से बाएं)। सूचना विभाग

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर खड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी व उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (दाएं से बाएं)। सूचना विभाग

    HighLights

    1. एनएच 27 व अन्य मार्गों से लखनऊ से कानपुर के सफर में लगते हैं 2-3 घंटे

    2. लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे से महज 30-45 मिनट में पूरा होगा यही सफर

    3. उद्यमी, जनता और व्यापारियों को पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग के जाम से मिली मुक्ति

    जागरण संवाददाता, उन्नाव। राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से अमूमन कानपुर-लखनऊ के बीच वाया सड़क यात्रा में वाहन सवारों को दो से तीन घंटे का समय लगता रहा है। अब अत्याधुनिक एआइ तकनीकी, ज्यूरिख व जापानी की मशीनों से छह लेन के बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से यही सफर महज 35 से 45 मिनट के अंदर पूरा होगा। जो के एनएच के मुकाबले लगभग 60 प्रतिशत समय बचाएगा।

    उन्नाव के पुरवा विधानसभा व सदर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़री खुर्द के मजरे झाऊखेड़ा से एक्सप्रेसवे के 51 किमी पर रेस्ट एरिया की संरक्षित एनएचएआई की भूमि से यह एक्सप्रेसवे जनता को अर्पित करने की कवायद पूरी की गई। उन्नाव में लोकार्पण स्थल पड़री खुर्द नेवरना में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे व गंगा एक्सप्रेसवे का क्रास है। जो रेस्ट एरिया से लगभग दो किमी दूर है।

    उन्नाव में ग्रीन फील्ड एरिया

    उन्नाव में एक्सप्रेसवे की लंबाई 45 किमी की है जो ग्रीन फील्ड एरिया है। वहीं लखनऊ में लगभग 18 किमी का एलीवेटेट एक्सप्रेसवे मार्ग है। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ के 11 उन्नाव के 32 कुल 43 गांवों से होकर निकला है।

    मंगलवार से खुल जाएंगे सभी प्रवेश निकास रास्ते

    एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन हो सके, इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) इसके प्रवेश व निकास द्वार मंगलवार सुबह से खोल देगा। इसी के साथ एनएचएआइ अगले तीन माह तक वाहनों से टोल वसूलेगी।

    खबरें और भी

    Lucknow Kanpur Expressway

    दो एनएच, एक एक्सप्रेसवे व एक रिंग रोड से जुड़ रहा अवध एक्सप्रेसवे

    एक्सप्रेसवे कानपुर-लखनऊ एनएच, उन्नाव-लालगंज एनएच, गंगा एक्सप्रेसवे, आउटर रिंग रोड से कनेक्ट किया गया है। जिससे जनपद के पांच औद्योगिक आस्थानों के लिए यह बेहद मुफीद होगा। यहां स्थापित 2686 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के आयात निर्यात, उत्पादन, कच्चे व बने माल की आवक व ढुलाई में बेहद सहयोगी होगा।

    विकास में अहम एक्सप्रेसवे

    उद्यमी व चैप्टर चेयरमैन आइआइए एके माहेश्वरी, पूर्व चेयरमैन जीएन मिश्र आदि ने एक्सप्रेसवे को जनपद के उद्यम विकास को अहम बताया है। वर्तमान में यह छह लेन है लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे आठ लेन भी किया जा सकता है। एक्सप्रेसवे के दाएं व बाएं अभी काफी जमीन एनएचएआइ ने भविष्य की योजनाओं के लिए छोड़ रखी है।

    lucknow kanpur expressway inaugurated

    इसलिए खास है एक्सप्रेसवे

    लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे के अलावा इसका नाम अवध एक्सप्रेसवे व एनई-छह है। आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता (10 मिनट से भी कम समय में मदद) और वाहनों की निरंतर निगरानी के लिए उन्नत सर्विलांस और 126 कैमरे लगाए गए हैं। मार्ग को हरा-भरा रखने के लिए सड़कों के किनारे ग्रीन कारिडोर, वाकवे और पार्क विकसित किए जा रहे हैं। अभी इस एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को मिलने वाली रेस्ट्रा, ईवी चार्जिंग स्टेशन, पेट्रोल पंप व ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने में छह माह का समय लगेगा।

    एक्सप्रेसवे पर यहां हैं टोल प्लाजा

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव में तीन मुख्य स्थानों पर आजाद मार्ग चौराहा (उन्नाव/शुक्लागंज), कोरारी गांव (अचलगंज के पास) और अमरसस (लालगंज मार्ग) से चढ़ा व उतरा जा सकेगा। वहीं लखनऊ क्षेत्र में बनी व अन्य एक टोल प्लाजा है। जहां अन्य मार्गों से एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन के जरिए कनेक्टिविटी दी गई है।

    Lucknow Kanpur Expressway

    जिले में 380 कुल 483 हेक्टेयर जमीन का हुआ अधिग्रहण

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उन्नाव के 32 गांवों से होकर गुजर रहा है। एक्सप्रेसवे के लिए जिले के गांवों में 380 वहीं कुल 483 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत हुई।

    इन गांवों की भूमि हुई अधिग्रहीत 

    तहसील अधिग्रहीत भूमि वाले गांव
    हसनगंज हिनौरा, हसनापुर, बजेहरा
    पुरवा तूरीछविनाथ, रायपुर, मैदपुर, मनिकापुर, तूरीराजासाहब, बछौरा, सरइया, कांथा, कुदिकापुर, बीकामऊ, सहरावां, काशीपुर
    सदर मोहिद्दीनपुर, बेहटा, अमरसस, शिवपुर ग्रंट, बंथर, जगेथा, नेवरना, कडेर पतारी, आंटा, कोरारीकला, करौंदी, गौरीशंकरपुर ग्रंट, पाठकपुर, जरगांव, तौरा, अड़ेरुवा

      

    डिजिटल बोर्ड से जगमगा रहा एक्सप्रेसवे

    हर दस किमी पर चलने वाले वाहनों के बीच की 84 मी की दूरी, ड्राइविंग के दौरान सेलफोन न चलाएं, आपकी यात्रा मंगलमय हो जैसे संदेशों के डिजिटल बोर्ड एक्सप्रेसवे को ओर जगमगा रहे हैं आदि के डिजिटल बोर्ड से एक्सप्रेसवे जगमग है।

    63 किमी में 23 स्थानों पर ईसीबी

    63 किमी के एक्सप्रेसवे पर प्रत्येक दो किमी पर एक ईसीबी (इमरजेंसी काल बूथ) है। जिस पर आपात स्थितियों में वाहन चालक एनएचएआइ द्वारा प्रदत्त् सेवाएं ले सकते हैं। यह सेवा काम कर रही है कि नहीं इसकी जांच जागरण टीम ने ईसीबी पर काल करके ली। जहां कांथा में स्थित एनएचएआइ के कंट्रोल रूम से फौरन काल अटेंड की गई।

    उद्यमी, जनता और व्यापारियों को जाम से मिली मुक्ति

    यह एक्सप्रेसवे दोनों बड़े महानगरों के बीच यात्रा के समय को बेहद कम कर देगा। अब तक लखनऊ से कानपुर जाने में लगने वाला दो से तीन घंटे का समय घटकर मात्र 45 से 50 मिनट रह जाएगा। इसके अलावा, पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर लगने वाले भारी जाम से भी उद्यमी, जनता और व्यापारियों को हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

    उन्नाव के रक्षा व उद्योग गलियारों को मिलेगा बल

    जनपद में गंगा एक्सप्रेसवे के निकट जहां सरांय कटियान में दो फेज के अंतर्गत औद्योगिक गलियारा बनाया गया है। वहीं बिछिया ब्लाक मैंता और बनिगवां गांव में बनने वाले रक्षा कारीडोर संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी का काम करेगा।

    कार 120 तो भारी वाहन 100 की स्पीड में दौड़ेंगे

    वहीं इस सड़क पर चलने वाली कार व भारी वाहनों के लिए गति मानक तय किए गए हैं। एनएचएआइ पीडी नकुल वर्मा ने बताया कि इस मार्ग पर कार की अधिकतम गति सीमा जहां 120 किमी प्रति घंटा है। वहीं सड़क पर भारी वाहन ट्रक, डंपर बस इत्यादि को चलने के लिए 100 किमी प्रति घंटा गति निर्धारित है। मार्ग पर बाइक, आटो, ई रिक्शा व साइकिल आदि पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।

    पड़री में 300 वर्ष पुराने बालेश्वरी मंदिर की बढ़ेगी ख्याति

    कार्यक्रम स्थल पड़री खुर्द में 300 वर्ष पुराना बालेश्वरी माता का मंदिर है। जिसे एक्सप्रेसवे संचालित होते ही और ख्याति मिलेगी।

    उन्नाव में अविकसित भूमि पर निर्माण

    सड़क मार्ग से लखनऊ से कानपुर की दूरी 93 किलोमीटर है और हवाई दूरी 77 किलोमीटर है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय दो घंटे से घटकर 45 मिनट हो जाएगा। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की लंबाई 63 किलोमीटर है। इसमें 18 किलोमीटर का एलिवेटेड रूट और 45 किलोमीटर का नया खंड अविकसित भूमि पर बनाया गया है।

    लखनऊ में एनएच के ऊपर तो उन्नाव में एनएच से 8.5 किमी है दूर

    यह एक्सप्रेसवे कानपुर और लखनऊ को जोड़ रहा है। कुछ स्थानों को छोड़कर दोनों शहरों को जोड़ने वाले एनएच-27 के समानांतर चल रहा है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद उन्नाव के बनी से पुरवा होकर आजाद मार्ग चौराहे पर आ रही यह सड़क नेशनल हाईवे से लगभग 8.5 किलोमीटर की दूरी है। वहीं बनी के बाद लखनऊ के शहीद पथ तक 18 किमी यह एक्सप्रेसवे एनएच के ऊपर ही है।

    74 किमी को लेकर हुआ भ्रम

    लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे जहां लखनऊ से उन्नाव के कडेर पतारी गांव तक कुल 63 किमी हैं। वहीं एक्सप्रेसवे पर किमी संख्या वाले बोर्ड उन्नाव में कडेर पतारी तक 74 किमी प्रदर्शित कर रहे हैं। जिस पर पीडी ने बताया कि ऐसा इसलिए है कि यह एक्सप्रेस वे उन्नाव की ओर लखनऊ से 10.980 किमी से शुरू हुआ है। इसीलिए 63 किमी का एक्सप्रेस वे 74 किमी बता रहा है।

    हरित उर्जा से जर्रा जर्रा सब्ज

    एक्सप्रेस पर ईसीबी से लेकर सभी प्रकार की प्रकाश, टोल, अंडरपास, पुलिया, पुल, डिजिटल बोर्ड आदि पर प्रकाश व उपकरण सोलर एनर्जी से प्रकाशमान हो रहे हैं। ऐसे में पर्यावरणीय मित्र होने का तमगा भी यह एक्सप्रेस वे हरित उर्जा का प्रयोग कर पा रहा है।

    जनता का ध्यान खींचते रहे एक लाइन से खड़े नौ बुलडोजर

    कार्यकम स्थल पर एक लाइन में खड़े नौ बुलडोजर जनता का ध्यान खींचते रहे। भीड़ में एक बच्चा इन्हीं बुलडोजरों को देखकर आइ लव बुलडोजर बाबा का गीत गुनगुनाता सुना गया।

    नितिन गडकरी को मिली प्राथमिकता

    सेफ हाउस से निकलकर फीता वाले स्थल की ओर जाते समय मुख्यमंत्री व रक्षामंत्री ने सड़क परिवहन मंत्री को प्राथमिकता दी। एक ही वाहन में बैठे इन मंत्रियों के बीच नितिन गडकरी आगे जबकि, योगी व राजनाथ सिंह पीछे बैठे।

    विधायक ने मांगा फोरलेन

    दही चौकी से मोहनलालगंज तक फोरलेन निर्माण की मांग व डिफेंस कारीडोर पुरवा में निर्माण की मांग क्षेत्रीय विधायक अनिल सिंह ने मंत्रियों से की।

    जनपद के महापुरुष के नाम पर हो एक्सप्रेस वे

    एक्सप्रेस का नाम उन्नाव जनपद के किसी महापुरुष के नाम से होना चाहिए। यह मांग कांग्रेस पार्टी के पूर्व शहर अध्यक्ष दिनेश शुक्ला ने की है। शुक्ला ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए अस्सी प्रतिशत जमीन उन्नाव जनपद की उपयोग में ली गई है और इस एक्सप्रेसवे का एक छोर चढ़ने व उतरने के लिए उन्नाव जनपद में ही है। कानपुर जनपद की एक इंच जमीन भी एक्सप्रेसवे में नहीं आती है। यह एक्सप्रेसवे उन्नाव जनपद की चार विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरा है इसलिए इसके नाम में उन्नाव जनपद का उल्लेख कर जनपद के महापुरुषों के नाम एक्सप्रेसवे का रखा जाए।

     परियोजना एक नजर में

     

    बिंदु विवरण
    प्रमुख संरचनाएं 3 बड़े पुल, 28 छोटे पुल, 38 अंडरपास और 6 फ्लाईओवर
    निर्माण अनुबंध मार्च 2022 में पीएनसी इंफ्राटेक को एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए 2 अनुबंध मिले
    कुल अनुमानित लागत 4,700 करोड़ रुपये
    उन्नाव क्षेत्र में लागत लगभग 1,600 करोड़ रुपये
    कुल लंबाई 62.764 किमी
    लेन 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित की जा सकती हैं)
    स्वामी एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण)
    परियोजना मॉडल ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन)

    यह भी पढ़ें- Lucknow Kanpur Expressway पर जाने से पहले जान लें ये नियम, कार इस गति से चलेगी, ये वाहन यहां पूरी तरह से प्रतिबंधित